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नया खुलासा: लुधियाना की सेंट्रल जेल में रची गई थी कोर्ट धमाके की साजिश, तस्कर चीता और बॉक्सर रिमांड पर

Sun, 26 Dec 2021 08:31 AM IST
निवेदिता वर्मा विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
विकास मल्होत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sun, 26 Dec 2021 08:31 AM IST
सार

गुरुवार को लुधियाना के जिला कोर्ट परिसर के सार्वजनिक शौचालय में बड़ा धमाका हुआ था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 6 अन्य घायल हो गए थे। शनिवार को डीजीपी सिद्धार्थ चट्टोपाध्याय ने कहा था कि लुधियाना बम धमाके के पीछे नारकोटिक्स, आतंक और विदेशी नशा तस्करों के गठजोड़ का हाथ है। 

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Conspiracy of Ludhiana bomb blast is made in Ludhiana Central Jail
लुधियाना कोर्ट परिसर में बम धमाका। - फोटो : फाइल

विस्तार

लुधियाना के कोर्ट परिसर में धमाके की पूरी साजिश पंजाब की सबसे बड़ी सेंट्रल जेल लुधियाना में रची गई थी। इस ब्लास्ट के तार पाकिस्तान से जुड़े हैं। ब्लास्ट के दौरान मारा गया पंजाब पुलिस का पूर्व हेड कांस्टेबल गगनदीप सिंह लुधियाना की सेंट्रल जेल की बीकेयू 4 में कुख्यात तस्कर रंजीत बाबा उर्फ चीता और आरडीएक्स के मामले में आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ बाक्सर के साथ बंद था। 

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दोनों आरोपी सात दिन के पुलिस रिमांड पर

केंद्रीय एजेंसियों और पंजाब की एजेंसियों ने जब सेंट्रल जेल में जाकर दोनों आरोपियों से पूछताछ की तो कई अहम सुराग सामने आए। इसके बाद शनिवार को दोनों प्रोडक्शन वारंट पर लाए गए और कड़ी सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया। जिस समय दोनों आरोपियों को पेश किया गया उस समय किसी को भी जाने की इजाजत नहीं दी गई। अदालत में दलीलें सुनने के बाद उन्हें सात दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। वहां से कड़ी सुरक्षा के बीच दोनों आरोपियों को सिविल अस्पताल मेडिकल के लिए ले जाया गया। मेडिकल कराने के बाद दोनों को सीआईए पूछताछ के लिए ले जाया गया। जहां बताया जा रहा है कि सीनियर पुलिस अधिकारियों के साथ साथ पंजाब की खुफिया एजेंसिया और केंद्र की खुफिया एजेंसियों के साथ साथ जांच एजेंसियां पूछताछ करेंगी। 

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गगनदीप को दिखाए थे बड़े सपने

ब्लास्ट में मारे गए गगनदीप सिंह को 24 अगस्त 2019 को एसटीएफ की टीम ने गिरफ्तार किया था। आरोपी से पूछताछ के दौरान उसके दो और साथियों को गिरफ्तार किया गया था। रिमांड पूरा होने के बाद उसे जेल में भेज दिया गया था। जेल में आरोपी गगनदीप सिंह को नशा तस्करी के आरोप में बंद चीता और बाक्सर के साथ बैरक में बंद किया गया था। वहां तीनों में काफी अच्छी तरह से तालमेल बढ़ गया था। आरोपियों ने गगनदीप सिंह को बड़े सपने दिखाने शुरू कर दिए और पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के बारे में बताया। 

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चीता ने पाकिस्तान में बैठे तस्कर रिंदा से करवाई थी गगनदीप की बात

सूत्रों के अनुसार वहीं से आरोपी चीता ने पाकिस्तान में बैठे तस्कर रिंदा से गगनदीप सिंह की बात कराई और बाहर जाकर उसके लिए काम करने के लिए मना लिया। सूत्र यह भी बताते है कि जेल में बैठे ही आरोपियों ने महानगर में ब्लास्ट की योजना बनाई और गगनदीप सिंह को पैसे का लालच दिया। सितंबर महीने में जेल से बाहर आने के बाद भी आरोपी गगनदीप सिंह लगातार चीता के साथ जेल में फोन के जरिए संपर्क में रहता था। वहां से बताया गया कि कोर्ट में ब्लास्ट करना है और उसे जानकारी दे दी गई कि उसे ब्लास्ट करने के लिए सामान कहां से लेना है और ब्लास्ट कितने बजे और कैसे करना है।

कोरोना काल में रियायत का फायदा उठा ली थी जमानत

24 अगस्त 2019 से जेल में बंद आरोपी गगनदीप सिंह के वकील ने हाईकोर्ट में तीन सितंबर 2021 को जमानत अर्जी लगाई थी। जिसमें उन्होंने सबसे पहले तर्क रखा गया था कि इस समय देश में कोविड का माहौल चल रहा है जो उसका मुवकिल है वह पिछले दो साल से जेल में बंद है। कोविड और उसके अच्छे व्यवहार को देखते हुए उसे जमानत दी जाए। उनके वकील ने इसमें दो अन्य केसों का जिक्र भी किया था जिसमें एनडीपीएस एक्ट के तहत गिरफ्तार आरोपियों को जमानत मिली थी।

आरोपी चीता पर तस्करी तो बाक्सर पर है आरडीएक्स लाने का आरोप

आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ बाक्सर (39) गांव राणा खुर्द का रहने वाला है। खन्ना पुलिस ने तीन साल पहले उसे आरडीएक्स के एक मामले में गिरफ्तार किया था। वह तब से ही जेल में बंद था। जबकि रंजीत सिंह उर्फ चीता अमृतसर के गांव करिंडा का रहने वाला है। वह नशा तस्करी के आरोप में पिछले काफी समय से जेल में बंद था। उसी के पाकिस्तान में बैठे तस्कर रिंदा के साथ संपर्क हैं और वह अक्सर रिंदा से बात करता था। सूत्र यह बताते है कि रिंदा आरोपी रंजीत को बताता था कि तस्करी के लिए नशा कहां से लेना है और आगे सप्लाई कहां देनी है। 

बैरक में बंद अन्य आरोपियों से भी हो रही है पूछताछ

बताया जा रहा है कि आरोपी गगनदीप सिंह आरोपी चीता और बाक्सर के साथ दो साल से बीकेयू 4 में बंद था। जब पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों को इनपुट्स मिले तो जेल में जांच टीमें पहुंच गई। जिसके बाद वहां दोनों आरोपियों से तो पूछताछ हुई ही साथ ही बैरक में बंद अन्य आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। यह भी बताया जा रहा है कि दो साल में आरोपी गगनदीप को जेल में कितनी बार किसने संपर्क किया इसकी भी जांच की जा रही है। 

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