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गांव विर्क कलां की पंचायत पर एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज
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बठिंडा के गांव विर्क कलां में भैंसा चोरी करने के संदेह में पंचायत ने एक साल पहले अनुसूचित जाति के परिवार को गांव से बाहर निकाल दिया था। रविवार को थाना सदर पुलिस ने गांव की पंचायत के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया।
जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति से संबंधित राम सिंह 10 वर्ष पहले गांव जवाहरेवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब से विर्क कलां आया था। उसने वहां मकान भी बना लिया था। राम सिंह गांव में बने डेरे में सेवा भी करता था। एक साल पहले डेरे से एक भैंसा चोरी हो गया। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज चेक करवाई तो दो लोग चोरी करते नजर आए। उनमें से एक व्यक्ति लगड़ाकर चल रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि वो राम सिंह है। रामसिंह इनकार करता रहा लेकिन ग्रामीणों ने उसपर और दो अज्ञात पर मामला दर्ज करवा दिया। राम सिंह को कुछ दिन जेल भी जाना पड़ा। जब राम सिंह जेल में था तो गांव का चौकीदार राम सिंह के घर नोटिस लेकर पहुंचा। नोटिस में लिखा था कि राम सिंह का चाल चलन सही नहीं है इसलिए 6 मार्च 2020 से पहले पूरा परिवार गांव छोड़ दे। यदि परिवार गांव नहीं छोड़ेगा तो उनका सामान गांव से बाहर रख दिया जाएगा। सारा परिवार 5 मार्च को ही घर छोड़कर गांव जवाहरेवाला में आकर रहने लगा। राम सिंह और उसका परिवार अब तक गांव जवाहरेवाला में बनाए एक अस्थायी कमरे में रह रहा है।
राम सिंह की बेटी नवजोत कौर ने बताया कि उसकी बीसीए की पढ़ाई बीच में रह गई। उन्हें अपना अच्छा खासा घर छोड़कर यहां रहना पड़ रहा है। राम सिंह का कहना है कि सरपंच सत्ताधारी पार्टी से संबंधित है। शिकायत के बावजूद उसपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। अब एससी-एसटी आयोग की तरफ से मामले में कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को देने के बाद उन्हें इंसाफ की उम्मीद होने लगी है। वहीं सरपंच गुरचरन सिंह का कहना है कि उन्होंने यह नोटिस निकाला था लेकिन पहले ग्राम सभा में प्रस्ताव डाला गया। इसपर ग्रामीणों के भी हस्ताक्षर थे।
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अनुसूचित जाति आयोग ने एसएसपी को दिए थे थे केस दर्ज करने के आदेश
15 दिन पहले राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य गोपाल चंद ने अपने साथी सदस्यों के साथ उक्त गांव विर्क कलां का दौरा कर राम सिंह के घर का जायजा लिया था। उन्होंने गांव विर्क कलां की पूरी पंचायत को आरोपी ठहराते हुए एसएसपी बठिंडा को पत्र लिखकर आदेश दिए कि राम सिंह को गांव से निकालने वाली पूरी पंचायत के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए। आयोग का पत्र मिलने के बाद थाना सदर पुलिस ने गांव विर्क कलां की पूरी पंचायत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।
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जानकारी के अनुसार अनुसूचित जाति से संबंधित राम सिंह 10 वर्ष पहले गांव जवाहरेवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब से विर्क कलां आया था। उसने वहां मकान भी बना लिया था। राम सिंह गांव में बने डेरे में सेवा भी करता था। एक साल पहले डेरे से एक भैंसा चोरी हो गया। ग्रामीणों ने सीसीटीवी फुटेज चेक करवाई तो दो लोग चोरी करते नजर आए। उनमें से एक व्यक्ति लगड़ाकर चल रहा था। ग्रामीणों ने कहा कि वो राम सिंह है। रामसिंह इनकार करता रहा लेकिन ग्रामीणों ने उसपर और दो अज्ञात पर मामला दर्ज करवा दिया। राम सिंह को कुछ दिन जेल भी जाना पड़ा। जब राम सिंह जेल में था तो गांव का चौकीदार राम सिंह के घर नोटिस लेकर पहुंचा। नोटिस में लिखा था कि राम सिंह का चाल चलन सही नहीं है इसलिए 6 मार्च 2020 से पहले पूरा परिवार गांव छोड़ दे। यदि परिवार गांव नहीं छोड़ेगा तो उनका सामान गांव से बाहर रख दिया जाएगा। सारा परिवार 5 मार्च को ही घर छोड़कर गांव जवाहरेवाला में आकर रहने लगा। राम सिंह और उसका परिवार अब तक गांव जवाहरेवाला में बनाए एक अस्थायी कमरे में रह रहा है।
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राम सिंह की बेटी नवजोत कौर ने बताया कि उसकी बीसीए की पढ़ाई बीच में रह गई। उन्हें अपना अच्छा खासा घर छोड़कर यहां रहना पड़ रहा है। राम सिंह का कहना है कि सरपंच सत्ताधारी पार्टी से संबंधित है। शिकायत के बावजूद उसपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही थी। अब एससी-एसटी आयोग की तरफ से मामले में कार्रवाई करने के निर्देश पुलिस को देने के बाद उन्हें इंसाफ की उम्मीद होने लगी है। वहीं सरपंच गुरचरन सिंह का कहना है कि उन्होंने यह नोटिस निकाला था लेकिन पहले ग्राम सभा में प्रस्ताव डाला गया। इसपर ग्रामीणों के भी हस्ताक्षर थे।
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अनुसूचित जाति आयोग ने एसएसपी को दिए थे थे केस दर्ज करने के आदेश
15 दिन पहले राज्य अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य गोपाल चंद ने अपने साथी सदस्यों के साथ उक्त गांव विर्क कलां का दौरा कर राम सिंह के घर का जायजा लिया था। उन्होंने गांव विर्क कलां की पूरी पंचायत को आरोपी ठहराते हुए एसएसपी बठिंडा को पत्र लिखकर आदेश दिए कि राम सिंह को गांव से निकालने वाली पूरी पंचायत के खिलाफ एससी एसटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया जाए। आयोग का पत्र मिलने के बाद थाना सदर पुलिस ने गांव विर्क कलां की पूरी पंचायत के खिलाफ केस दर्ज कर लिया।