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किसान खुदकुशी मामला -आरोपियों पर कारवाई करने की बजाय
Updated Wed, 06 Dec 2017 10:46 PM IST
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किसान खुदकुशी: रिश्वत के छह लाख वापस कर बचाए आरोपी पुलिसकर्मी
किसान नेता ने कहा-पुलिस ने मृतक के परिवार को रिश्वत में ली रकम वापस कर किया समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव मंडी कलां निवासी किसान की खुदकुशी मामले में जिला पुलिस अधिकारियों ने फंस रहे पंजाब पुलिस के एएसआई जगरूप सिंह व उसके साथी सतीश कुमार को बचाने के लिए मृतक किसान भूपिंदर सिंह के परिवार को एएसआई की ओर से ली गई रिश्वत की छह लाख रुपये की रकम वापस कर और मृतक किसान के भाई को सीआईए स्टाफ में टेंपरेरी नौकरी देकर अपना पीछा छुड़वाया और पीड़ित परिवार के साथ समझौता कर लिया।
इस संबंध में फोन पर रिकॉर्ड बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन सिदूपुर के नेता भोग सिंह मानसा ने बताया कि 21 नवंबर को मंडी कलां निवासी किसान भूपिंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली। जिसके शव के पास एक नोट बरामद किया गया था। जिसमें किसान ने अपनी मौत के लिए एएसआई जगरूप सिंह व सतीश कुमार निवासी मौड़ मंडी को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा था कि वह पैसों की मांग कर उसे परेशान करते हैं। किसान नेता ने बताया कि इसके बाद उनकी किसान जत्थेबंदी ने मृतक किसान के शव को लेकर धरना दिया और किसानों ने सबसे मांग की थी कि आरोपी एएसआई जगरूप सिंह और सतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही रिश्वत में ली गई छह लाख रुपये की रकम वापस की जाए और मृतक किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने बताया कि किसानों के बढ़ते दबाव के कारण एएसआई जगरूप सिंह व सतीश कुमार ने किसी मोहतबर व्यक्ति के जरिये रिश्वत में ली छह लाख की रकम वापस कर दी और एसएसपी बठिंडा की ओर से पीड़ित परिवार के सदस्य प्रहलाद सिंह को सीआईए स्टाफ बठिंडा में दर्जा चार कर्मी की आर्जी तौर पर नौकरी दे दी गई। एएसआई पर कार्रवाई की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर किसान नेता ने कहा कि प्रशासन इतना भ्रष्ट हो चुका है कि अगर वह केस के चक्कर में पड़ते तो पीडित परिवार को कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए पीड़ित परिवार ने रकम वापस लेकर समझौता कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार को एक दो लाख रुपये का चेक बतौर सिक्योरिटी दिया है। जब सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल जाएगा तो वह चेक पुलिस प्रशासन को वापस किया जाएगा। किसान नेता भोग सिंह की ओर से किए गए खुलासे के संबंध में जब एसएसपी बठिंडा नवीन सिंगला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि रिश्वत की रकम वापस करने की कोई बात नहीं और पुलिस विभाग में दर्जा चार की असामी खाली थी। इसीलिए किसान के परिवार से संबंधित एक सदस्य को दर्जा चार की नौकरी दी गई है। एसएसपी ने बताया कि जो खुदकुशी नोट किसान से बरामद हुआ था उसकी जांच कराने के लिए उसे फोरेसिंक लैब में भेजा जाएगा।
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किसान खुदकुशी: रिश्वत के छह लाख वापस कर बचाए आरोपी पुलिसकर्मी
किसान नेता ने कहा-पुलिस ने मृतक के परिवार को रिश्वत में ली रकम वापस कर किया समझौता
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा।
जिले के गांव मंडी कलां निवासी किसान की खुदकुशी मामले में जिला पुलिस अधिकारियों ने फंस रहे पंजाब पुलिस के एएसआई जगरूप सिंह व उसके साथी सतीश कुमार को बचाने के लिए मृतक किसान भूपिंदर सिंह के परिवार को एएसआई की ओर से ली गई रिश्वत की छह लाख रुपये की रकम वापस कर और मृतक किसान के भाई को सीआईए स्टाफ में टेंपरेरी नौकरी देकर अपना पीछा छुड़वाया और पीड़ित परिवार के साथ समझौता कर लिया।
इस संबंध में फोन पर रिकॉर्ड बातचीत करते हुए भारतीय किसान यूनियन सिदूपुर के नेता भोग सिंह मानसा ने बताया कि 21 नवंबर को मंडी कलां निवासी किसान भूपिंदर सिंह ने खुदकुशी कर ली। जिसके शव के पास एक नोट बरामद किया गया था। जिसमें किसान ने अपनी मौत के लिए एएसआई जगरूप सिंह व सतीश कुमार निवासी मौड़ मंडी को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा था कि वह पैसों की मांग कर उसे परेशान करते हैं। किसान नेता ने बताया कि इसके बाद उनकी किसान जत्थेबंदी ने मृतक किसान के शव को लेकर धरना दिया और किसानों ने सबसे मांग की थी कि आरोपी एएसआई जगरूप सिंह और सतीश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही रिश्वत में ली गई छह लाख रुपये की रकम वापस की जाए और मृतक किसान के परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए। उन्होंने बताया कि किसानों के बढ़ते दबाव के कारण एएसआई जगरूप सिंह व सतीश कुमार ने किसी मोहतबर व्यक्ति के जरिये रिश्वत में ली छह लाख की रकम वापस कर दी और एसएसपी बठिंडा की ओर से पीड़ित परिवार के सदस्य प्रहलाद सिंह को सीआईए स्टाफ बठिंडा में दर्जा चार कर्मी की आर्जी तौर पर नौकरी दे दी गई। एएसआई पर कार्रवाई की मांग को लेकर पूछे गए सवाल पर किसान नेता ने कहा कि प्रशासन इतना भ्रष्ट हो चुका है कि अगर वह केस के चक्कर में पड़ते तो पीडित परिवार को कुछ भी नहीं मिलता। इसलिए पीड़ित परिवार ने रकम वापस लेकर समझौता कर लिया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने पीड़ित परिवार को एक दो लाख रुपये का चेक बतौर सिक्योरिटी दिया है। जब सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को मुआवजा मिल जाएगा तो वह चेक पुलिस प्रशासन को वापस किया जाएगा। किसान नेता भोग सिंह की ओर से किए गए खुलासे के संबंध में जब एसएसपी बठिंडा नवीन सिंगला से बात की गई तो उन्होंने कहा कि रिश्वत की रकम वापस करने की कोई बात नहीं और पुलिस विभाग में दर्जा चार की असामी खाली थी। इसीलिए किसान के परिवार से संबंधित एक सदस्य को दर्जा चार की नौकरी दी गई है। एसएसपी ने बताया कि जो खुदकुशी नोट किसान से बरामद हुआ था उसकी जांच कराने के लिए उसे फोरेसिंक लैब में भेजा जाएगा।
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