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इंस्पेक्टर और एएसआई के खिलाफ केस
अमर उजाला, लुधियाना
Updated Fri, 01 Nov 2013 10:05 PM IST
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लुधियाना में तीन साल की जद्दोजहद के बाद मुल्लांपुर निवासी जगशीर सिंह को न्याय मिल ही गया। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर इंस्पेक्टर मनिंदर बेदी एवं एएसआई गुरबलजीत सिंह के खिलाफ करीब तीन साल पहले धोखाधड़ी का झूठा मामला दर्ज करने के आरोप में परचा दर्ज किया है।
थाना डिवीजन नंबर आठ के प्रभारी दविंदर कुमार ने मामला दर्ज करने की पुष्टि की है। झूठे मामले में जेल से छूटने के बाद जगशीर ने मानवाधिकार आयोग में न्याय के लिए गुहार लगाई थी।
आयोग ने पुलिस कमिश्नर को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। जांच में जगशीर निर्दोष पाया गया।
कंपनी ने दर्ज करवाया था मामला
जानकारी के अनुसार जगशीर ने अपने इंप्लायर के खिलाफ अक्तूबर 2010 में मामला दर्ज कराया था कि उसे छह माह का वेतन नहीं मिला है।
उसने कंपनी को भी कई बार वेतन के लिए आग्रह किया, लेकिन धमकियां ही मिलीं। इसके बाद कंपनी संचालक ने जगशीर एवं पांच अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया।
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राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने जगशीर पर फरवरी 2011 में मामला दर्ज किया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जेल में जज को सुनाई थी दास्तां
जगशीर की पत्नी ने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखे थे।
जेल में न्यायाधीश एसपी बांगड़ दौरा करने आए तो उसने अपनी बेगुनाही की सारी दास्तां उनको सुनाई। अदालत ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे रिहा कर दिया। इसके बाद भी उसने अपनी लड़ाई जारी रखी और अब उसे न्याय मिला है।
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थाना डिवीजन नंबर आठ के प्रभारी दविंदर कुमार ने मामला दर्ज करने की पुष्टि की है। झूठे मामले में जेल से छूटने के बाद जगशीर ने मानवाधिकार आयोग में न्याय के लिए गुहार लगाई थी।
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आयोग ने पुलिस कमिश्नर को संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। जांच में जगशीर निर्दोष पाया गया।
कंपनी ने दर्ज करवाया था मामला
जानकारी के अनुसार जगशीर ने अपने इंप्लायर के खिलाफ अक्तूबर 2010 में मामला दर्ज कराया था कि उसे छह माह का वेतन नहीं मिला है।
उसने कंपनी को भी कई बार वेतन के लिए आग्रह किया, लेकिन धमकियां ही मिलीं। इसके बाद कंपनी संचालक ने जगशीर एवं पांच अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज करा दिया।
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राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने जगशीर पर फरवरी 2011 में मामला दर्ज किया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया था।
जेल में जज को सुनाई थी दास्तां
जगशीर की पत्नी ने इस संबंध में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखे थे।
जेल में न्यायाधीश एसपी बांगड़ दौरा करने आए तो उसने अपनी बेगुनाही की सारी दास्तां उनको सुनाई। अदालत ने कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए उसे रिहा कर दिया। इसके बाद भी उसने अपनी लड़ाई जारी रखी और अब उसे न्याय मिला है।