{"_id":"602684b38ebc3ee9504fa89e","slug":"27-thousand-fine-for-sugarcane-juice-berry-in-ludhiana-ludhiana-news-pkl40371185","type":"story","status":"publish","title_hn":"गन्ने के रस की रेहड़ी का 27 हजार जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गन्ने के रस की रेहड़ी का 27 हजार जुर्माना
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। हाथ से खींचने वाली गन्ने के रस की रेहड़ी का ट्रैफिक पुलिस ने27 हजार रुपये जुर्माना कर दिया। इतना ही नहीं उसकी रेहड़ी को जब्त कर ट्रैफिक पुलिस ने थाना कोतवाली में रखवा दी। पीड़ित राम राज पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल से शुक्रवार कोइंसाफ मांगने पहुंचा। वहां से जांच का आश्वासन दिया गया है।
रामराज ने बताया कि वह घंटाघर चौक में गन्ने के रस की रेहड़ी लगाता है। रेहड़ी को वह हाथ से खींच कर ले जाता है। दो दिन पहले ट्रैफिक पुलिस ने उसकी रेहड़ी का चालान कर दिया गया और रेहड़ी जब्त कर ली और उसके चालान पर जुगाड़ू लिख दिया। रामराज के अनुसार अगर सड़क पर उसकी रेहड़ी लगी है तो रेहड़ी को जब्त करने का काम नगर निगम का है न कि ट्रैफिक पुलिस का। ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिमों ने उसके साथ धक्काशाही कर चालान कर दिया।
राम राज ने कहा कि जब चालान देखा तो उसमें 27 हजार दो सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया। जब रेहड़ी पर देखा तो उसमें जुगाड़ू लिख कर चालान भरा था। वह जुर्माना भरने में असमर्थ है। वह रोजाना सौ से दो सौ रुपये कमाता है और जुर्माना न भरने की वजह से उसे अब रेहड़ी भी नहीं दी जा रही। वह पुलिस के उच्चाधिकारियों से जुर्माना माफ कर उसकी रेहड़ी वापिस दी जाए की मांग कर रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन देकर उसे घर भेजा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
लुधियाना। हाथ से खींचने वाली गन्ने के रस की रेहड़ी का ट्रैफिक पुलिस ने27 हजार रुपये जुर्माना कर दिया। इतना ही नहीं उसकी रेहड़ी को जब्त कर ट्रैफिक पुलिस ने थाना कोतवाली में रखवा दी। पीड़ित राम राज पुलिस कमिश्नर राकेश अग्रवाल से शुक्रवार कोइंसाफ मांगने पहुंचा। वहां से जांच का आश्वासन दिया गया है।
रामराज ने बताया कि वह घंटाघर चौक में गन्ने के रस की रेहड़ी लगाता है। रेहड़ी को वह हाथ से खींच कर ले जाता है। दो दिन पहले ट्रैफिक पुलिस ने उसकी रेहड़ी का चालान कर दिया गया और रेहड़ी जब्त कर ली और उसके चालान पर जुगाड़ू लिख दिया। रामराज के अनुसार अगर सड़क पर उसकी रेहड़ी लगी है तो रेहड़ी को जब्त करने का काम नगर निगम का है न कि ट्रैफिक पुलिस का। ट्रैफिक पुलिस के मुलाजिमों ने उसके साथ धक्काशाही कर चालान कर दिया।
विज्ञापन
राम राज ने कहा कि जब चालान देखा तो उसमें 27 हजार दो सौ रुपये का जुर्माना लगाया गया। जब रेहड़ी पर देखा तो उसमें जुगाड़ू लिख कर चालान भरा था। वह जुर्माना भरने में असमर्थ है। वह रोजाना सौ से दो सौ रुपये कमाता है और जुर्माना न भरने की वजह से उसे अब रेहड़ी भी नहीं दी जा रही। वह पुलिस के उच्चाधिकारियों से जुर्माना माफ कर उसकी रेहड़ी वापिस दी जाए की मांग कर रहा है। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन देकर उसे घर भेजा है।
विज्ञापन