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रास नहीं आ रहा रेंट एक्ट
अमर उजाला, मुक्तसर
Updated Wed, 13 Nov 2013 10:33 PM IST
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वकीलों ने बुधवार को बार एसोसिएशन के प्रधान भूपिंदर सिंह चड़ेवान की अगुवाई में नए बनाए गए रेंट एक्ट के विरोध में डीसी दफ्तर के सामने रोष धरना दिया।
धरने के बाद मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर यातायात बाधित कर दिया। जाम के बाद वकीलों ने एडीसी नरिंदर सिंह बाठ को एक मांग पत्र भी सौंपा।
प्रधान चडेवान ने कहा कि रेंट एक्ट के बनाए जाने कारण पंजाब भर के वकीलों में रोष पाया जा रहा है। उनके अनुसार इस एक्ट के अंतर्गत अब केसों की सुनवाई ज्यूडिशियल कोर्ट के स्थान पर एसडीएम की अदालतों में होगी। जोकि सरासर गलत है।
क्योंकि इस तबदीली से वकीलों को अपने केसों की पैरवी के लिए बिना वजह की परेशानी से गुजरना होगा। वही पंजाब सरकार की ओर से एसडीएम की नियुक्ति की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह का कोई सियासी दबाव डाला जा सकता है।
जबकि अदालतों में होने वाले केसों पर किसी तरह का सियासी दवाब नहीं डाला जा सकता। अंत में उन्होंने सरकार से रैंट एक्ट के नोटिफिकेशन को जल्द वापिस लेने की अपील करते हुए संघर्ष को तेज करने की चेतावनी भी दी है।
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इस मौके पर इकबाल बुट्टर, गुरलाल सिंह, विजय शर्मा, अशोक गिरधर, बलजिंदर सेखों, पवन शर्मा, बलदेव सिंह सीविया, रोशन लाल जज्गा, देस राज लूना, राजपाल पठेला, गगन पठेला मौजूद थे।
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धरने के बाद मुख्य मार्ग पर जाम लगाकर यातायात बाधित कर दिया। जाम के बाद वकीलों ने एडीसी नरिंदर सिंह बाठ को एक मांग पत्र भी सौंपा।
प्रधान चडेवान ने कहा कि रेंट एक्ट के बनाए जाने कारण पंजाब भर के वकीलों में रोष पाया जा रहा है। उनके अनुसार इस एक्ट के अंतर्गत अब केसों की सुनवाई ज्यूडिशियल कोर्ट के स्थान पर एसडीएम की अदालतों में होगी। जोकि सरासर गलत है।
क्योंकि इस तबदीली से वकीलों को अपने केसों की पैरवी के लिए बिना वजह की परेशानी से गुजरना होगा। वही पंजाब सरकार की ओर से एसडीएम की नियुक्ति की जाती है। ऐसे में किसी भी तरह का कोई सियासी दबाव डाला जा सकता है।
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जबकि अदालतों में होने वाले केसों पर किसी तरह का सियासी दवाब नहीं डाला जा सकता। अंत में उन्होंने सरकार से रैंट एक्ट के नोटिफिकेशन को जल्द वापिस लेने की अपील करते हुए संघर्ष को तेज करने की चेतावनी भी दी है।
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इस मौके पर इकबाल बुट्टर, गुरलाल सिंह, विजय शर्मा, अशोक गिरधर, बलजिंदर सेखों, पवन शर्मा, बलदेव सिंह सीविया, रोशन लाल जज्गा, देस राज लूना, राजपाल पठेला, गगन पठेला मौजूद थे।