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नौकरी न मिलने से परेशान सिविल इंजिनियर ने की आत्महत्या
Updated Mon, 07 May 2018 10:00 PM IST
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बेरोजगार इंजीनियर ने फंदा लगा जान दी
नौकरी न मिलने पर दिहाड़ी कर रहा था जतिंदर सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद भी नौकरी न मिलने के कारण दिहाड़ी करने को मजबूर गांव अकालगदढ़ के जतिंदर सिंह (26) ने घर के पास बने कमरे में छत से फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे घर से निकले जतिंदर का शव सोमवार की सुबह छत से लटकता मिला। बहन कुलविंदर कौर ने शव लटका देखकर शोर मचाया। थाना सुधार की पुलिस ने मृतक के पिता ओमप्रकाश के बयानों पर कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर वारिसों को सौंप दिया है।
पिता ओम प्रकाश ने बताया कि उनके बेटे जतिंदर सिंह ने सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद एक अन्य डिप्लोमा भी किया था। बेटे ने नौकरी के लिए तमाम कोशिशें कीं। उसे कही भी नौकरी नहीं मिली। इससे वह हताश हो चुका था। इतना पढ़ने के बाद भी उसे छोटा मोटा काम करने के साथ साथ दिहाड़ी भी करनी पड़ रही थी। ओम प्रकाश ने बताया कि चार भाई बहनों में सबसे छोटे जतिंदर को अपनी बहनों की शादी न होने का भी गम सताने लगा था।
पढ़ाई पूरी होने के बाद जतिंदर हमेशा कहता था कि नौकरी मिलने के बाद वह सब की शादियां करने के बाद ही खुद विवाह करेगा। तमाम कोशिशों के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे जतिंदर घर आया और कुछ देर बाद वापस आने का कह कर घर से चला गया। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब उनकी बेटी कुलविंदर कौर बाहर बने कमरे में गई तो जतिंदर का शव छत से लटक रहा था। उसके बाद थाना सुधार की पुलिस को सूचित किया गया। जतिंदर पिछले कुछ समय से एयरफोर्स स्टेशन हलवारा स्थित एमइएस की एक प्राइवेट ठेका कंपनी एनएससी में काम कर रहा था।
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नौकरी न मिलने पर दिहाड़ी कर रहा था जतिंदर सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद भी नौकरी न मिलने के कारण दिहाड़ी करने को मजबूर गांव अकालगदढ़ के जतिंदर सिंह (26) ने घर के पास बने कमरे में छत से फंदा लगाकर जान दे दी। रविवार देर रात करीब साढ़े नौ बजे घर से निकले जतिंदर का शव सोमवार की सुबह छत से लटकता मिला। बहन कुलविंदर कौर ने शव लटका देखकर शोर मचाया। थाना सुधार की पुलिस ने मृतक के पिता ओमप्रकाश के बयानों पर कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराकर वारिसों को सौंप दिया है।
पिता ओम प्रकाश ने बताया कि उनके बेटे जतिंदर सिंह ने सिविल इंजीनियरिंग करने के बाद एक अन्य डिप्लोमा भी किया था। बेटे ने नौकरी के लिए तमाम कोशिशें कीं। उसे कही भी नौकरी नहीं मिली। इससे वह हताश हो चुका था। इतना पढ़ने के बाद भी उसे छोटा मोटा काम करने के साथ साथ दिहाड़ी भी करनी पड़ रही थी। ओम प्रकाश ने बताया कि चार भाई बहनों में सबसे छोटे जतिंदर को अपनी बहनों की शादी न होने का भी गम सताने लगा था।
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पढ़ाई पूरी होने के बाद जतिंदर हमेशा कहता था कि नौकरी मिलने के बाद वह सब की शादियां करने के बाद ही खुद विवाह करेगा। तमाम कोशिशों के बाद भी उसे नौकरी नहीं मिली। रविवार रात करीब साढ़े नौ बजे जतिंदर घर आया और कुछ देर बाद वापस आने का कह कर घर से चला गया। सुबह साढ़े नौ बजे के करीब उनकी बेटी कुलविंदर कौर बाहर बने कमरे में गई तो जतिंदर का शव छत से लटक रहा था। उसके बाद थाना सुधार की पुलिस को सूचित किया गया। जतिंदर पिछले कुछ समय से एयरफोर्स स्टेशन हलवारा स्थित एमइएस की एक प्राइवेट ठेका कंपनी एनएससी में काम कर रहा था।
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