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इंडस्ट्रीस एंड कामर्स डॉयरेक्टर ने सुनी कारोबारियों की समस्याएं
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इंडस्ट्रीज एंड कामर्स डॉयरेक्टर ने सुनी कारोबारियों की समस्याएं
लुधियाना में बनेंगे 12 कलस्टर, ऑटो पार्ट कलस्टर की बैठक 4 जनवरी को
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब सरकार के निर्देश हैं कि कारोबारियों की समस्याओं को उनके घर में जाकर सुना जाए। इसलिए विभाग की तरफ से कोशिश की जा रही है कि पंजाब में ज्यादा से ज्यादा कलस्टर का निर्माण किया जाए। लुधियाना में 12 नए कलस्टर तैयार करने का काम चल रहा है। चार जनवरी को ऑटो पार्ट कलस्टर को लेकर चंडीगढ़ में बैठक होगी। यह जानकारी इंडस्ट्रीज एंड कामर्स डॉयरेक्टर डीपीएस खरबंदा ने दी। वह वीरवार को लुधियाना में कारोबारियों और एक्सपोर्ट करने वाले से बैठक करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने बनने वाले नए कलस्टरों को लेकर चर्चा की।
डॉयरेक्टर खरबंदा ने बताया कि पहले से मंजूर दो कलस्टर (ऑयल एक्सपैलर) को आ रही मुश्किलों को कम करने की कोशिश की जा रही है। गारमेंट से संबंधित कलस्टर की फाइल केंद्र सरकार के पास भेजी जा चुकी है। जबकि अन्य कलस्टर के लिए कारोबारियों को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार भेजने के लिए कहा गया है। इस मौके पर कुछ कारोबारियों ने अपनी समस्याओं को भी रखा और मेमोरेंडम भी सौंपा। डॉयरेक्टर ने कहा कि वह उनकी समस्याओं को आला अधिकारियों के सामने रखेंगे। इस मौके पर सलाहकार एसएम गोयल, सलाहकार ग्रांट पदमानंद, जिला औद्योगिक केंद्र जनरल मैनेजर महेश खन्ना सहित कई लोग मौजूद थे।
18 साल से नहीं हुई सुनवाई
लुधियाना में तैयार होने वाले सूइंग कलस्टर प्रधान जगवीर सिंह सोखी ने कहा कि 18 साल का समय निकल चुका है। अभी तक अधिकारियों ने उनके कलस्टर की डीपीआर को फाइनल नहीं किया है। अगर यही हाल रहा तो यहां की सूइंग मशीन इंडस्ट्री बंद हो जाएगी और चाइना से ही आयात करनी पड़ेगी। डॉयरेक्टर खरबंदा ने सोखी को कहा कि ऐसा नहीं है, सूइंग कलस्टर तैयार करने के लिए काम तेजी से होगा।
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लुधियाना में बनेंगे 12 कलस्टर, ऑटो पार्ट कलस्टर की बैठक 4 जनवरी को
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। पंजाब सरकार के निर्देश हैं कि कारोबारियों की समस्याओं को उनके घर में जाकर सुना जाए। इसलिए विभाग की तरफ से कोशिश की जा रही है कि पंजाब में ज्यादा से ज्यादा कलस्टर का निर्माण किया जाए। लुधियाना में 12 नए कलस्टर तैयार करने का काम चल रहा है। चार जनवरी को ऑटो पार्ट कलस्टर को लेकर चंडीगढ़ में बैठक होगी। यह जानकारी इंडस्ट्रीज एंड कामर्स डॉयरेक्टर डीपीएस खरबंदा ने दी। वह वीरवार को लुधियाना में कारोबारियों और एक्सपोर्ट करने वाले से बैठक करने पहुंचे थे। इस मौके पर उन्होंने बनने वाले नए कलस्टरों को लेकर चर्चा की।
डॉयरेक्टर खरबंदा ने बताया कि पहले से मंजूर दो कलस्टर (ऑयल एक्सपैलर) को आ रही मुश्किलों को कम करने की कोशिश की जा रही है। गारमेंट से संबंधित कलस्टर की फाइल केंद्र सरकार के पास भेजी जा चुकी है। जबकि अन्य कलस्टर के लिए कारोबारियों को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार भेजने के लिए कहा गया है। इस मौके पर कुछ कारोबारियों ने अपनी समस्याओं को भी रखा और मेमोरेंडम भी सौंपा। डॉयरेक्टर ने कहा कि वह उनकी समस्याओं को आला अधिकारियों के सामने रखेंगे। इस मौके पर सलाहकार एसएम गोयल, सलाहकार ग्रांट पदमानंद, जिला औद्योगिक केंद्र जनरल मैनेजर महेश खन्ना सहित कई लोग मौजूद थे।
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18 साल से नहीं हुई सुनवाई
लुधियाना में तैयार होने वाले सूइंग कलस्टर प्रधान जगवीर सिंह सोखी ने कहा कि 18 साल का समय निकल चुका है। अभी तक अधिकारियों ने उनके कलस्टर की डीपीआर को फाइनल नहीं किया है। अगर यही हाल रहा तो यहां की सूइंग मशीन इंडस्ट्री बंद हो जाएगी और चाइना से ही आयात करनी पड़ेगी। डॉयरेक्टर खरबंदा ने सोखी को कहा कि ऐसा नहीं है, सूइंग कलस्टर तैयार करने के लिए काम तेजी से होगा।
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