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पहले किया था महंत के साथ कुकर्म, फिर की गई थी गला दबा कर हत्या

Sun, 21 Oct 2018 10:21 PM IST
Updated Sun, 21 Oct 2018 10:21 PM IST
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पहले किया था महंत के साथ कुकर्म, फिर की गई थी गला दबा कर हत्या
पैरोल पर आए कैदी ने की थी युवक की हत्या
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पहले किया था कुकर्म, फिर परेन से गला घोटकर मार डाला
कुकर्म केस में दस वर्ष की कैद मिली थी परमजीत सिंह को
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। गांव ठक्करवार में हरदियाल सिंह की मोटर पर मृत पड़े मिले महंत कुमार (19) की हत्या उसी के साथी ने परने से गला दबा कर किया था। हत्या करने से पहले आरोपी ने कुकर्म किया। जब महंत शोर मचाने लगा तो गला दबा कर उसकी हत्या कर दी थी। हत्यारोपी की पहचान गांव ठक्करवार निवासी परमजीत सिंह (25) के रुप में हुई है। वह कुकर्म के एक मामले में दस साल की सजा भुगत रहा था और 15 दिन पहले ही 42 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया हुआ है। थाना सदर की पुलिस ने आरोपी परमजीत सिंह के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एडीसीपी 2 सुरिंदर लांबा ने बताया कि मूल रूप से बिहार के जिला पूर्णिया का रहने वाला महंत कुमार मजदूरी करता था। वह किराया बचाने के लिए हरदियाल सिंह की मोटर पर बने कमरे में ही रहता था और एक ठेकेदार के पास काम करता था। शनिवार की दोपहर को खाना खाने के लिए कमरे में आया था। जब वह वापस नहीं गया तो राजमिस्त्री उसे देखने के लिए गया। बाहर से कमरे को कुंडी लगी थी। राज मिस्त्री आवाजे लगाकर वापिस आ गया। रास्ते में हरदियाल सिंह मिला तो राजमिस्त्री ने उसे कहा कि वह काफी समय से महंत कुमार को ढूंढ रहा है। जब उसे मिले तो काम पर भेज दे। हरदियाल सिंह के खेत में धान कटाई का काम चल रहा था। वह कमरे में से सामान लेने के लिए अंदर घुसा तो अंदर महंत मृत पड़ा था। उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दी।
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एडीसीपी 2 ने बताया कि पुलिस ने इस मामले में कई थ्योरियों पर काम किया। आरोपी परमजीत सिंह से भी पूछताछ की गई। जब पुलिस ने परमजीत सिंह का सारा रिकार्ड खंगाला तो पता चला कि उसके खिलाफ संगरूर के थाना चीमा में 2015 में कुकर्म का मामला दर्ज हुआ था। दस साल के बबच्चे के साथ कुकर्म करने के मामले में आरोपी परमजीत सिंह को दस साल की सजा हुई थी। वह 15 दिन पहले 42 दिन की पैरोल लेकर जेल से बाहर आया था। वारदात वाले दिन आरोपी ने जबरदस्ती महंत के साथ कुकर्म किया। जब महंत ने शोर मचाया तो आरोपी ने अपने परने के साथ ही उसकी गला दबा कर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद आरोपी ने अपना परना उठाया और वहां बेडशीट रख दी, ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
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पहले भी कर चुका था कुकर्म की कोशिश
एडीसीपी लांबा ने बताया कि महंत अकेला रहता था। इसका फायदा उठाकर आरोपी परमजीत ने उउसके साथ पहले भी कुकर्म की कोशिश की थी। हत्या होने से एक दिन पहले महंत ने अपने भाई रवि को भी वहां बुलाया था, ताकि वह उसे परमजीत की हरकतों के बारे में बता सके। उसने रवि को बताया भी था कि वह काफी परेशान है, लेकिन वह पूरी बात नहीं बता पाया। रात को दोनों भाइयों ने खाना खाया और वहीं सो गए। शनिवार की सुबह रवि और महंत अपने काम पर चले गए। दोपहर को महंत खाना खाने के लिए आया तो वारदात हो गई।
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