मालखाने में पड़ी कारबाइन से पंजाब पुलिस के एएसआई ने खुद को मारी गोली, ट्रांसफर के बाद भी नहीं दे रहा था चाबी
मनोहर लाल पहले थाना सराभा नगर में ही बतौर मुंशी तैनात था और मालखाने की सारी जिम्मेदारी भी उसकी थी। जून में उसकी बदली थाना सदर में हो गई, लेकिन उसने थाना सदर में ज्वाइन नहीं किया और पुलिस लाइन में चला गया।
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लुधियाना के सराभा नगर थाने में बुधवार देर रात उस समय भगदड़ मच गई, जब पंजाब पुलिस के एएसआई ने मालखाने के अंदर घुस वहां पड़ी कारबाइन से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनते ही सभी मुलाजिम मालखाने की तरफ भागे। कुछ मुलाजिमों ने सोचा कि गोली मालखाने की तरफ से चली है तो कोई अटैक न हुआ हो तो मुलाजिम अपने अपने हथियार उठाकर मालखाने की तरफ भागे। जब वहां पहुंचे तो देखा कि इसी थाने में मुंशी रहे एएसआई मनोहर लाल (50) का शव खून से लथपथ पड़ा था। इसके बाद मुलाजिमों ने इसकी जानकारी पुलिस के उच्च अधिकारियों को दी। जांच के बाद मनोहर लाल का शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया।
जानकारी के अनुसार मनोहर लाल पहले थाना सराभा नगर में ही बतौर मुंशी तैनात था और मालखाने की सारी जिम्मेदारी भी उसकी थी। जून में उसकी बदली थाना सदर में हो गई, लेकिन उसने थाना सदर में ज्वाइन नहीं किया और पुलिस लाइन में चला गया। वह पिछले दो महीने से थाना सराभा नगर के नए मुंशी को मालखाने की चाबियां नहीं सौंप रहा था और न ही रिकॉर्ड दे रहा था।
थाने की तरफ से भी तीन से चार बार लिखित में देकर थाने के मालखाने की चाबियां मांगी थी, लेकिन वह हर बार टालमटोल किए जा रहा था। सूत्र बताते हैं कि एसटीएफ की टीम ने एक मामले में कुछ नशीला पदार्थ रिकवर किया था और थाना सराभा नगर के मालखाने में पड़ा था, लेकिन वहां से उसके समय में ही कम हो गया था। वह सामान कैसे कम हुआ किसी को कुछ पता नहीं था। खुद पर कार्रवाई की वजह से मनोहर लाल डर रहा था, इस कारण वह चाबियां नहीं दे रहा था। इसी बात को लेकर वह परेशान था। वह बुधवार की रात करीब साढ़े 12 बजे थाने पहुंचा और मालखाने में जाकर वहां पड़ी कारबाइन से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
पत्नी की करीब नौ महीने पहले हुई थी मौत, बेटा रहता है विदेश
मनोहर लाल मूल रूप से होशियारपुर का रहने वाला था और यहां वह थाना सराभा नगर के पीछे बनी पुलिस कॉलोनी में रहता था। उसकी पत्नी की करीब नौ महीने पहले मौत हो गई थी, जबकि बेटा विदेश में रहता है। मनोहर लाल की बेटी उसी के साथ पुलिस कॉलोनी में ही रहती है। पत्नी की मौत के बाद से भी मनोहर लाल काफी परेशान था और अक्सर चुपचाप रहता था। ऊपर से मालखाने की चिंता और खुद पर कार्रवाई का डर उसे सताने लगा था और उसने इसी वजह से खुद को गोली मारी। एसीपी मंदीप सिंह ने बताया कि मालखाने में माल कम का अभी कोई पता नहीं है। रिकार्ड चेक किया जाएगा उसी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि बाकी मनोहर लाल ने आत्महत्या क्यों की इसका कारण भी पता लगाया जा रहा है।