{"_id":"596e37654f1c1bf8468b48dd","slug":"161500395365-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खुदकुशी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
खुदकुशी
Updated Tue, 18 Jul 2017 09:59 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ट्रक आपरेटर ने फंदा लगा जान दी
संगरूर। किसानों के बाद अब ट्रक आपरेटरों ने भी आर्थिक संकट के चलते खुदकुशी की राह पकड़ ली है।लहरागागा के गांव खाई में आर्थिक संकट में घिरे ट्रक आपरेटर ने मंगलवार सुबह अपने घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
गांव खाई निवासी 46 वर्षीय ट्रक आपरेटर अमरीक सिंह की पत्नी बीते दिनों अपने मायके गई थी। उसका बड़ा लड़का गाड़ी लेकर बाहर गया था। छोटा लड़का खेलने के बाहर गया था इसी दौरान अमरीक सिंह ने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक अमरीक सिंह के छोटे भाई गुरतार सिंह ने बताया कि उनके पास अपनी दो एकड़ जमीन है। कुछ जमीन ठेके पर लेकर खेती करते थे।ु खेत में पानी का प्रबंध न होने के कारण फसल अच्छी नहीं होती थी। इस पर अमरीक सिंह ने घर का खर्च चलाने के लिए उधार के पैसे लेकर लहरागागा की ट्रक यूनियन में एक ट्रक डाला था, जिससे घर का गुजारा अच्छा होने लगा। कैप्टन सरकार के ट्रक यूनियन भंग करने के फैसले से अमरीक सिंह को काफी झटका लगा। इसके कारण वह परेशान रहने लगा।
उन्होंने बताया कि अमरीक सिंह अकसर परिवार में यही कहता रहता था कि अब उनका ढाई लाख रुपये का ट्रक सिर्फ पचास हजार रुपये का रह गया है और यूनियन के बिना उसे काम नहीं मिलेगा। इसी कारण वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था। इसी परेशानी के चलते उसने खुदकुशी कर ली। आल इंडिया ट्रक यूनियन के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह बैहणीवाल ने बताया कि ट्रक यूनियन भंग करने से ट्रक आपरेटर परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। मृतक अमरीक सिंह भी लहरागागा ट्रक यूनियन से जुड़ा था। ट्रक यूनियन के भंग होने से वह परेशान रहने लगा था। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार को ट्रक यूनियन भंग करने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए अन्यथा किसानों की तरह ट्रक आपरेटर भी खुदकुशी की राह पर चलने लगेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
संगरूर। किसानों के बाद अब ट्रक आपरेटरों ने भी आर्थिक संकट के चलते खुदकुशी की राह पकड़ ली है।लहरागागा के गांव खाई में आर्थिक संकट में घिरे ट्रक आपरेटर ने मंगलवार सुबह अपने घर में ही फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली।
गांव खाई निवासी 46 वर्षीय ट्रक आपरेटर अमरीक सिंह की पत्नी बीते दिनों अपने मायके गई थी। उसका बड़ा लड़का गाड़ी लेकर बाहर गया था। छोटा लड़का खेलने के बाहर गया था इसी दौरान अमरीक सिंह ने घर में फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। मृतक अमरीक सिंह के छोटे भाई गुरतार सिंह ने बताया कि उनके पास अपनी दो एकड़ जमीन है। कुछ जमीन ठेके पर लेकर खेती करते थे।ु खेत में पानी का प्रबंध न होने के कारण फसल अच्छी नहीं होती थी। इस पर अमरीक सिंह ने घर का खर्च चलाने के लिए उधार के पैसे लेकर लहरागागा की ट्रक यूनियन में एक ट्रक डाला था, जिससे घर का गुजारा अच्छा होने लगा। कैप्टन सरकार के ट्रक यूनियन भंग करने के फैसले से अमरीक सिंह को काफी झटका लगा। इसके कारण वह परेशान रहने लगा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि अमरीक सिंह अकसर परिवार में यही कहता रहता था कि अब उनका ढाई लाख रुपये का ट्रक सिर्फ पचास हजार रुपये का रह गया है और यूनियन के बिना उसे काम नहीं मिलेगा। इसी कारण वह परेशानी के दौर से गुजर रहा था। इसी परेशानी के चलते उसने खुदकुशी कर ली। आल इंडिया ट्रक यूनियन के उपाध्यक्ष रामपाल सिंह बैहणीवाल ने बताया कि ट्रक यूनियन भंग करने से ट्रक आपरेटर परेशानी के दौर से गुजर रहे हैं। मृतक अमरीक सिंह भी लहरागागा ट्रक यूनियन से जुड़ा था। ट्रक यूनियन के भंग होने से वह परेशान रहने लगा था। उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार को ट्रक यूनियन भंग करने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए अन्यथा किसानों की तरह ट्रक आपरेटर भी खुदकुशी की राह पर चलने लगेंगे।
विज्ञापन