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रेगलूलर अध्यापकों को केंद्र नहीं दे रहा 7वें पे-कमीशन का लाभ
Updated Fri, 31 Aug 2018 10:17 PM IST
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अध्यापकों को केंद्र नहीं दे रहा 7वें पे-कमीशन का लाभ
पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्स यूनियन ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्स यूनियन (पीसीसीटीयू) के आह्वान पर माता गुजरी कालेज में धरना लगाया गया। इस धरने में कालेज के रेगुलर अध्यापकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। धरने को संबोधित करते यूनियन के कार्यकारी सदस्य डा. हरमिंदर सिंह और जिलाध्यक्ष डा. राशिद रशीद ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों की उच्च शिक्षा विरोधी नीतियों पर अंकुश लगाने के लिए अध्यापकों की लंबित जायज मांगों की पूर्ति के लिए अध्यापकों को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। यूजीसी और केंद्र द्वारा दिए गए 7वें पे-कमीशन का लाभ पंजाब के कालेज अध्यापकों को अभी तक नहीं दिया गया, जबकि पड़ोसी सूबे हरियाणा में सभी मुलाजिमों को 7वें पे-कमीशन अनुसार सैलरी मिल रहीं है। इसके अलावा सरकारी एडिड कालेजों की ग्रांट भी रेगुलर नहीं दी जा रही, जिस कारण बहुत से कालेजों में अध्यापकों को सैलरी नहीं मिल रही।
अध्यापकों की मांग है कि अनकवर्ड स्टाफ को सेक्यूरिटी ऑफ सर्विस एक्ट अधीन लिया जाए और अध्यापकों की भरती रेगुलर तौर पर की जाए। इन सभी मांगों को मनवाने के लिए और सरकार पर दबाव डालने के लिए 5 सितंबर को बड़े स्तर पर चंडीगढ़ में होने वाली सूबा स्तरीय रैली में शामिल होने के लिए सभी अध्यापकों में भारी उत्साह पाया जा रहा है। इस धरने में प्रो. बिक्रमजीत सिंह संधू, प्रो. मोहम्मद अनवर, डा. दलजीत कौर, डा. तेजिंदर सिंह, प्रो. जगपाल सिंह, प्रो. अनुप्रीत सिंह टिवाना, प्रो. राजिंदर कुमार, प्रो. शाम बांसल उपस्थित थे।
फोटो कैप्शन:31जीबीजीपी04: माता गुजरी कालेज में धरने पर बैठे पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्ज यूनियन के अध्यापक।
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पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्स यूनियन ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहगढ़ साहिब। पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्स यूनियन (पीसीसीटीयू) के आह्वान पर माता गुजरी कालेज में धरना लगाया गया। इस धरने में कालेज के रेगुलर अध्यापकों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। धरने को संबोधित करते यूनियन के कार्यकारी सदस्य डा. हरमिंदर सिंह और जिलाध्यक्ष डा. राशिद रशीद ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकारों की उच्च शिक्षा विरोधी नीतियों पर अंकुश लगाने के लिए अध्यापकों की लंबित जायज मांगों की पूर्ति के लिए अध्यापकों को एकजुट होकर संघर्ष करने की जरूरत है। यूजीसी और केंद्र द्वारा दिए गए 7वें पे-कमीशन का लाभ पंजाब के कालेज अध्यापकों को अभी तक नहीं दिया गया, जबकि पड़ोसी सूबे हरियाणा में सभी मुलाजिमों को 7वें पे-कमीशन अनुसार सैलरी मिल रहीं है। इसके अलावा सरकारी एडिड कालेजों की ग्रांट भी रेगुलर नहीं दी जा रही, जिस कारण बहुत से कालेजों में अध्यापकों को सैलरी नहीं मिल रही।
अध्यापकों की मांग है कि अनकवर्ड स्टाफ को सेक्यूरिटी ऑफ सर्विस एक्ट अधीन लिया जाए और अध्यापकों की भरती रेगुलर तौर पर की जाए। इन सभी मांगों को मनवाने के लिए और सरकार पर दबाव डालने के लिए 5 सितंबर को बड़े स्तर पर चंडीगढ़ में होने वाली सूबा स्तरीय रैली में शामिल होने के लिए सभी अध्यापकों में भारी उत्साह पाया जा रहा है। इस धरने में प्रो. बिक्रमजीत सिंह संधू, प्रो. मोहम्मद अनवर, डा. दलजीत कौर, डा. तेजिंदर सिंह, प्रो. जगपाल सिंह, प्रो. अनुप्रीत सिंह टिवाना, प्रो. राजिंदर कुमार, प्रो. शाम बांसल उपस्थित थे।
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फोटो कैप्शन:31जीबीजीपी04: माता गुजरी कालेज में धरने पर बैठे पंजाब एंड चंडीगढ़ कालेज टीचर्ज यूनियन के अध्यापक।