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स्कूल में चाय बनाते कूकर फटने से छात्रा जली
ब्यूरो/अमर उजाला/मानसा
Updated Mon, 18 May 2015 10:11 PM IST
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सरकारी एलीमेंट्री स्कूल जंडावाला में चाय बनाने गई छठी की छात्रा की कूकर फटने से पीठ जल गई। सिविल अस्पताल में भर्ती छठी कक्षा की छात्रा रीना कौर पुत्री भीम सिंह वासी मानसा ने बताया कि अक्सर उसकी टीचर भुपिंदर कौर उसेे चाय बनवाने को कहती थी। शनिवार को भी भुपिंदर कौर ने उसे चाय बनाने के लिए स्कूल की कीचन में भेजा, लेकिन वहां पहले से ही कूकर पर सब्जी बन रही थी।
जब रेनू गैस पर चाय बनाने लगी तो अचानक कूकर फट गया। इसके चलते उसकी पीठ जल गई। उसे स्कूल की एक अन्य टीचर ने प्राइवेट अस्पताल से दवाई दिलाकर घर छोड़ दिया। रेनू के माता-पिता अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं, जब वे शाम को घर लौटे तो उन्होंने रेनू की हालत देखकर उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। रेनू के पिता भीम सिंह ने बताया कि उसकी बेटी से पहले भी स्कूल टीचर कई बार चाय बनवाती हैं।
वे कई बार स्कूल जाकर रेनू से चाय न बनवाने संबंधी कह चुके हैं। भीम सिंह ने बताया कि अभी तक स्कूल का कोई भी टीचर उसका पता लेने के लिए सिविल अस्पताल नहीं पहुंचा है। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूलों में बच्चों से टीचर खाना तक बनवाते हैं। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि अध्यापकों को पढ़ाने की बजाए उनसे खाना और स्कूल की सफाई भी करवाई जाती है। ऐसे अध्यापकों पर कड़ी करवाई होनी चाहिए।
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उधर अध्यापिका भुपिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने रेनू को चाय बनाने के लिए नहीं भेजा था। वह तो उस समय कक्षा में ही पढ़ाई कर रही थी। भुपिंदर कौर का कहना है कि उसे बच्ची के जलने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. अनीश कुमार ने बताया कि रेनू 10 फीसदी जली हुई है।
उसका इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर है। पुलिस अधिकारी बोघा सिंह ने कहा कि बच्ची के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और संबंधित अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डीईओ राजिंदर कुमार मित्तल ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है, लेकिन अगर ऐसा काम अध्यापक बच्चों से करवाते हैं तो मामले की जांच करवा वे कार्रवाई करेंगे।
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जब रेनू गैस पर चाय बनाने लगी तो अचानक कूकर फट गया। इसके चलते उसकी पीठ जल गई। उसे स्कूल की एक अन्य टीचर ने प्राइवेट अस्पताल से दवाई दिलाकर घर छोड़ दिया। रेनू के माता-पिता अनाज मंडी में मजदूरी करते हैं, जब वे शाम को घर लौटे तो उन्होंने रेनू की हालत देखकर उसे सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। रेनू के पिता भीम सिंह ने बताया कि उसकी बेटी से पहले भी स्कूल टीचर कई बार चाय बनवाती हैं।
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वे कई बार स्कूल जाकर रेनू से चाय न बनवाने संबंधी कह चुके हैं। भीम सिंह ने बताया कि अभी तक स्कूल का कोई भी टीचर उसका पता लेने के लिए सिविल अस्पताल नहीं पहुंचा है। बच्ची के परिजनों ने आरोप लगाया कि स्कूलों में बच्चों से टीचर खाना तक बनवाते हैं। उन्होंने आरोप लगाते कहा कि अध्यापकों को पढ़ाने की बजाए उनसे खाना और स्कूल की सफाई भी करवाई जाती है। ऐसे अध्यापकों पर कड़ी करवाई होनी चाहिए।
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उधर अध्यापिका भुपिंदर कौर ने कहा कि उन्होंने रेनू को चाय बनाने के लिए नहीं भेजा था। वह तो उस समय कक्षा में ही पढ़ाई कर रही थी। भुपिंदर कौर का कहना है कि उसे बच्ची के जलने संबंधी कोई जानकारी नहीं है।
डॉ. अनीश कुमार ने बताया कि रेनू 10 फीसदी जली हुई है।
उसका इलाज चल रहा है और वह खतरे से बाहर है। पुलिस अधिकारी बोघा सिंह ने कहा कि बच्ची के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और संबंधित अध्यापक के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डीईओ राजिंदर कुमार मित्तल ने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके ध्यान में नहीं है, लेकिन अगर ऐसा काम अध्यापक बच्चों से करवाते हैं तो मामले की जांच करवा वे कार्रवाई करेंगे।