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वाशिंग मशीन वेच पुलिस को दी थी रिशवत -पीडित बच्चा

Sat, 09 Dec 2017 10:22 PM IST
Updated Sat, 09 Dec 2017 10:22 PM IST
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वाशिंग मशीन वेच पुलिस को दी थी रिशवत -पीडित बच्चा
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चौकी प्रभारी बोले, बच्चे के बयान लिख लो, राजीनामे वाले बयान मैं लिख लूंगा
वर्दी की गुंडागर्दी
बच्चे की मां ने अस्पताल चौकी प्रभारी पर लगाया जांच को प्रभावित करने का आरोप
थाना कोतवाली ने मां को दी धमकी, पुलिस से दुश्मनी महंगी पडे़गी
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
थाना कोतवाली प्रभारी व दो एएसआई सहित पांच पुलिस वालों के कहर का शिकार हुए अनुसूचित जाति के नाबालिग बच्चे ने बताया कि सोमवार को उसकी मां वाशिंग मशीन बेचकर पुलिस वाले को पैसे दिए फिर उसे छुड़वाया। उसने बताया कि मेरी मां ने मुझे छुड़वाने के लिए सोलह हजार वाली वाशिंग मशीन पुलिस को पैसे देने के लिए पांच हजार की बेची। इसके अलावा बच्चे की मां ने आरोप लगाया कि अब पुलिस उसे धमका रही है कि पुलिस से दुश्मनी महंगी पड़ेगी। हालांकि शनिवार को पुलिस ने मीडिया व समाजसेवी संस्थाओं के दबाव में पीड़ित बच्चे के बयान दर्ज कर लिए हैं। वहीं बच्चे की मां ने आरोप लगाया है कि सिविल अस्पताल चौकी प्रभारी हरगोबिंद ने बयान दर्ज करने आए पुलिस वालों से कहा कि बच्चा जैसे बयान लिखवाता है, एक बार लिख लो। राजीनामे वाले बयान तो मैं अपने आप लिख लूंगा।

अस्पताल में जाकर बच्चे को धमकाया
सिविल अस्पताल में दाखिल पीड़ित बच्चे ने शनिवार को बताया कि शुक्रवार शाम को जब उसकी मां किसी काम से अस्पताल में कमरे से नीचे गई हुई थी तो एएसआई राजवीर सिंह उसके रूम में आया और आया और गाली देते हुए कहने लगा कि तू मेरा नाम क्यों लिखवा रहा है। बच्चे ने आरोप लगाया कि उसे डर है कि पुलिस उस पर या उसकी मां पर कोई झूठा केस दर्ज न कर दे। जिस दिन पुलिस ने उसे बुरी तरह पीटा था उस दिन थाना कोतवाली प्रभारी दविंदर सिंह और एएसआई कुलविंदर सिंह उस पर चोरी व नशीले पाउडर का केस दर्ज करने के लिए धमका रहे थे।
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पांच लाख ले लो राजीनामा कर लो
बच्चे की मां ने बताया कि शुक्रवार शाम को थाना कोतवाली प्रभारी दविंदर सिंह सिविल अस्पताल में आया और अपने साथी पुलिस वालों को भेजकर उसे पांच लाख रुपये लेकर राजीनामा करने का दबाव बनाने लगा। उसने आरोप लगाते हुए कहा कि जब उसने राजीनामा करने से इंकार कर दिया तो पुलिस वालों ने उसे कहा कि पुलिस से दुश्मनी महंगी पडे़गी।
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मां के चरित्र पर उठाई अंगुली की, बोल जातिसूचक शब्द
बच्चे ने कहा मेरी जान बचाने के लिए मां वाशिंग मशीन बेचकर पैसे देने जब थाने पहुंची तो पुलिस ने उसके सामने मां के चरित्र पर अंगुली उठाई और जाति सूचक शब्द बोले।

चाहे बर्तन बिक जाएं, छोडू़ंगी नहीं
पीड़ित की मां ने कहा कि आरोपियों को सजा दिलाने और इंसाफ लेने के लिए चाहे उसे चाहे घर के बर्तन तक बेचने पड़ें। वह सभी को सजा दिलाकर रहेगी।

अस्पताल में नेताओं के पहुंचने की होड़
शनिवार को दिनभर विभिन्न राजनीतिक पार्टियों के नेता पीड़ित का हाल जानने पहुुंचे। वहीं लोजपा के प्रदेश अध्यक्ष किरणजीत सिंह गहरी व कांग्रेस के एससी सेल के नेता अशोक महिंदरा और आम आदमी पार्टी से संबंधित नेता बच्चे का हाल जानने पहुंचे और बातचीत की। सभी ने पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

खबर के बाद एनआरआई ने भेजी सहायता
जैसे ही मीडिया में बच्चे पर पुलिसिया कहर बरपाने की खबर सामने आई तो अमेरिका में बैठे अमरीक सिंह ने पीड़ित परिवार के साथ सांत्वना जाहिर करते हुए पांच हजार रुपये की आर्थिक सहायता स्वर्ण सिंह दानेवालिया के जरिये भेजी और परिवार को हर संभव सहायता करने का आश्वासन दिया।

आरोपी पुलिस वालों को बचाने में जुटा महकमा
बच्चे की मां ने कहा कि पिछले चार दिन से पुलिस के पास वह आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ शिकायतें कर रही है। लेकिन आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस महकमा उन्हें बचाने के चक्कर में उसे और उसके बच्चे को धमकियां देकर दबाव बना रहा है।

गुंडागर्दी पर कार्रवाई नहीं, जांच का बहाना
पुलिस जांच कर रही थोड़ा समय लगेगा-एसपी-डी इस मामले की जांच कर रहे एसपी-डी स्वर्ण खन्ना ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। थोड़ा समय तो लगेगा। जांच के बाद ही पुलिस कुछ बता पाएगी कि बच्चे के आरोप झूठे हैं या सच्चे।


परिवार को ही क्रिमिनल बताने लगे एसएसपी
बठिंडा के एसएसपी नवीन सिंगला का कहना था कि बच्चे का परिवार क्रिमिनल है। इसलिए जांच जरूरी है। क्योंकि बच्चे के मामा पर बीस पच्चीस विभिन्न केस दर्ज हैं और उनमें एएसआई कुलविंदर सिंह मुख्य गवाह है। उन्होंने कहा कि जब तक पूरी जांच नहीं हो जाती तब तक किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा सकती।
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