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बारिश ने फेरा किसानों की उम्मीदों पर पानी
Updated Wed, 18 Jul 2018 10:36 PM IST
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बारिश ने फेरा किसानों की उम्मीदों पर पानी
सैकड़ों एकड़ धान पानी में डूबा, चिंता में किसान
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। दो दिन से क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बारिश के कारण किसानों का सैकड़ों एकड़ धान पानी में डूब गया है। इससे किसानों को फसल की चिंता सता रही है।
गांव थलेस में पास से गुजरती भगवानपुरा ड्रेन की सफाई न होने के कारण कई किसानों का धान पानी में डूब गया है। गांव के पूर्व सरपंच वरियाम सिंह चंदड़, गांव निवासी दर्शन सिंह, बलकार सिंह और अवतार सिंह ने बताया कि ड्रेनेज विभाग ने मानसून आने से पहले ड्रेन की सफाई नहीं की। ड्रेन में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और पानी का आगे निकास नहीं हो रहा है। तेज बारिश के कारण ड्रेन का पानी किसानों के खेतों में आ गया। इससे किसानों का सैकड़ों एकड़ में लगा धान पानी में डूब गया है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर ड्रेन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है तो किसानों के लिए दोबारा धान की फसल लगाना उनके बस से बाहर है। इसके अलावा गांव फतेहगढ़ छन्ना, बेनड़ा, मानवाला में भी किसानों का धान पानी में डूब गया है।
इसी तरह शेरपुुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर, कातरों, चांगली, कालाबूला में भी किसानों की फसल पानी में डूब गई जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान हरबंस सिंह और जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। खेतों से पानी का निकास न होने के कारण फसल बर्बाद हो रही है। वह पहले ही आर्थिक तौर पर काफी कमजोर हैं ऐसे में यदि फसल बर्बाद होती है तो उनकी तो कमर ही टूट जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाए और आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को वित्तीय सहायता दी जाए।
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फोटो:18एसजीआरपी01: संगरूर में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल।
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सैकड़ों एकड़ धान पानी में डूबा, चिंता में किसान
अमर उजाला ब्यूरो
संगरूर। दो दिन से क्षेत्र में हुई जोरदार बारिश ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। बारिश के कारण किसानों का सैकड़ों एकड़ धान पानी में डूब गया है। इससे किसानों को फसल की चिंता सता रही है।
गांव थलेस में पास से गुजरती भगवानपुरा ड्रेन की सफाई न होने के कारण कई किसानों का धान पानी में डूब गया है। गांव के पूर्व सरपंच वरियाम सिंह चंदड़, गांव निवासी दर्शन सिंह, बलकार सिंह और अवतार सिंह ने बताया कि ड्रेनेज विभाग ने मानसून आने से पहले ड्रेन की सफाई नहीं की। ड्रेन में बड़ी-बड़ी घास उगी हुई है और पानी का आगे निकास नहीं हो रहा है। तेज बारिश के कारण ड्रेन का पानी किसानों के खेतों में आ गया। इससे किसानों का सैकड़ों एकड़ में लगा धान पानी में डूब गया है। उन्होंने इसके लिए सीधे तौर पर ड्रेन विभाग के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि किसानों की फसल को नुकसान पहुंचता है तो किसानों के लिए दोबारा धान की फसल लगाना उनके बस से बाहर है। इसके अलावा गांव फतेहगढ़ छन्ना, बेनड़ा, मानवाला में भी किसानों का धान पानी में डूब गया है।
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इसी तरह शेरपुुर क्षेत्र के गांव सलेमपुर, कातरों, चांगली, कालाबूला में भी किसानों की फसल पानी में डूब गई जिससे किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसान हरबंस सिंह और जगदेव सिंह ने बताया कि उनकी धान की फसल पूरी तरह पानी में डूब गई है। खेतों से पानी का निकास न होने के कारण फसल बर्बाद हो रही है। वह पहले ही आर्थिक तौर पर काफी कमजोर हैं ऐसे में यदि फसल बर्बाद होती है तो उनकी तो कमर ही टूट जाएगी। उन्होंने सरकार से मांग की कि उनकी बर्बाद हुई फसल का मुआवजा दिया जाए और आर्थिक तौर पर कमजोर किसानों को वित्तीय सहायता दी जाए।
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फोटो:18एसजीआरपी01: संगरूर में बारिश के पानी में डूबी धान की फसल।