{"_id":"5c66f51abdec2273a74d0879","slug":"201550251290-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीआरपीएफ काफिले पर हमले में शहीद 42 सैनिकों को लेकर हर वर्ग में भड़का आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीआरपीएफ काफिले पर हमले में शहीद 42 सैनिकों को लेकर हर वर्ग में भड़का आक्रोश
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अब डिप्लोमेटिक बातों से नहीं बल्कि पाक को सीधे सिखाना होगा सबक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 42 जवानों की शहादत ने हर किसी को दिल पर गहरी चोट की है। इस घटना के बाद आम लोगों में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ भारी आक्रोश साफ देखने को मिला। जहां लोग आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ पुतले फूंक अपने आक्रोश का इजहार कर रहे है, वहीं लोगों का कहना है कि भारत को आतंकियों और उनकी सहायता करने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाना ही होगा। इसके लिए अब देश के अंदर नहीं बल्कि पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को सफाया करना होगा। यही शहीद होने वाले सैनिकों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सेना को पूरी पावर दी जाए
पुलवामा की घटना के बाद अब समय आ गया है कि सेना को पूरी पावर दी जाए। सरकार को चाहिए कि पहले वह पाकिस्तान के साथ अपने डिप्लोमैटिक संबंधों को खत्म करें। समझौता एक्सप्रेस उस समय तक बंद कर देनी चाहिए, जब तक पाकिस्तान को उसकी गलती का एहसास नहीं दिलाया जाता। दूसरा सीमाओं पर सुरक्षा के चक्र को और कड़ा बनाया जाए।
रिटायर्ड कर्नल डीएस ढिल्लों
अब आरपार की जंग हो
सरकार को चाहिए कि अब आरपार की जंग करे। जम्मू कश्मीर में अभी तक 45 हजार सैनिक शहीद हो चुके हैं। अगर सीधे जंग लड़ी जाए, तो इतने सैनिक लाहौर पर कब्जा जमा लेते। आतंकवादी अब कायरों की तरह घात लगाकर हमारे सैनिकों पर हमला कर रहे है। ऐसे हमले के बाद एक ही बात राजनेता कहते है कि शहादत का बदला जरूर लेंगे, सवाल यह है कि कब लेंगे। अब भारत को सीधे जंग ही करनी होगी।
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जगवीर सोखी, चेयरमैन, प्लानिंग बोर्ड
बातचीत से हल नहीं निकलेगा
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की जितनी निंदा की जाए, कम है। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे क्योंकि बातचीत के रास्ते कोई हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है। सेना को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट देनी चाहिए।
उपकार सिंह आहूजा, प्रधान, सीआईसीयू
फौज को हरी झंडी दे सरकार
आतंकवादियों में हिम्मत है तो भारतीय फौज के साथ सीधे टक्कर लें। कायरों की तरह पीछे से वार न करे। अब भारत सरकार को चाहिए कि वह फौज को हरी झंडी दे ताकि वह दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दे सके। भारतीय फौज इतनी काबिल है कि एक झटके में आतंकवाद और उनकी मदद करने वालों का सफाया कर दिखाएगी। केवल राजनीतिक बातें करने से कुछ नहीं होगा।
कैप्टन इकबाल सिंह ग्रेवाल, युद्ध सेवा मेडल विजेता
एक्शन की कमी से बढ़ता आतंकियों का हौसला
पुलवामा की घटना के बाद अब सरकार को गंभीरता से सोचना होगा। केवल बातें करने से कुछ नहीं होगा। अब आर पार की जंग करनी होगी। तभी इस देश में शांति होगी और आतंकवाद और उनकी मदद कर रहे पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा। हर बार बड़ी घटना के बाद कुछ दिन मामला गरम रहता है, फिर उसे भुला दिया जाता है। यही कमी आतंकवादियों का हौसला बढ़ा रही है।
एडवोकेट ज्योति स्वरूप, प्रधान बार एसोसिएशन, जगरांव
फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करे
आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला कायराना है। इस हमले के पीछे पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकवादियों का हाथ है। भारतीय सैनिकों के साथ सारा देश खड़ा है। भारत सरकार को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। पाकिस्तान में घुस कर आतंकवादियों को मार गिराना चाहिए। भारत को फिर से सर्जिकल स्ट्राइक कर मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए।
जसपाल सिंह बंटी, प्रधान, किताब बाजार मार्केट
घर में घुस कर मारने का समय आ गया है
