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मामूली बात पर दो गुटों में खूनी झड़प
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Mon, 18 Apr 2016 09:53 PM IST
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लुधियाना के पुलिस कमिश्नर दफ्तर के बाहर आजाद पार्षद के खिलाफ रोष प्रर्दशन करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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हरगोबिंद नगर इलाके में रविवार रात मामूली बात पर आजाद पार्षद जसबीर सिंह जस्सा और उनके किराएदार आपस में भिड़ गए। दोनों गुटों में जमकर ईंट पत्थर, डंडे लाठियां और किरपाणें चलीं। इस मारपीट में पार्षद जस्सा, उनके बेेटे गौरवजीत सिंह गोरा और सिमरजीत सिंह सिम्मू, जबकि दूसरे पक्ष से रविंदरपाल सिंह, हरप्रीत सिंह गुलाटी, तलविंदर सिंह और एक अन्य घायल हो गए।
सूचना मिलते ही डीसीपी ध्रुमण निंबले, एडीसीपी वन जोगिंदर सिंह, थाना डिवीजन एक, दो, तीन, चार, शिमलापुरी और सलेम टाबरी सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत किया। दोनों गुट सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने पार्षद जस्सा को एसपीएस अस्पताल और रविंदर को सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद देर रात को जसविंदर सिंह की शिकायत पर पार्षद जसबीर सिंह जस्सा, गौरवजीत सिंह गोरा, सिमरजीत सिंह सिम्मू और 36 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सोमवार को दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
पार्षद जसबीर सिंह जस्सा के बेटे गौरवजीत सिंह ने कहा कि उनकी दुकान के आगे दो वाहनों की टक्कर हुई थी। एक वाहन चालक किराएदार का रिश्तेदार था। उनके छोटे भाई सिमरजीत सिंह ने उसे घायल को अस्पताल ले जाने की बात कही। इसी बात पर दूसरे पक्ष ने उनके भाई को घेरने के बाद मारपीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया। जब उनका भाई घर के अंदर भागा तो आरोपी तेजधार हथियार से लैस होकर उनके घर में घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। भाई को बचाने आए उसके पिता पार्षद जसबीर सिंह जस्सा, साथी दोस्त हरमन और किशन को भी हमलावरों ने घायल कर दिया।
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सोमवार को प्रदर्शन के दौरान गौरवजीत सिंह गोरा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता की शहर में उन पर हमला किया है। भाजपा नेता पुलिस कार्रवाई नहीं होने दे रहा। उन्हीं के घर में घुस कर मारपीट हुई और उन्हीं पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि किसी के साथ धक्केशाही नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही एक शिष्टमंडल पुलिस कमिश्नर से मिलकर सारे मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से करवाने की अपील करेगा। इसके बाद धरना उठाया गया।
वहीं घायल रविंदर ने बताया कि उनके भतीजे कुलजीत सिंह की रविवार रात एक्टिवा के साथ टक्कर हो गई थी। जिसके बाद पार्षद जसबीर सिंह जस्सा के बेटों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वह अपने भतीजे से बात कर रहे थे कि पार्षद जस्सा, उसके बेटे अन्य लोगों के साथ उनकी दुकान के अंदर घुस गए और उन पर हमला कर दिया। सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में रोष प्रदर्शन करते समय हरप्रीत सिंह और पार्षद गुरप्रीत खुराना ने कहा कि पुलिस ने जो धारा बनती थी, वह नहीं लगाई।
बल्कि पार्षद और उसके बेटे पर मामूली धाराएं लगाकर खानापूर्ति कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पुलिस की हाजिरी में तलवारें चलाई। प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला। उसके बाद थाना डिवीजन पांच के प्रभारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों की डीसीपी से मीटिंग करवाई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी के साथ पूरा इंसाफ किया जाएगा।
