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किंगफिशर इंडस्ट्री के नाम पर बैंकों से लिया साढ़े 14 करोड़ का लोन, नहीं किया वापिस
Updated Mon, 10 Dec 2018 10:00 PM IST
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फैक्टरी मालिक पिता-पुत्र धोखाधड़ी में नामजद
बैंकों से लिया साढ़े 14 करोड़ का कर्ज नहीं किया वापस, मशीनें खुद-बुर्द कीं
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। महानगर के इंडस्ट्री एरिया सी में स्थित मशीनों के स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली किंगफिशर इंडस्ट्री के नाम पर बैंकों से मालिकों ने 14.44 करोड़ रुपये कर्ज ले लिया। मालिकों ने फैक्टरी और घर को भी बैंकों के पास गिरवी रखा था। कर्ज अदा नहीं करने के बाद भी बैंकों को सूचना दिए फैक्टरी की मशीनें खुर्द बुर्द कर दी। जब बैंकों को पता चला तो उन्होंने फैक्टरी सील कर दी और कब्जा ले लिया।
बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने चीमा चौक स्थित अलाहबाद बैंक के मैनेजर रहे बीएस मेहरा की शिकायत पर टैगोर नगर निवासी सुनील सिंगला और उनके बेटे करण सिंगला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इलाहाबाद बैंक से रिटायर्ड हो चुके बीएस मेहरा ने बताया कि इंडस्ट्री एरिया सी में स्थित किंगफिशर इंडस्ट्री में मशीनों के स्पेयर पार्ट्स तैयार किए जाते थे। जब वह बैंक में कार्यरत थे तो आरोपियों ने बैंक में लोन अप्लाई किया था। मई 2017 से पहले बैंक अधिकारियों ने जांच के बाद कर्ज स्वीकृत कर दिया। आरोपियों ने बैंक से करोड़ों रुपये का लोन ले लिया। उसके बाद आरोपियों ने बैंक की कुछ किस्तें लौटाई और फिर किस्तें रोक दी। जब बैंक ने आरोपियों से लोन की किस्तें देने की बात कहीं तो पता चला कि आरोपियों ने फैक्टरी और घर की सारी प्रापर्टी अन्य बैंकों के पास गिरवी रखी है और करोड़ों रुपये का कर्ज ले रखा है। इसके बाद पता चला कि आरोपियों ने फैक्टरी में लगी मशीनें भी बैंकों को बिना सूचना दिए ही खुर्द-बुर्द कर दी है। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू की और मार्च में इलाहाबाद बैंक के पास गिरवी रखी फैक्टरी का कब्जा दिलवा दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी पुलिस के पास कर दी थी। पुलिस ने मामले की जांच की और मामला दर्ज कर लिया। बीएस मेहरा ने बताया कि अब वह बैंक से रिटायर्ड हो चुके है।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने बताया कि यह मामला अधिकारियों की जांच के बाद डीए लीगल की राय लेने के बाद दर्ज किया गया है। अभी दोनों आरोपी गिरफ्तार नहीं है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सारा मामला क्लीयर हो सकेगा कि आरोपियों ने कौन कौन से बैंक से लोन लिया है और आरोपियों ने कागजात कैसे तैयार किए। पुलिस यह भी पता कराएगी कि आरोपियों ने मशीने कहां पर बेची थी।
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बैंकों से लिया साढ़े 14 करोड़ का कर्ज नहीं किया वापस, मशीनें खुद-बुर्द कीं
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। महानगर के इंडस्ट्री एरिया सी में स्थित मशीनों के स्पेयर पार्ट्स बनाने वाली किंगफिशर इंडस्ट्री के नाम पर बैंकों से मालिकों ने 14.44 करोड़ रुपये कर्ज ले लिया। मालिकों ने फैक्टरी और घर को भी बैंकों के पास गिरवी रखा था। कर्ज अदा नहीं करने के बाद भी बैंकों को सूचना दिए फैक्टरी की मशीनें खुर्द बुर्द कर दी। जब बैंकों को पता चला तो उन्होंने फैक्टरी सील कर दी और कब्जा ले लिया।
बैंक अधिकारियों ने इसकी शिकायत पुलिस के पास की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर पुलिस ने चीमा चौक स्थित अलाहबाद बैंक के मैनेजर रहे बीएस मेहरा की शिकायत पर टैगोर नगर निवासी सुनील सिंगला और उनके बेटे करण सिंगला के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। इलाहाबाद बैंक से रिटायर्ड हो चुके बीएस मेहरा ने बताया कि इंडस्ट्री एरिया सी में स्थित किंगफिशर इंडस्ट्री में मशीनों के स्पेयर पार्ट्स तैयार किए जाते थे। जब वह बैंक में कार्यरत थे तो आरोपियों ने बैंक में लोन अप्लाई किया था। मई 2017 से पहले बैंक अधिकारियों ने जांच के बाद कर्ज स्वीकृत कर दिया। आरोपियों ने बैंक से करोड़ों रुपये का लोन ले लिया। उसके बाद आरोपियों ने बैंक की कुछ किस्तें लौटाई और फिर किस्तें रोक दी। जब बैंक ने आरोपियों से लोन की किस्तें देने की बात कहीं तो पता चला कि आरोपियों ने फैक्टरी और घर की सारी प्रापर्टी अन्य बैंकों के पास गिरवी रखी है और करोड़ों रुपये का कर्ज ले रखा है। इसके बाद पता चला कि आरोपियों ने फैक्टरी में लगी मशीनें भी बैंकों को बिना सूचना दिए ही खुर्द-बुर्द कर दी है। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई शुरू की और मार्च में इलाहाबाद बैंक के पास गिरवी रखी फैक्टरी का कब्जा दिलवा दिया। उन्होंने कहा कि इसकी जानकारी पुलिस के पास कर दी थी। पुलिस ने मामले की जांच की और मामला दर्ज कर लिया। बीएस मेहरा ने बताया कि अब वह बैंक से रिटायर्ड हो चुके है।
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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी
थाना डिविजन दो के एसएचओ इंस्पेक्टर सतवंत सिंह ने बताया कि यह मामला अधिकारियों की जांच के बाद डीए लीगल की राय लेने के बाद दर्ज किया गया है। अभी दोनों आरोपी गिरफ्तार नहीं है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही सारा मामला क्लीयर हो सकेगा कि आरोपियों ने कौन कौन से बैंक से लोन लिया है और आरोपियों ने कागजात कैसे तैयार किए। पुलिस यह भी पता कराएगी कि आरोपियों ने मशीने कहां पर बेची थी।
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