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328 पावन स्वरूप मामला: राजनीति छोड़ जांच में सहयोग करे एसजीपीसी : संधवां
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फरीदकोट। पंजाब विधानसभा के स्पीकर और कोटकपूरा से विधायक कुलतार सिंह संधवां ने 328 पावन स्वरूपों के गायब होने के मामले को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के आरोपों पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार धार्मिक मामलों में दखल नहीं दे रही, बल्कि अपना सांविधानिक फर्ज निभा रही है। साथ ही एसजीपीसी से राजनीति करने के बजाय जांच में सहयोग करने की अपील की।
शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में स्पीकर संधवां ने कहा कि 328 पावन स्वरूपों का लापता होना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील विषय है जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मामला पिछले पांच वर्षों से एसजीपीसी के खिलाफ धरनों का कारण बना रहा, लेकिन कमेटी ने धरनाकारियों की मांगों को मानने के बजाय उन पर ही केस दर्ज करवा दिए।
स्पीकर ने कहा कि सरकार ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 16 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर और एसआईटी गठित कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। अब एसजीपीसी का भी दायित्व बनता है कि वह सच्चाई सामने लाने में सहयोग करे। इस प्रकरण को दबाने के लिए छापेखाने में आग लगने की घटना भी सामने आई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा कि आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में स्पीकर संधवां ने कहा कि 328 पावन स्वरूपों का लापता होना अत्यंत गंभीर और संवेदनशील विषय है जिसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। यह मामला पिछले पांच वर्षों से एसजीपीसी के खिलाफ धरनों का कारण बना रहा, लेकिन कमेटी ने धरनाकारियों की मांगों को मानने के बजाय उन पर ही केस दर्ज करवा दिए।
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स्पीकर ने कहा कि सरकार ने जांच कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर 16 आरोपियों के खिलाफ मामले दर्ज कर और एसआईटी गठित कर अपनी जिम्मेदारी निभाई है। अब एसजीपीसी का भी दायित्व बनता है कि वह सच्चाई सामने लाने में सहयोग करे। इस प्रकरण को दबाने के लिए छापेखाने में आग लगने की घटना भी सामने आई थी, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। उन्होंने दो टूक कहा कि आस्था से जुड़े इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही या साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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