थाना डिवीजन छह के एसएचओ संदीप वडेरा ने कहा कि पुलिस ने पार्षद जसबीर सिंह जस्सा और उनके बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा पुलिस पार्षद जस्सा के ब्यान लेकर और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर क्रास मामला दर्ज करेगी। बाकी जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह आधारहीन हैं। पुलिस ने सबसे पहले पार्षद और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
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सूचना मिलते ही डीसीपी ध्रुमण निंबले, एडीसीपी वन जोगिंदर सिंह, थाना डिवीजन एक, दो, तीन, चार, शिमलापुरी और सलेम टाबरी सहित कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत किया। दोनों गुट सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां से डॉक्टरों ने पार्षद जस्सा को एसपीएस अस्पताल और रविंदर को सीएमसी अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने जांच के बाद देर रात को जसविंदर सिंह की शिकायत पर पार्षद जसबीर सिंह जस्सा, गौरवजीत सिंह गोरा, सिमरजीत सिंह सिम्मू और 36 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। सोमवार को दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ प्रदर्शन किया।
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पार्षद जसबीर सिंह जस्सा के बेटे गौरवजीत सिंह ने कहा कि उनकी दुकान के आगे दो वाहनों की टक्कर हुई थी। एक वाहन चालक किराएदार का रिश्तेदार था। उनके छोटे भाई सिमरजीत सिंह ने उसे घायल को अस्पताल ले जाने की बात कही। इसी बात पर दूसरे पक्ष ने उनके भाई को घेरने के बाद मारपीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया। जब उनका भाई घर के अंदर भागा तो आरोपी तेजधार हथियार से लैस होकर उनके घर में घुस आए और मारपीट शुरू कर दी। भाई को बचाने आए उसके पिता पार्षद जसबीर सिंह जस्सा, साथी दोस्त हरमन और किशन को भी हमलावरों ने घायल कर दिया।
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सोमवार को प्रदर्शन के दौरान गौरवजीत सिंह गोरा ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता की शहर में उन पर हमला किया है। भाजपा नेता पुलिस कार्रवाई नहीं होने दे रहा। उन्हीं के घर में घुस कर मारपीट हुई और उन्हीं पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया। भाजपा के कोषाध्यक्ष गुरदेव शर्मा देबी मौके पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि किसी के साथ धक्केशाही नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही एक शिष्टमंडल पुलिस कमिश्नर से मिलकर सारे मामले की जांच किसी निष्पक्ष अधिकारी से करवाने की अपील करेगा। इसके बाद धरना उठाया गया।
वहीं घायल रविंदर ने बताया कि उनके भतीजे कुलजीत सिंह की रविवार रात एक्टिवा के साथ टक्कर हो गई थी। जिसके बाद पार्षद जसबीर सिंह जस्सा के बेटों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। वह अपने भतीजे से बात कर रहे थे कि पार्षद जस्सा, उसके बेटे अन्य लोगों के साथ उनकी दुकान के अंदर घुस गए और उन पर हमला कर दिया। सोमवार को पुलिस कमिश्नर कार्यालय में रोष प्रदर्शन करते समय हरप्रीत सिंह और पार्षद गुरप्रीत खुराना ने कहा कि पुलिस ने जो धारा बनती थी, वह नहीं लगाई।
बल्कि पार्षद और उसके बेटे पर मामूली धाराएं लगाकर खानापूर्ति कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपियों ने पुलिस की हाजिरी में तलवारें चलाई। प्रदर्शन करीब एक घंटे तक चला। उसके बाद थाना डिवीजन पांच के प्रभारी मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों की डीसीपी से मीटिंग करवाई। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी के साथ पूरा इंसाफ किया जाएगा।
थाना डिवीजन छह के एसएचओ संदीप वडेरा ने कहा कि पुलिस ने पार्षद जसबीर सिंह जस्सा और उनके बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसके अलावा पुलिस पार्षद जस्सा के ब्यान लेकर और उसकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई कर क्रास मामला दर्ज करेगी। बाकी जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं, वह आधारहीन हैं। पुलिस ने सबसे पहले पार्षद और उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज किया था।