{"_id":"5d4c546e8ebc3e6cc57845b0","slug":"clash-between-ppcb-and-ludhiana-mayor-ludhiana-news-pkl3469288143","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीपीसीबी पर मेयर बलकार का पलटवार, समय पर नहीं बने सीईटीपी तो कटेंगे कनेक्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीपीसीबी पर मेयर बलकार का पलटवार, समय पर नहीं बने सीईटीपी तो कटेंगे कनेक्शन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पीपीसीबी पर मेयर बलकार का पलटवार
समय पर नहीं बने सीईटीपी तो कटेंगे कनेक्शन
निगम के एसटीपी पर पहुंच रहा है इंडस्ट्री का अनट्रीटेड पानी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) और मेयर बुड्ढा दरिया के प्रदूषण को लेकर आमने सामने हो गए हैं। जहां पीपीसीबी ने बुड्ढा दरिया के प्रदूषण का ठीकरा निगम पर फोड़ते मेयर सहित 6 अधिकारियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में क्रिमिनल केस फाइल कर दिया है। वहीं अब मेयर ने पीपीसीबी को अपने निशाने पर ले लिया है। पीसीसीबी की कार्रवाई के बाद मेयर ने साफ कर दिया है कि जो तीन सीईटीपी प्लांट इनकी निगरानी में बन रहे है। अगर वह समय रहते शुरू नहीं हुए तो निगम डाइंग इंडस्ट्री के कनेक्शन काटने का काम शुरू कर देगा।
मेयर बलकार संधू ने बताय कि 2007-08 में पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड सतलुज एक्शन प्लान के तहत शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को लगाया था। इससे पहले ही डाइंगों के कनेक्शन निगम सीवरेज के साथ जुड़े हुए थे। एसटीपी शुरू होते ही इन डाइंग का पानी भी एसटीपी पर पहुंचने लगा। हालांकि यह एसटीपी डोमेस्टिक डिस्चार्ज के लिए तैयार किए गए थे, लेकिन यहां पर इंडस्ट्री का डिस्चार्ज पहुंचने पर इनकी कार्यक्षमता पूरी तरह से प्रभावित हो गई। आखिरकार पंजाब डायर एसोसिएशन की तरफ से पीपीसीबी की निगरानी में तीन नए सीईटीपी प्लांट लगाना शुरू किया गया। डाइंग का पानी इन सीईटीपी पर पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर लाइन डालने का काम किया जा रहा है लेकिन इनका काम समय पर पूरा नहीं हुआ। हर बार पीपीसीबी डेड लाइन का समय बढ़ाता आ रहा है। अब इन प्लांट का निर्माण 31 मार्च 2020 तक पूरा किया जाना है। अगर इन निश्चित समय पर तीनों सीईटीपी प्लांट ने काम शुरू नहीं किया, तो वह डाइंग इंडस्ट्री के कनेक्शन सीवरेज लाइन के जुड़े है। उन्हें काटने का काम शुरू कर देगा।
विज्ञापन
समय पर नहीं बने सीईटीपी तो कटेंगे कनेक्शन
निगम के एसटीपी पर पहुंच रहा है इंडस्ट्री का अनट्रीटेड पानी
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) और मेयर बुड्ढा दरिया के प्रदूषण को लेकर आमने सामने हो गए हैं। जहां पीपीसीबी ने बुड्ढा दरिया के प्रदूषण का ठीकरा निगम पर फोड़ते मेयर सहित 6 अधिकारियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में क्रिमिनल केस फाइल कर दिया है। वहीं अब मेयर ने पीपीसीबी को अपने निशाने पर ले लिया है। पीसीसीबी की कार्रवाई के बाद मेयर ने साफ कर दिया है कि जो तीन सीईटीपी प्लांट इनकी निगरानी में बन रहे है। अगर वह समय रहते शुरू नहीं हुए तो निगम डाइंग इंडस्ट्री के कनेक्शन काटने का काम शुरू कर देगा।
मेयर बलकार संधू ने बताय कि 2007-08 में पंजाब वाटर सप्लाई एंड सीवरेज बोर्ड सतलुज एक्शन प्लान के तहत शहर में तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को लगाया था। इससे पहले ही डाइंगों के कनेक्शन निगम सीवरेज के साथ जुड़े हुए थे। एसटीपी शुरू होते ही इन डाइंग का पानी भी एसटीपी पर पहुंचने लगा। हालांकि यह एसटीपी डोमेस्टिक डिस्चार्ज के लिए तैयार किए गए थे, लेकिन यहां पर इंडस्ट्री का डिस्चार्ज पहुंचने पर इनकी कार्यक्षमता पूरी तरह से प्रभावित हो गई। आखिरकार पंजाब डायर एसोसिएशन की तरफ से पीपीसीबी की निगरानी में तीन नए सीईटीपी प्लांट लगाना शुरू किया गया। डाइंग का पानी इन सीईटीपी पर पहुंचाने के लिए अपने स्तर पर लाइन डालने का काम किया जा रहा है लेकिन इनका काम समय पर पूरा नहीं हुआ। हर बार पीपीसीबी डेड लाइन का समय बढ़ाता आ रहा है। अब इन प्लांट का निर्माण 31 मार्च 2020 तक पूरा किया जाना है। अगर इन निश्चित समय पर तीनों सीईटीपी प्लांट ने काम शुरू नहीं किया, तो वह डाइंग इंडस्ट्री के कनेक्शन सीवरेज लाइन के जुड़े है। उन्हें काटने का काम शुरू कर देगा।
विज्ञापन