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व्यक्ति का एटीएम कार्ड बदल कर नौसरबाज ने निकलवाए चालीस हजार
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एटीएम कार्ड बदलकर 40 हजार निकाले
लुधियाना। एटीएम के बाहर भोले भाले लोगों के एटीएम कार्ड बदल कर पैसे निकलवाने वाले गिरोह के लोग फिर से सक्रिय हो गए है। बहादूरके रोड के रहने वाले रूपचंद ने बताया कि वह एक फैक्टरी में चेकिंग-पेकिंग का काम करता है। 10 जून की दोपहर को वह पीएनबी बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गया था। उसने अपने अकाउंट से 20 हजार रुपये निकलवा लिए। उसी दिन उसे बैंक की तरफ से नया एटीएएम कार्ड मिला था। इसलिए वह बैंक के बाहर लगी मशीन में कार्ड चालू करने के लिए गया था। लेकिन, उसे मशीन चलानी नहीं आती थी। इसलिए उसने साथ खड़े एक पगड़ीधारी व्यक्ति से मदद ली। लेकिन, उसे क्या पता था कि मदद लेना उसे महंगा पड़ जाएगा। साथ खड़े शातिर ने उससे पासवर्ड पूछकर बैलेंस चेक करने के बाद एटीएम कार्ड दे दिया। व्यक्ति ने उससे एटीएम कार्ड बदल लिया था। जोकि रूपचंद को पता नहीं चला। दो दिन बाद 12 जून को जब वह अपनी पासबुक में एंट्री करवाने गया तो उसे पता चला कि उसके अकाउंट से 40 हजार रुपये गायब हैं। उसने बैंक कर्मी से पूछा तो पता चला कि किसी ने सलेम टाबरी स्थित मशीनें और समराला चौक स्थित एटीएम मशीन से कुछ पैसे निकलवाए। इसके बाद कुछ पैसों की एक दुकान में शॉपिंग की। जब उसने अपने पास रखे हुए एटीएम कार्ड बैंक अधिकारियों को दिखाया, तब पता चला कि वह उसका नहीं बल्कि किसी ओर का है। रूपचंद का कहना है कि जो कार्ड उसके पास था, उस कार्ड वाले का एड्रेस और नंबर लेकर उसने उसे कॉल किया। तब उक्त व्यक्ति ने भी कहा कि उसका एटीएम भी बदला गया है और उसके एटीएम कार्ड से 11 हजार रुपये निकाले गए हैं।
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लुधियाना। एटीएम के बाहर भोले भाले लोगों के एटीएम कार्ड बदल कर पैसे निकलवाने वाले गिरोह के लोग फिर से सक्रिय हो गए है। बहादूरके रोड के रहने वाले रूपचंद ने बताया कि वह एक फैक्टरी में चेकिंग-पेकिंग का काम करता है। 10 जून की दोपहर को वह पीएनबी बैंक से पैसे निकलवाने के लिए गया था। उसने अपने अकाउंट से 20 हजार रुपये निकलवा लिए। उसी दिन उसे बैंक की तरफ से नया एटीएएम कार्ड मिला था। इसलिए वह बैंक के बाहर लगी मशीन में कार्ड चालू करने के लिए गया था। लेकिन, उसे मशीन चलानी नहीं आती थी। इसलिए उसने साथ खड़े एक पगड़ीधारी व्यक्ति से मदद ली। लेकिन, उसे क्या पता था कि मदद लेना उसे महंगा पड़ जाएगा। साथ खड़े शातिर ने उससे पासवर्ड पूछकर बैलेंस चेक करने के बाद एटीएम कार्ड दे दिया। व्यक्ति ने उससे एटीएम कार्ड बदल लिया था। जोकि रूपचंद को पता नहीं चला। दो दिन बाद 12 जून को जब वह अपनी पासबुक में एंट्री करवाने गया तो उसे पता चला कि उसके अकाउंट से 40 हजार रुपये गायब हैं। उसने बैंक कर्मी से पूछा तो पता चला कि किसी ने सलेम टाबरी स्थित मशीनें और समराला चौक स्थित एटीएम मशीन से कुछ पैसे निकलवाए। इसके बाद कुछ पैसों की एक दुकान में शॉपिंग की। जब उसने अपने पास रखे हुए एटीएम कार्ड बैंक अधिकारियों को दिखाया, तब पता चला कि वह उसका नहीं बल्कि किसी ओर का है। रूपचंद का कहना है कि जो कार्ड उसके पास था, उस कार्ड वाले का एड्रेस और नंबर लेकर उसने उसे कॉल किया। तब उक्त व्यक्ति ने भी कहा कि उसका एटीएम भी बदला गया है और उसके एटीएम कार्ड से 11 हजार रुपये निकाले गए हैं।