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टो अवे के नाम पर पौने सात लाख रुपये हड़प करने वाले मुलाजिम पर मामला दर्ज
Updated Sun, 25 Feb 2018 10:32 PM IST
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टो अवे के नाम पर पौने सात लाख रुपये हड़पने वाले पर केस
पुलिस में भर्ती के नाम पर पांच लाख रुपये की कर चुका है ठगी
आरोपी अभी फरार, तलाश में जुटी है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पुलिस विभाग में भर्ती के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी मारने वाले एएसआई मलकीत सिंह पर पुलिस ने एक मामला और दर्ज किया है। इस बार वह किसी व्यक्ति से ठगी नहीं बल्कि अपने विभाग से ही ठगी मारने के नाम पर नामजद हुआ है। आरोपी एएसआई मलकीत सिंह ने ट्रैफिक पुलिस के टोइंग के 6.75 लाख रुपये हड़पने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है। हालांकि, अभी आरोपी पकड़ा नहीं गया है।
दरअसल, एक साल पहले सन 2016 में नो-पार्किंग करने वालों के खिलाफ लुधियाना शहर में दोबारा टो-अवे सिस्टम शुरू हुआ था। गाड़ियों को टो-अवे करने का कांट्रैक्ट परमजीत सिंह के पास था। उस समय टो-अवे का सिस्टम ट्रैफिक विभाग के एएसआई मलकीत सिंह के पास था। रोजाना की इकट्ठा हुई टोइंग फीस जमा करने के कोई बैंक अकाउंट भी नहीं खुला था। इसलिए जोकि भी टोइंग के पैसे इकट्ठा होते थे, वह मलकीत सिंह अपने ही पास रख रहा था। जोकि कुछ ही महीनों में रकम 10 लाख तक पहुंच गई। उसके बाद टो-अवे का बैंक अकाउंट खुल गया और कांट्रैक्टर ने एएसआई मलकीत सिंह पैसे वापिस मांगे। मगर वह टालमटोल करने लगा। उसके बाद कांट्रैक्टर ने ट्रैफिक अधिकारियों के ध्यान में ये मामला लाया। उच्चाधिकारियों के दबाव में एएसआई ने 1.75 लाख कैश दिए और बाकी की रकम का चेक दे दिया। उसके बाद फिर उसने 1.25 लाख वापिस किए। कुल 3 लाख उसने वापस किए। लेकिन, उसने बाकी के 6.75 लाख रुपये देने से इंकार कर दिया। उसके बाद एएसआई ने कांट्रैक्टर का फोन उठाना बंद कर दिया था।
पुलिस में भर्ती के नाम से कर चुका है ठगी
एएसआई मनजीत सिंह के खिलाफ दिसंबर 2017 को थाना पीएयू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। शिमलापुरी के रहने वाले शिकायतकर्ता रवि शंकर का आरोप था कि एएसआई मनजीत सिंह ने उसके भांजे को पुलिस में कांस्टेबल भर्ती करवाने के एवज में 5 लाख रुपए लिए थे। जो उसने न भांजे की भर्ती करवाई और ना ही पैसे वापस दिए। पैसे मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां देने लगा था। एडीसीपी ट्रैफिक सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया कि एएसआई मलकीत सिंह ने टोइंग के 6.75 लाख रुपये हड़प लिए थे। इसलिए जांच के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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पुलिस में भर्ती के नाम पर पांच लाख रुपये की कर चुका है ठगी
आरोपी अभी फरार, तलाश में जुटी है पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
पुलिस विभाग में भर्ती के नाम पर 5 लाख रुपये की ठगी मारने वाले एएसआई मलकीत सिंह पर पुलिस ने एक मामला और दर्ज किया है। इस बार वह किसी व्यक्ति से ठगी नहीं बल्कि अपने विभाग से ही ठगी मारने के नाम पर नामजद हुआ है। आरोपी एएसआई मलकीत सिंह ने ट्रैफिक पुलिस के टोइंग के 6.75 लाख रुपये हड़पने के आरोप में मामला दर्ज हुआ है। हालांकि, अभी आरोपी पकड़ा नहीं गया है।
दरअसल, एक साल पहले सन 2016 में नो-पार्किंग करने वालों के खिलाफ लुधियाना शहर में दोबारा टो-अवे सिस्टम शुरू हुआ था। गाड़ियों को टो-अवे करने का कांट्रैक्ट परमजीत सिंह के पास था। उस समय टो-अवे का सिस्टम ट्रैफिक विभाग के एएसआई मलकीत सिंह के पास था। रोजाना की इकट्ठा हुई टोइंग फीस जमा करने के कोई बैंक अकाउंट भी नहीं खुला था। इसलिए जोकि भी टोइंग के पैसे इकट्ठा होते थे, वह मलकीत सिंह अपने ही पास रख रहा था। जोकि कुछ ही महीनों में रकम 10 लाख तक पहुंच गई। उसके बाद टो-अवे का बैंक अकाउंट खुल गया और कांट्रैक्टर ने एएसआई मलकीत सिंह पैसे वापिस मांगे। मगर वह टालमटोल करने लगा। उसके बाद कांट्रैक्टर ने ट्रैफिक अधिकारियों के ध्यान में ये मामला लाया। उच्चाधिकारियों के दबाव में एएसआई ने 1.75 लाख कैश दिए और बाकी की रकम का चेक दे दिया। उसके बाद फिर उसने 1.25 लाख वापिस किए। कुल 3 लाख उसने वापस किए। लेकिन, उसने बाकी के 6.75 लाख रुपये देने से इंकार कर दिया। उसके बाद एएसआई ने कांट्रैक्टर का फोन उठाना बंद कर दिया था।
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पुलिस में भर्ती के नाम से कर चुका है ठगी
एएसआई मनजीत सिंह के खिलाफ दिसंबर 2017 को थाना पीएयू में धोखाधड़ी का मामला दर्ज हुआ था। शिमलापुरी के रहने वाले शिकायतकर्ता रवि शंकर का आरोप था कि एएसआई मनजीत सिंह ने उसके भांजे को पुलिस में कांस्टेबल भर्ती करवाने के एवज में 5 लाख रुपए लिए थे। जो उसने न भांजे की भर्ती करवाई और ना ही पैसे वापस दिए। पैसे मांगने पर झूठे मामले में फंसाने की धमकियां देने लगा था। एडीसीपी ट्रैफिक सुखपाल सिंह बराड़ ने बताया कि एएसआई मलकीत सिंह ने टोइंग के 6.75 लाख रुपये हड़प लिए थे। इसलिए जांच के बाद उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
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