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हाईकोर्ट में लोकल बॉडी प्रिंसिपल सेक्रेटरी और निगम कमिश्नर हुए पेश
Updated Sat, 15 Dec 2018 10:35 PM IST
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अवैध निर्माण पर सरकार ला रही है वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी
लुधियाना में अवैध होटलों के निर्माण पर फाइल किया हलफनामा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शहर में बिल्डिंग बॉयलाज को अनदेखा कर बने होटलों को लेकर हाईकोर्ट में चल रहे मामले में शनिवार प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय ए वेणु प्रसाद और निगम कमिश्नर केपी बराड़ हाजिर हुए। दोनों की तरफ से अदालत में हलफनामा फाइल किया है। इसमें कहा गया है कि पंजाब सरकार सूबे में बन चुकी अवैध इमारतों को लेकर वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लेकर रही है। तीन दिसंबर को यह पॉलिसी कैबिनेट के पास सब्मिट हो चुकी है। उम्मीद है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला भी हो जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को रखी है।
यह था मामला
काबिलेजिक्र है कि लुधियाना निवासी रोहित सभ्रवाल ने शहर में बॉयलाज को अनदेखा कर बने होटलों का मुद्दा उठाते हुए एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि ज्यादातर होटल मालिकों ने निर्माण के समय नियमों को अनदेखा किया है। शहर के होटलों की जांच के बाद निगम अफसर भी मान चुके हैं कि कई होटलों में बड़े स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है। इसके बावजूद निगम अफसर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते पंजाब सरकार और निगम को अपना जवाब देने के आदेश जारी किए थे। पांच दिसंबर को सुनवाई के समय अदालत ने लोकल बॉडी प्रिंसिपल सेक्रेटरी और निगम कमिश्नर को तलब किया था।
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लुधियाना में अवैध होटलों के निर्माण पर फाइल किया हलफनामा
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। शहर में बिल्डिंग बॉयलाज को अनदेखा कर बने होटलों को लेकर हाईकोर्ट में चल रहे मामले में शनिवार प्रमुख सचिव स्थानीय निकाय ए वेणु प्रसाद और निगम कमिश्नर केपी बराड़ हाजिर हुए। दोनों की तरफ से अदालत में हलफनामा फाइल किया है। इसमें कहा गया है कि पंजाब सरकार सूबे में बन चुकी अवैध इमारतों को लेकर वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी लेकर रही है। तीन दिसंबर को यह पॉलिसी कैबिनेट के पास सब्मिट हो चुकी है। उम्मीद है कि अगली कैबिनेट बैठक में इस पर फैसला भी हो जाएगा। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 28 फरवरी को रखी है।
यह था मामला
काबिलेजिक्र है कि लुधियाना निवासी रोहित सभ्रवाल ने शहर में बॉयलाज को अनदेखा कर बने होटलों का मुद्दा उठाते हुए एडवोकेट सरदविंदर गोयल के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका में बताया गया कि ज्यादातर होटल मालिकों ने निर्माण के समय नियमों को अनदेखा किया है। शहर के होटलों की जांच के बाद निगम अफसर भी मान चुके हैं कि कई होटलों में बड़े स्तर पर नियमों की अनदेखी हुई है। इसके बावजूद निगम अफसर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे है। हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते पंजाब सरकार और निगम को अपना जवाब देने के आदेश जारी किए थे। पांच दिसंबर को सुनवाई के समय अदालत ने लोकल बॉडी प्रिंसिपल सेक्रेटरी और निगम कमिश्नर को तलब किया था।
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