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सेना की गाड़ी को आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम चलाकर पहुंचा पीएफ दफ्तर
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सेना की गाड़ी को आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम चलाकर पहुंचा पीएफ दफ्तर
शिकायतकर्ता ने फोटो और वीडियो बनाकर रक्षा मंत्रालय को भेजी
गैरीसन इंजीनियर अधिकारी बोले-फोटो खींचने वालों पर कराएंगे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा। भारतीय वायुसेना हलवारा में एमईएस में हुए बहुचर्चित भविष्य निधि फंड घपले के मामले में शुक्रवार को हंगामा हो गया। जब भविष्य निधि फंड संगठन दफ्तर में पेशी के समय आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम सेना की सरकारी गाड़ी को लेकर वहां पहुंच गया। इसमें गैरीसन इंजीनियर कैप्टन ए राघुल व एक अन्य अधिकारी मौजूद थे। जैसे यह गाड़ी पीएफ दफ्तर पहुंची वहां पहले से मौजूद शिकायतकर्ताओं ने ठेकेदार के मुलाजिम को सरकारी गाड़ी चलाते देख लिया और उसकी वीडियो और फोटो बना ली। मामले की भनक लगते ही अधिकारी सरकारी गाड़ी लेकर वहां से निकल गए। शिकायतकर्ता फोटो और वीडियो सहित इस मामले की शिकायत रक्षा मंत्रालय के पास करने जा रहे हैं। उधर गैरीसन इंजीनियर प्रवीण कुमार सिन्हा ने फोटो और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि ऐसा कर उन्होंने सेना की मूवमेंट को लीक किया है।
गौर हो कि ठेकेदार रणजीत सिंह ‘सांघा सिंह एंड कंपनी’ चला रहे थे। वह एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में विभिन्न प्रकार के ठेके लेते थे। ठेकेदार ने एयरपोर्स स्टेशन में काम कराने के लिए लगभग 50 मुलाजिमों को काम पर रखा हुआ था। हर महीने मुलाजिम के खाते से पीएफ का पैसा काटा जा रहा था, लेकिन इसे आगे जमा नहीं करवाया गया। जांच पर पता चला कि उसने सिर्फ दो मुलाजिमों का पीएफ जमा करवाया, इसमें उसका एक भाई और पत्नी शामिल थे। इस मामले को लेकर थाना सुधार पुलिस ने 2018 में ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जगरावां स्थित कर्णवीर सिंह की अदालत ने 2 मई को ठेकेदार रणजीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत आरोप तय कर दिए हैं। शिकायतकर्ता को 18 जुलाई को सबूत पेश करने के लिए कहा गया है।
वहीं भविष्य निधि फंड संगठन सहायक कमिश्नर मामले की सुनवाई कर रहे हैं। एमईएस अधिकारी इस मामले से संबंधित रिकॉर्ड पेश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने गैरीसन इंजीनियर के प्रवीण सिन्हा के 11 अप्रैल को गैर जमानती वारंट जारी किए थे। शुक्रवार को पीएफ अदालत में पेशी थी, गैरीसन इंजीनियर प्रवीण सिन्हा ने अपनी सरकारी गाड़ी में सहायक गैरीसन इंजीनियर कैप्टन ए राघुल एवं एक अन्य अधिकारी को भेजा। इस गाड़ी को आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम चला रहा था।
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शिकायतकर्ता ने फोटो और वीडियो बनाकर रक्षा मंत्रालय को भेजी
गैरीसन इंजीनियर अधिकारी बोले-फोटो खींचने वालों पर कराएंगे कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
हलवारा। भारतीय वायुसेना हलवारा में एमईएस में हुए बहुचर्चित भविष्य निधि फंड घपले के मामले में शुक्रवार को हंगामा हो गया। जब भविष्य निधि फंड संगठन दफ्तर में पेशी के समय आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम सेना की सरकारी गाड़ी को लेकर वहां पहुंच गया। इसमें गैरीसन इंजीनियर कैप्टन ए राघुल व एक अन्य अधिकारी मौजूद थे। जैसे यह गाड़ी पीएफ दफ्तर पहुंची वहां पहले से मौजूद शिकायतकर्ताओं ने ठेकेदार के मुलाजिम को सरकारी गाड़ी चलाते देख लिया और उसकी वीडियो और फोटो बना ली। मामले की भनक लगते ही अधिकारी सरकारी गाड़ी लेकर वहां से निकल गए। शिकायतकर्ता फोटो और वीडियो सहित इस मामले की शिकायत रक्षा मंत्रालय के पास करने जा रहे हैं। उधर गैरीसन इंजीनियर प्रवीण कुमार सिन्हा ने फोटो और वीडियो बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। उनका कहना है कि ऐसा कर उन्होंने सेना की मूवमेंट को लीक किया है।
गौर हो कि ठेकेदार रणजीत सिंह ‘सांघा सिंह एंड कंपनी’ चला रहे थे। वह एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में विभिन्न प्रकार के ठेके लेते थे। ठेकेदार ने एयरपोर्स स्टेशन में काम कराने के लिए लगभग 50 मुलाजिमों को काम पर रखा हुआ था। हर महीने मुलाजिम के खाते से पीएफ का पैसा काटा जा रहा था, लेकिन इसे आगे जमा नहीं करवाया गया। जांच पर पता चला कि उसने सिर्फ दो मुलाजिमों का पीएफ जमा करवाया, इसमें उसका एक भाई और पत्नी शामिल थे। इस मामले को लेकर थाना सुधार पुलिस ने 2018 में ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जगरावां स्थित कर्णवीर सिंह की अदालत ने 2 मई को ठेकेदार रणजीत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 409 और 420 के तहत आरोप तय कर दिए हैं। शिकायतकर्ता को 18 जुलाई को सबूत पेश करने के लिए कहा गया है।
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वहीं भविष्य निधि फंड संगठन सहायक कमिश्नर मामले की सुनवाई कर रहे हैं। एमईएस अधिकारी इस मामले से संबंधित रिकॉर्ड पेश नहीं कर रहे हैं। उन्होंने गैरीसन इंजीनियर के प्रवीण सिन्हा के 11 अप्रैल को गैर जमानती वारंट जारी किए थे। शुक्रवार को पीएफ अदालत में पेशी थी, गैरीसन इंजीनियर प्रवीण सिन्हा ने अपनी सरकारी गाड़ी में सहायक गैरीसन इंजीनियर कैप्टन ए राघुल एवं एक अन्य अधिकारी को भेजा। इस गाड़ी को आरोपी ठेकेदार का मुलाजिम चला रहा था।
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