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जीएसटी के खिलाफ प्लाईवुड उद्योग में रही हड़ताल
Updated Fri, 14 Jul 2017 10:43 PM IST
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जीएसटी के खिलाफ बंद रहीं प्लाइवुड इकाइयां
करीब 45 लाख वर्ग फीट प्लाइवुड का उत्पादन हुआ प्रभावित
प्रदेश के पचास हजार मजदूरों को एक दिन नहीं मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। देश में लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 28 फीसदी कर लगने के विरोध में शुक्रवार को पंजाब के प्लाइवुड निर्माताओं ने अपनी इकाईयां बंद रखीं। उद्योग में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। पंजाब में लगभग पचास हजार मजदूरों को एक दिन काम नहीं मिला,
पंजाब प्लाइवुड मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जुनेजा का कहना है कि सरकार ने जीएसटी में राहत न दी तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। उन्होंने बताया पंजाब में करीब तीन सौ प्लाइवुड इकाईयां हैं। इनमें औसतन 45 लाख वर्ग फीट प्लाइवुड का निर्माण रोजाना किया जा रहा है।एक दिन की हड़ताल से उद्योग को तकरीबन आठ करोड़ के उत्पादन का नुकसान हुआ। जुनेजा का कहना है कि पहले वैट में प्लाइवुड वैट एवं सरचार्ज जोड़ कर 14.3 फीसदी टैक्स लग रहा था। सेंट्रल एक्साइज में डेढ़ करोड़ की छूट के कारण अधिकतर माइक्रो एवं स्माल यूनिट ड्यूटी के दायरे से बाहर थे। अब सरकार ने प्लाइवुड पर 28 फीसदी जीएसटी लगा दिया है। इससे एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग पर रोजाना एक करोड़ का अतिरिक्त टैक्स का बोझ पड़ेगा।
जुनेजा के अनुसार प्लाईवुड एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग है और सीधे किसानों के साथ जुड़ा है। किसान सहायक धंधे के तौर पर पापुलर एवं सफेदे के पेड़ लगाते हैं। उनको बाजार में बेच कर अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश करते हैं। महंगे टैक्स से इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी। उद्योग की मांग है कि प्लाइवुड पर जीएसटी की दर 18 फीसदी की जाए। जुनेजा ने कहा कि बंद पूरी तरह से कामयाब रहा। अब आगे की रणनीति बनाने के लिए शीघ्र ही एसोसिएशन की बैठक बुलाई जाएगी। जुनेजा ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली शनिवार को लुधियाना आ रहे हैं। प्लाइवुड उद्यमी उनके साथ मुलाकात करेंगे और मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौपेंगे।
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करीब 45 लाख वर्ग फीट प्लाइवुड का उत्पादन हुआ प्रभावित
प्रदेश के पचास हजार मजदूरों को एक दिन नहीं मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। देश में लागू वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के तहत 28 फीसदी कर लगने के विरोध में शुक्रवार को पंजाब के प्लाइवुड निर्माताओं ने अपनी इकाईयां बंद रखीं। उद्योग में पूरी तरह से सन्नाटा पसरा रहा। पंजाब में लगभग पचास हजार मजदूरों को एक दिन काम नहीं मिला,
पंजाब प्लाइवुड मैन्यूफैक्चरर्स एसोसिएशन के चेयरमैन अशोक जुनेजा का कहना है कि सरकार ने जीएसटी में राहत न दी तो आंदोलन और तेज किया जा सकता है। उन्होंने बताया पंजाब में करीब तीन सौ प्लाइवुड इकाईयां हैं। इनमें औसतन 45 लाख वर्ग फीट प्लाइवुड का निर्माण रोजाना किया जा रहा है।एक दिन की हड़ताल से उद्योग को तकरीबन आठ करोड़ के उत्पादन का नुकसान हुआ। जुनेजा का कहना है कि पहले वैट में प्लाइवुड वैट एवं सरचार्ज जोड़ कर 14.3 फीसदी टैक्स लग रहा था। सेंट्रल एक्साइज में डेढ़ करोड़ की छूट के कारण अधिकतर माइक्रो एवं स्माल यूनिट ड्यूटी के दायरे से बाहर थे। अब सरकार ने प्लाइवुड पर 28 फीसदी जीएसटी लगा दिया है। इससे एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग पर रोजाना एक करोड़ का अतिरिक्त टैक्स का बोझ पड़ेगा।
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जुनेजा के अनुसार प्लाईवुड एग्रो प्रोसेसिंग उद्योग है और सीधे किसानों के साथ जुड़ा है। किसान सहायक धंधे के तौर पर पापुलर एवं सफेदे के पेड़ लगाते हैं। उनको बाजार में बेच कर अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश करते हैं। महंगे टैक्स से इंडस्ट्री बर्बाद हो जाएगी। उद्योग की मांग है कि प्लाइवुड पर जीएसटी की दर 18 फीसदी की जाए। जुनेजा ने कहा कि बंद पूरी तरह से कामयाब रहा। अब आगे की रणनीति बनाने के लिए शीघ्र ही एसोसिएशन की बैठक बुलाई जाएगी। जुनेजा ने बताया कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेतली शनिवार को लुधियाना आ रहे हैं। प्लाइवुड उद्यमी उनके साथ मुलाकात करेंगे और मांगों से संबंधित विस्तृत ज्ञापन सौपेंगे।
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