फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दें: प्रणब

फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दें: प्रणब

Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
Ludhiana
Ludhiana Updated Wed, 28 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
लुधियाना। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने देश में खाद्य सुरक्षा को यकीनी बनाने के लिए टिकाऊ कृषि ग्रोथ की जरूरत पर जोर दिया है। इसे हासिल करने के लिए उन्होंने वैज्ञानिकों को अपनी सार्थक भूमिका निभाने का आह्वान किया है, ताकि लंबे समय तक भोजन और आजीविका को सुरक्षित रखने के साथ साथ पानी, वातावरण और प्राकृतिक संसाधनों को बचाकर रखा जा सके। राष्ट्रपति मंगलवार को पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में कृषि माहिरों की अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस के उद्घाटन के मौके पर बोल रहे थे। वे पीएयू के गोल्डन जुबली वर्ष को समर्पित कृषि खाद्य और आजीविका की सुरक्षा के लिए पाएदार खेती विषय पर आयोजित सेमिनार में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
विज्ञापन

इसके अलावा वैज्ञानिकों को ग्लोबल मार्केट की जरूरतों को ध्यान में रख कर फसलों की किस्में पैदा कर किसानों को राह दिखाने को प्रेरित किया, ताकि ओवरसीज मार्केट में भी यहां के किसान अपना दबदबा बना सकें। उन्होंने फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री को बढ़ावा देने को समय की जरूरत बताया। ग्रामीण इलाकों में निजी क्षेत्र की सहायता से फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री का विस्तार करके छोटे एवं मझोले किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाया जा सकता है। देश के कुल कृषि उत्पादन के केवल तीन फीसदी की ही प्रोसेसिंग हो पा रही है। जबकि 98 फीसदी कृषि उत्पादन खेत से सीधे बाजार में पहुंच कर बिक रहे हैं। फूड प्रोसेसिंग के जरिये वैल्यू एडीशन करके किसानों की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत बनाया जा सकता है। केंद्र सरकार देश में तीस फूड पार्क बनाने की योजना बना रही है।
विज्ञापन

राष्ट्रपति के अनुसार उत्पादकता बढ़ाने और कृषि विभिन्नता लाने के लिए केंद्र सरकार ने चार सूत्रीय नीति तैयार की है। इसमें पूर्वी राज्यों में हरित क्रांति लाना, ढुलाई के दौरान और गोदामों में अनाज की खराबी को कम करना, किसानों के लिए सस्ता कर्ज एवं मंडीकरण की सहूलियतें मुहैया कराना और वैल्यू एडीशन को बढ़ावा देना शामिल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

देश में इस साल 25.74 करोड़ टन अनाज की रिकार्ड पैदावार हुई है। यह देश के किसानों एवं वैज्ञानिकों की मेहनत का ही नतीजा है। राष्ट्रपति ने मौजूदा 2.8 फीसदी की कृषि विकास दर को और बढ़ाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों को मिल कर काम करने को प्रेरित किया। बारहवीं पंच वर्षीय योजना के दौरान कृषि बजट 0.6 फीसदी से बढ़ा कर डेढ़ फीसदी किया जा रहा है। राष्ट्रपति के अनुसार केंद्र सरकार की विभिन्न स्कीमों के बावजूद कृषि क्षेत्र में आर्थिक ग्रोथ को कायम रखना बड़ी चुनौती है, लेकिन इसके लिए संयुक्त प्रयास करने होंगे। भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रख कर ही वैज्ञानिकों और सरकारों को नीतियां बनानी होंगी। देश में उत्पादकता को बढ़ाकर कृषि लागत को कम किया जा सकता है, इस दिशा में भी वैज्ञानिकों को अपनी भूमिका निभानी होगी। इस अवसर पर गवर्नर शिवराज पाटिल और मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी अपने संबोधन में पीएयू द्वारा किए कामों की तारीफ की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed