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मामला अकाली नेता के बेटे को नशा तस्करी के झूठे केस में फंसाने का मामला

Fri, 30 Aug 2019 10:39 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2019 10:39 PM IST
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case on three employees in charge of corruption
सीआईए स्टाफ के एएसआई समेत तीन पर भ्रष्टाचार का केस
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अकाली नेता के बेटे को नशा तस्करी के झूठे केस में फंसाने का मामला
एसपी की जांच के बाद की गई कार्रवाई, थाना प्रभारी के खिलाफ जांच जारी
अमर उजाला ब्यूरो
बठिंडा। सीआईए स्टाफ वन के तीन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। वहीं थाना प्रभारी अमृतपाल भाटी के खिलाफ जांच जारी है। एसपी ब्यूरो आफ इन्वेस्टीगेशन गुरविंदर सिंह ने बताया कि एसएसपी डॉ. नानक सिंह ने उन्हें इस मामले की जांच सौंपी थी और तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान एएसआई रवनीत उर्फ रवि कुमार, हवलदार कुलविंदर सिंह, कांस्टेबल गुरपाल सिंह आरोपी पाए गए और उनके विरुद्ध थाना थर्मल में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सीआईए-1 प्रभारी अमृतपाल भाटी के विरुद्ध कोई शिकायत नहीं और न ही किसी ने उनके विरुद्ध कोई बयान दिया लेकिन प्रभारी होने के नाते फिलहाल उन्हें निलंबित रखा गया है और जांच जारी है। उन्होंने बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई पुलिस जल्दी ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ करेगी और इनसे रिश्वत के तौर पर लिए गए पैसे बरामद करेगी।
क्या था मामला
गांव जंगीराणा के अकाली नेता भोला सिंह ने डीजीपी दिनकर गुप्ता से मिलकर शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसके बेटे कुलदीप सिंह को पुलिस ने चिट्टे के झूठे मामले में फंसाकर मोटी रकम हासिल की है। मामला 8 जुलाई 2019 का है। सीआईए-1 की ओर से 50 ग्राम हैरोइन रखने का आरोप रणजीत सिंह, कुलदीप सिंह, सुप्रीम सिंह पर लगाया गया था और उन पर मामला भी दर्ज कर लिया था। पुलिस ने इन तीनों की गिरफ्तारी चिट्टे के साथ स्कोडा कार में दिखाई थी। असल में अकाली नेता ने अपने बेटे कुलदीप सिंह को झूठा फंसाने की शिकायत की थी। उसने शिकायत में कहा था कि उसका बेटा दिल्ली में पुरानी कारों को खरीदने बेचने का काम करता है। सीआईए कर्मचारी गुरपाल सिंह भी उसके साथ काम करता था इसलिए दोनों की जान पहचान थी। घटना वाले दिन कुलदीप सिंह घर में ही था जिसे फोन कर सीआईए में बुलाया गया और उस पर चिट्टे का मामला दर्ज करने का दबाव बनाया और लेनदेन किया। बावजूद इसके फिर भी उस पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया जिसकी शिकायत पीड़ित के पिता ने डीजीपी को की थी।
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डीजीपी कार्यालय ने जांच के लिए शिकायत पत्र आईजी एमएफ फारूकी को भेजा। 26 अगस्त को शिकायत मिलने के बाद आईजी ने सीआईए-1 के थाना प्रभारी अमृतपाल भाटी सहित थानेदार रवि कुमार, हैड कांस्टेबल कुलविंदर सिंह व कांस्टेबल गुरपाल सिंह को तुरंत प्रभाव से निलंबित कर दिया था। मामले की जांच कर रहे एसपी गुरविंदर सिंह ने जांच पूरी कर रिपोर्ट एसएसपी को दी जिसमें सीआईए के तीनों कर्मचारी आरोपी पाए गए और उन पर मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई। एसएसपी ने थाना थर्मल में इन तीनों के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने के निर्देश जारी किए। जिसके बाद उक्त तीनों पर मामला दर्ज कर लिया गया।
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