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शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन धार्मिक व सियासी नेतायें ने लगवाई हाजरी

Sat, 22 Dec 2018 10:08 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sat, 22 Dec 2018 10:08 PM IST
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शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन धार्मिक व सियासी नेतायें ने लगवाई हाजरी
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चंदूमाजरा ने धार्मिक स्टेज से जमकर छोड़े सियासी बाण
शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन धार्मिक व नेताओं ने लगाई हाजिरी
कांग्रेस ने अखंड साहिब पाठ के डाले भोग, लगाया कैंसर जांच कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
श्री चमकौर साहिब।
दशमेश पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के बड़े साहिबजादों और सिंहों की शहादत को समर्पित मनाये जा रहे शहीदी जोड़ मेल के दूसरे दिन अकाली दल के नेताओं ने बाबा संगत सिंह दीवान हाल में हाजिरी भरी। वहीं पर कांग्रेस की ओर से कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह के दफ्तर में अखंड साहिब पाठ के भोल डाले गये। साथ ही कैंसर जांच कैंप का आयोजन किया गया। जब कि अकाली दल 1920 द्वारा खालसा स्कूल में खेलों का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरुद्वारा कतलगढ़ साहिब के बाबा संगत सिंह दीवान हाल में धार्मिक समागम कराया गया, जहां रागी सिंहों और ढाडी सिंहों ने संगत को शबद कीर्तन से निहाल किया। इस मौके पर एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल और श्री आनंदपुर साहिब से लोकसभा सदस्य प्रोफेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने हाजिरी लगवाई। चंदूमाजरा ने संगत को संबोधित करते हुए 84 के सिख दंगों का मुद्दा उठाया। वहीं अकाली दल की ओर से राज्य में बनाई गई यादगारों के बारे में भी बताया। इस दौरान एसजीपीसी के प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी ने सिद्धांत की खातिर पूरा परिवार वार दिया।
सियासी बातें करने के बजाय हेल्थ कैंप लगाया
कैबिनेट मंत्री चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि उन्होंने श्री अखंड पाठ साहिब के भोग डालकर चमकौर साहिब में शहीद हुए सिंहों को श्रद्धांजलि भेंट की है। कांग्रेस पिछले 10 वर्षों से सियासी कॉन्फ्रेंस नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दौरान कोई सियासी बात करने की बजाय उनके द्वारा कैंसर जांच कैंप तथा मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया, ताकि लोगों को लाभ हो।
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सियासी बातें करने का विरोध करने वाले को घेरे रखा
चाहे कि पिछले दो समागम में अकाली दल के नेता न तो स्टेज पर बैठे ओर न ही संबोधन किया, लेकिन समागम के मौके पर चंदूमाजरा स्टेज पर भी बैठे और सियासी निशाने साधे। वहीं स्टेज से सियासी बातें करने का विरोध करने की धमकी देने वाले अकाली दल अमृतसर के नेता फौजा सिंह धनोरी समेत अन्य को युवा अकाली नेताओं ने घेरे रखा ताकि वह विरोध न कर सकें। चंदूमाजरा के संबोधन करने के बाद युवा अकाली नेता उठकर पंडाल के एक साइड पर खड़े हो गये। इस दौरान चंदूमाजरा ने कहा कि अकाली दल धर्म से सेध लेकर राजनीति करता है और धर्म राजनीति से ऊपर है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्टेजों से ही 84 के सिख दंगों तथा कौम से जुड़े अन्य मुद्दे उठाये जाते हैं जो गलत नहीं है।
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टूटे अकाली दल पर लौंगोवाल ने कहा- कोई फर्क नहीं पड़ता
इस मौके पर पत्रकारों से बात करते हुए एसजीपीसी प्रधान गोबिंद सिंह लौंगोवाल ने कहा कि वह एसजीपीसी के चुनाव के लिए तैयार हैं और ये चुनाव चुनाव कमीशन ने कराने हैं, वह जब मर्जी करवा ले। एक सवाल के जवाब में कहा कि पंजाब में पहले भी नए धडे़ बनते आये हैं, और अब भी बन रहे धड़े को अकाली दल को कोई फर्क नहीं पड़ता। जबकि लोग एसजीपीसी की सेवा अकाली दल को ही देंगे। इस दौरान उन्होंने राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की बात कही और कहा कि राजीव गांधी की शह पर ही 1984 में सिख दंगे हुए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को अपना स्टैंड रखना चाहिए। सांसद चंदूमाजरा ने कहा कि आम आमदी पार्टी का कोई सिद्धांत नहीं है तथा यू-टर्न लेना उनकी आदत है। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी का सिख दंगों के दोषियों में नाम शामिल कर मामला दर्ज करना चाहिए। चंदूमाजरा ने कहा कि कांग्रेस ने कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाकर गलत किया। कांग्रेस ने इतिहास सबक नहीं सीखा है। इस दौरान चंदूमाजरा ने कहा कि एसजीपीसी की चुनाव प्रक्रिया शुरू है और कांग्रेसी अब उन्हें कानून न समझाएं। उन्होने कहा कि जो लोग एसजीपीसी तोड़ कर बोर्ड बनाने की बातें कर रहे थे, वह आज एसजीपीसी के चुनाव करवाने की बातें कर रहे है।
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