पाकिस्तान ने इतना बड़ा हमला कर भारत को ललकारा है। हमारे देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों में ही भारत बसता है। यह हमला सिर्फ सैनिकों पर नहीं बल्कि पूरे भारत देश पर किया है। अब समय आ गया है कि भारतीय सेना को भी घर में घुस कर मारना होगा। ताकि आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके।
संजीव चौधरी, प्रधान, अरोड़ा मार्केट, चौड़ा बाजार
मीटिंग करने की बजाए कोई एक्शन ले सरकार
भारतीय फौज काफी बहादुर है और आतंकवाद का डट कर मुकाबला करना जानती है, लेकिन आतंकवादी छिप कर हमला करते हैं। आतंकवादी जब भी कोई बड़ा हमला करते है तो सरकार की तरफ से बयान आता है कि वह मीटिंग कर आगे की प्लानिंग कर रहे हैं। सरकार मीटिंग करने के बजाय कोई एक्शन ले।
मोहित रामपाल, युवा उद्योगपति और समाजसेवी
पाकिस्तान को घर में घुसकर मारने का समय है
पुलवामा आतंकवादी हमले ने देश को हिला दिया है। आतंकवाद का न तो कोई धर्म होता है और न ही कोई देश। जब बड़ा हमला होता है तो सरकार दावे करती है कि फौजियों को स्वतंत्रता दे दी गई है कि आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा जाए। कश्मीर के हालात काफी खराब हैं। सरकार बस दावे ही करती रह जाती है। दावे करने के बजाय सरकार फौज को खुली छूट दे।
वरिंदर कुमार लाली, समाजसेवी
कायरता से छिप कर हमले कराना बंद करे पाकिस्तान
पुलवामा में किया गया हमला एक कायराना काम है। भारतीय फौज किसी भी हालात से निपटने के लिए सक्षम है और हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दे सकती है। अगर तो पाकिस्तान और आतंकवादियों में हिम्मत है तो वह सामने आकर आर-पार की लड़ाई लड़े। पाकिस्तान कायरता से छिप कर हमले कराना बंद करे।
राजीव पुरुषार्थी, होटल व्यवसायी
वोटों की राजनीति छोड़ देश के लिए सभी एक हों
हमले की खबर ने एक बार हिलाकर रख दिया है। घाटी के हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे है। देश पर इतना बड़ा हमला हुआ है और राजनैतिक पार्टियों के लोग एक दूसरे को कोस रहे हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि देश के लिए एक होने का है। वोटों की राजनीति को छोड़ कर सभी लोगों को देश के लिए एक होकर खड़े होना चाहिए।
शिवेंद्र कुमार, रेस्तरां ऑनर
कश्मीर के युवकों को भड़का रहा है पाकिस्तान
भारत पर किए गए हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाकिस्तान कश्मीरी युवाओं को भड़का कर आतंकवाद के रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहा है। भारत सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
हरमिंदर सिंह राजू, कपड़ा कारोबारी
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकी हमले में 42 जवानों की शहादत ने हर किसी को दिल पर गहरी चोट की है। इस घटना के बाद आम लोगों में पाकिस्तान और आतंकवाद के खिलाफ भारी आक्रोश साफ देखने को मिला। जहां लोग आतंकवाद और पाकिस्तान के खिलाफ पुतले फूंक अपने आक्रोश का इजहार कर रहे है, वहीं लोगों का कहना है कि भारत को आतंकियों और उनकी सहायता करने वाले पाकिस्तान को सबक सिखाना ही होगा। इसके लिए अब देश के अंदर नहीं बल्कि पाकिस्तान की सीमा में घुसकर आतंकियों को सफाया करना होगा। यही शहीद होने वाले सैनिकों के लिए सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
सेना को पूरी पावर दी जाए
पुलवामा की घटना के बाद अब समय आ गया है कि सेना को पूरी पावर दी जाए। सरकार को चाहिए कि पहले वह पाकिस्तान के साथ अपने डिप्लोमैटिक संबंधों को खत्म करें। समझौता एक्सप्रेस उस समय तक बंद कर देनी चाहिए, जब तक पाकिस्तान को उसकी गलती का एहसास नहीं दिलाया जाता। दूसरा सीमाओं पर सुरक्षा के चक्र को और कड़ा बनाया जाए।
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रिटायर्ड कर्नल डीएस ढिल्लों
अब आरपार की जंग हो
सरकार को चाहिए कि अब आरपार की जंग करे। जम्मू कश्मीर में अभी तक 45 हजार सैनिक शहीद हो चुके हैं। अगर सीधे जंग लड़ी जाए, तो इतने सैनिक लाहौर पर कब्जा जमा लेते। आतंकवादी अब कायरों की तरह घात लगाकर हमारे सैनिकों पर हमला कर रहे है। ऐसे हमले के बाद एक ही बात राजनेता कहते है कि शहादत का बदला जरूर लेंगे, सवाल यह है कि कब लेंगे। अब भारत को सीधे जंग ही करनी होगी।
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जगवीर सोखी, चेयरमैन, प्लानिंग बोर्ड
बातचीत से हल नहीं निकलेगा
पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले की जितनी निंदा की जाए, कम है। अब समय आ गया है कि केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे क्योंकि बातचीत के रास्ते कोई हल निकलता नहीं दिखाई दे रहा है। सेना को आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई करने की खुली छूट देनी चाहिए।
उपकार सिंह आहूजा, प्रधान, सीआईसीयू
फौज को हरी झंडी दे सरकार
आतंकवादियों में हिम्मत है तो भारतीय फौज के साथ सीधे टक्कर लें। कायरों की तरह पीछे से वार न करे। अब भारत सरकार को चाहिए कि वह फौज को हरी झंडी दे ताकि वह दुश्मनों को मुंह तोड़ जवाब दे सके। भारतीय फौज इतनी काबिल है कि एक झटके में आतंकवाद और उनकी मदद करने वालों का सफाया कर दिखाएगी। केवल राजनीतिक बातें करने से कुछ नहीं होगा।
कैप्टन इकबाल सिंह ग्रेवाल, युद्ध सेवा मेडल विजेता
एक्शन की कमी से बढ़ता आतंकियों का हौसला
पुलवामा की घटना के बाद अब सरकार को गंभीरता से सोचना होगा। केवल बातें करने से कुछ नहीं होगा। अब आर पार की जंग करनी होगी। तभी इस देश में शांति होगी और आतंकवाद और उनकी मदद कर रहे पाकिस्तान को मुंह तोड़ जवाब मिलेगा। हर बार बड़ी घटना के बाद कुछ दिन मामला गरम रहता है, फिर उसे भुला दिया जाता है। यही कमी आतंकवादियों का हौसला बढ़ा रही है।
एडवोकेट ज्योति स्वरूप, प्रधान बार एसोसिएशन, जगरांव
फिर से सर्जिकल स्ट्राइक करे
आतंकवादियों द्वारा किया गया हमला कायराना है। इस हमले के पीछे पाकिस्तान में छिपे बैठे आतंकवादियों का हाथ है। भारतीय सैनिकों के साथ सारा देश खड़ा है। भारत सरकार को मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए। पाकिस्तान में घुस कर आतंकवादियों को मार गिराना चाहिए। भारत को फिर से सर्जिकल स्ट्राइक कर मुंह तोड़ जवाब देना चाहिए।
जसपाल सिंह बंटी, प्रधान, किताब बाजार मार्केट
घर में घुस कर मारने का समय आ गया है
पाकिस्तान ने इतना बड़ा हमला कर भारत को ललकारा है। हमारे देश की सुरक्षा करने वाले सैनिकों में ही भारत बसता है। यह हमला सिर्फ सैनिकों पर नहीं बल्कि पूरे भारत देश पर किया है। अब समय आ गया है कि भारतीय सेना को भी घर में घुस कर मारना होगा। ताकि आतंकवादियों को मुंह तोड़ जवाब दिया जा सके।
संजीव चौधरी, प्रधान, अरोड़ा मार्केट, चौड़ा बाजार
मीटिंग करने की बजाए कोई एक्शन ले सरकार
भारतीय फौज काफी बहादुर है और आतंकवाद का डट कर मुकाबला करना जानती है, लेकिन आतंकवादी छिप कर हमला करते हैं। आतंकवादी जब भी कोई बड़ा हमला करते है तो सरकार की तरफ से बयान आता है कि वह मीटिंग कर आगे की प्लानिंग कर रहे हैं। सरकार मीटिंग करने के बजाय कोई एक्शन ले।
मोहित रामपाल, युवा उद्योगपति और समाजसेवी
पाकिस्तान को घर में घुसकर मारने का समय है
पुलवामा आतंकवादी हमले ने देश को हिला दिया है। आतंकवाद का न तो कोई धर्म होता है और न ही कोई देश। जब बड़ा हमला होता है तो सरकार दावे करती है कि फौजियों को स्वतंत्रता दे दी गई है कि आतंकवादियों को घर में घुस कर मारा जाए। कश्मीर के हालात काफी खराब हैं। सरकार बस दावे ही करती रह जाती है। दावे करने के बजाय सरकार फौज को खुली छूट दे।
वरिंदर कुमार लाली, समाजसेवी
कायरता से छिप कर हमले कराना बंद करे पाकिस्तान
पुलवामा में किया गया हमला एक कायराना काम है। भारतीय फौज किसी भी हालात से निपटने के लिए सक्षम है और हर हमले का मुंह तोड़ जवाब दे सकती है। अगर तो पाकिस्तान और आतंकवादियों में हिम्मत है तो वह सामने आकर आर-पार की लड़ाई लड़े। पाकिस्तान कायरता से छिप कर हमले कराना बंद करे।
राजीव पुरुषार्थी, होटल व्यवसायी
वोटों की राजनीति छोड़ देश के लिए सभी एक हों
हमले की खबर ने एक बार हिलाकर रख दिया है। घाटी के हालात दिन ब दिन खराब होते जा रहे है। देश पर इतना बड़ा हमला हुआ है और राजनैतिक पार्टियों के लोग एक दूसरे को कोस रहे हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं बल्कि देश के लिए एक होने का है। वोटों की राजनीति को छोड़ कर सभी लोगों को देश के लिए एक होकर खड़े होना चाहिए।
शिवेंद्र कुमार, रेस्तरां ऑनर
कश्मीर के युवकों को भड़का रहा है पाकिस्तान
भारत पर किए गए हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। पाकिस्तान कश्मीरी युवाओं को भड़का कर आतंकवाद के रास्ते पर चलने के लिए उकसा रहा है। भारत सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन लेकर कार्रवाई करनी चाहिए।
हरमिंदर सिंह राजू, कपड़ा कारोबारी