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मआईएस ठेकेदार रंजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज

Wed, 21 Mar 2018 09:32 PM IST
Updated Wed, 21 Mar 2018 09:32 PM IST
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मआईएस ठेकेदार रंजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
एमआईएस ठेकेदार पर धोखाधड़ी का केस
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वर्करों के फंड की कटौती कर पैसा न जमा करवाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा (लुधियाना)।
एयरफोर्स हलवारा में एमआईएस के ठेकेदार के खिलाफ थाना सुधार पुलिस ने धोखाधड़ी समेत कई धाराओं का केस दर्ज किया है। ठेकेदार रंजीत सिंह पर आरोप है कि कर्मचारियों के प्रोविडेंट फंड काटने के बाद भी जमा नहीं किया।
उल्लेखनीय है कि सांघा सिंह एंड कंपनी के मालिकों कने करीब ढाई महीने कुछ कर्मचारियों को काम से हटा दिया था ।वह अपनी बहाली और अन्य मांगों के लिए संघर्ष करते आ रहे हैं। मजदूरों की तरफ से 22 मार्च को हलवारा का दौरा करने आने वाले राष्ट्रपति रामरनाथ कोविंद से परिवारों सहित इच्छा मृत्यु मांगने का एलान किया है। इसे देखते हुए एसएसपी सुरजीत सिंह ने कल एमआईएस कांटेक्ट वर्कर यूनियन के नेताओं के साथ बात करने के बाद सुधार पुलिस को ठेकेदार के विरुद्ध बनती कार्रवाई के आदेश दिए है। बीती देर रात सुधार पुलिस ने वर्करों की तनख्वाह में प्रोविडेंट फंड की रकम की कटौती कर खुर्द बुर्द करने के मामले में धोखाधड़ी और अमानत में ख्यानत की संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
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सांघा सिंह एंड कंपनी के मालिक रंजीत सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत थाना सुधार में मामला दर्ज कर इंस्पेक्टर हरजिंदर सिंह ने खुद जांच शुरु कर दी है। यूनियन के प्रधान गुरप्रीत सिंह टूसे के बयानों पर दर्ज मामले में आरोप लगाया गया है कि अक्तूबर 2016 से नवंबर 2017 तक कंपनी के अधीन काम करते राजवंत सिंह के खातों की जांचमें सामने आया कि तनख्वाह में कटौती के बावजूद प्रोविडेंट फंड और पेंशन स्कीम के खातों में केवल सात महीने की रकम ही जमा कराई गई है। चार महीने की रकम ठेकेदार ने हजम कर ली। यूनियन नेताओं ने बताया कि यह तो केवल एक छोटा मामला है। बाकी काम करने वालों के खातों की पूरी जानकारी लेकर जांच अफसर को देंगे। कंपनी की तरफ से यह सिलसिला 2004 से जारी है।
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