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अध्यापकों द्वारा ‘पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ के प्रोजेक्ट का बायकाट व विरोध जारी
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कई स्कूलों में शिक्षा अफसरों का घेरा
पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ का बायकाट व विरोध जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा। अध्यापक संघर्ष कमेटी का शनिवार को दूसरे दिन भी ‘पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ के प्रोजेक्ट का बायकाट व विरोध जारी रहा। कई स्कूलों में शिक्षा अधिकारियों का घेराव किया गया। जिला शिक्षा अफसर (ए) राजिंद्र कौर ने पुलिस के पहरे तले भाईदेसा में टेस्टिंग शुरू की। अध्यापकों का कहना है कि उनके विरोध पर शिक्षा अधिकारियों बैरंग लौटना पड़ा। डीईओ प्राइमरी का कहना है कि टेस्टिंग सफल रही। अध्यापक नेताओं का आरोप है कि उनके मोबाइल छीनकर व उनको टेस्टिंग करवाने के लिए डराया धमकाया जा रहा है।
पढ़ो पंजाब की टीम सरकारी प्राइमरी स्कूल समाओ, बख्शीवाला, कोटधरमू, मीआं, करंडी, बरनाला, कनकवाल चहलां, उल्लक, बोड़ावाल आदि में टेस्टिंग करवानी चाही। टीम को बस्कूलों की मैनेजमेंट कमेटियां, पंचों-सरपंचों, ग्राम पंचायतों, अभिभावकों, भारतीय किसान यूनियन व अन्य कई किसान व मजदूरों की जत्थेबंदियों के विरोध कारण खाली हाथ लौटना पड़ा। अध्यापकों का कहना है कि सरकारी प्राइमरी स्कूल भाईदेसा में जिला शिक्षा अफसर प्राइमरी राजिंद्र कौर ने पुलिस के बल से खुद आकर जब टेस्टिंग करनी चाही तो असफल रहीं। इसके अलावा बहुत सारी जगहों पर डिप्टी डीईओ, डाइट प्रिंसिपल, जिला कोआर्डिनेटर, सीएमटी, बीएमटी को भी जत्थेबंदी की एकता से दूसरे दिन भी बैरंग लौटना पड़ा।
अध्यापक संघर्ष कमेटी के कर्मजीत तामकोट, इंद्रजीत डेलुआना, हरदीप सिंह सिद्धू, सुखचैन सिंह गुरने कलां, हरजिंद्र अनूपगढ़, गुरप्यार सिंह, अमोलक डेलुआना, नरिंद्र माखा, गुरदास रायपुर ने सरकार को चेतावनी देते कहा कि वह तुरंत ही इस प्रोजेक्ट को बंद करके अध्यापकों के मसले तुरंत हल करे नहीं तो इसके भयानक परिणाम निकल सकते हैं। जिला शिक्षा अफसर प्राइमरी राजिंद्र कौर का कहना है कि अध्यापक टेस्टिंग का विरोध कर रहे हैं, जिसमें बच्चों को जबरन धरनों पर बैठाया जा रहा है, जो किसी भी तरह ठीक नहीं है।
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पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ का बायकाट व विरोध जारी
अमर उजाला ब्यूरो
मानसा। अध्यापक संघर्ष कमेटी का शनिवार को दूसरे दिन भी ‘पढ़ो पंजाब-पढ़ाओ पंजाब’ के प्रोजेक्ट का बायकाट व विरोध जारी रहा। कई स्कूलों में शिक्षा अधिकारियों का घेराव किया गया। जिला शिक्षा अफसर (ए) राजिंद्र कौर ने पुलिस के पहरे तले भाईदेसा में टेस्टिंग शुरू की। अध्यापकों का कहना है कि उनके विरोध पर शिक्षा अधिकारियों बैरंग लौटना पड़ा। डीईओ प्राइमरी का कहना है कि टेस्टिंग सफल रही। अध्यापक नेताओं का आरोप है कि उनके मोबाइल छीनकर व उनको टेस्टिंग करवाने के लिए डराया धमकाया जा रहा है।
पढ़ो पंजाब की टीम सरकारी प्राइमरी स्कूल समाओ, बख्शीवाला, कोटधरमू, मीआं, करंडी, बरनाला, कनकवाल चहलां, उल्लक, बोड़ावाल आदि में टेस्टिंग करवानी चाही। टीम को बस्कूलों की मैनेजमेंट कमेटियां, पंचों-सरपंचों, ग्राम पंचायतों, अभिभावकों, भारतीय किसान यूनियन व अन्य कई किसान व मजदूरों की जत्थेबंदियों के विरोध कारण खाली हाथ लौटना पड़ा। अध्यापकों का कहना है कि सरकारी प्राइमरी स्कूल भाईदेसा में जिला शिक्षा अफसर प्राइमरी राजिंद्र कौर ने पुलिस के बल से खुद आकर जब टेस्टिंग करनी चाही तो असफल रहीं। इसके अलावा बहुत सारी जगहों पर डिप्टी डीईओ, डाइट प्रिंसिपल, जिला कोआर्डिनेटर, सीएमटी, बीएमटी को भी जत्थेबंदी की एकता से दूसरे दिन भी बैरंग लौटना पड़ा।
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अध्यापक संघर्ष कमेटी के कर्मजीत तामकोट, इंद्रजीत डेलुआना, हरदीप सिंह सिद्धू, सुखचैन सिंह गुरने कलां, हरजिंद्र अनूपगढ़, गुरप्यार सिंह, अमोलक डेलुआना, नरिंद्र माखा, गुरदास रायपुर ने सरकार को चेतावनी देते कहा कि वह तुरंत ही इस प्रोजेक्ट को बंद करके अध्यापकों के मसले तुरंत हल करे नहीं तो इसके भयानक परिणाम निकल सकते हैं। जिला शिक्षा अफसर प्राइमरी राजिंद्र कौर का कहना है कि अध्यापक टेस्टिंग का विरोध कर रहे हैं, जिसमें बच्चों को जबरन धरनों पर बैठाया जा रहा है, जो किसी भी तरह ठीक नहीं है।
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