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पुलिस थानों की न्यायिक सीमा बदलने के विरोध में उतरे वकील
Updated Wed, 21 Feb 2018 10:24 PM IST
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थानों की न्यायिक सीमा बदलने का विरोध
वकीलों ने तीन दिन तक काम बंद कर सरकार को फैसला बदलने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)।
पुलिस थानों न्यायिक सीमा बदलने के प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ बार एसोसिएशन ने कोर्ट कांप्लेक्स में धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही शुक्रवार तक सुनाम ऊधम सिंह वाला और दिडबा की अदालतों का काम सस्पेंड रखने का फैसला करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला नहीं बदला को आंदोलन को तीखा किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष करणवीर वशिष्ठ ने धरने की अगुवाई की। इस दौरान वकीलों ने कहा कि सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के कई गांवों की न्यायिक हदबंदी बदल जाएगी। क्षेत्र के कई गांव स्थानीय अदालत की सीमा से बाहर हो जाएंगे और इसका असर वकीलों के कामकाज पर पडे़गा। वकीलों ने कहा कि करीब दस वर्ष पहले भी न्यायिक हदबंदी होने से लहरागागा के 17 गांव सुनाम अदालत की सीमा से बाहर हो गए थे। तब जिला सेशन जज ने उक्त 17 गांवों को सुनाम अदालत की सीमा के भीतर रखने के आदेश दिए थे।
वकीलों ने मांग की कि सुनाम ऊधम सिंह वाला की अदालत की न्यायिक सीमा में बदलाव नहीं किया जाए। सरकार ने बदलाव किया तो उन्हें तीखा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पडेगा। इस मौके पर रविंदर भारद्वाज,सुखविंदर जम्मू, संदीप बांसल, वरिंदर रम्मी, एचएमएस बेदी, मित सिंह, सतनाम सिंह, हैपीसिंह, कृष्ण भुटाल, परवीन जैन, गुरलीन सिंह, विशाल गोयल, गगनदीप कौर, सुखविंदर वर्मा, अर्शदीप कुमार आदि हाजिर थे।
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वकीलों ने तीन दिन तक काम बंद कर सरकार को फैसला बदलने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)।
पुलिस थानों न्यायिक सीमा बदलने के प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ बार एसोसिएशन ने कोर्ट कांप्लेक्स में धरना देकर रोष प्रदर्शन किया। साथ ही शुक्रवार तक सुनाम ऊधम सिंह वाला और दिडबा की अदालतों का काम सस्पेंड रखने का फैसला करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला नहीं बदला को आंदोलन को तीखा किया जाएगा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष करणवीर वशिष्ठ ने धरने की अगुवाई की। इस दौरान वकीलों ने कहा कि सरकार के इस फैसले से क्षेत्र के कई गांवों की न्यायिक हदबंदी बदल जाएगी। क्षेत्र के कई गांव स्थानीय अदालत की सीमा से बाहर हो जाएंगे और इसका असर वकीलों के कामकाज पर पडे़गा। वकीलों ने कहा कि करीब दस वर्ष पहले भी न्यायिक हदबंदी होने से लहरागागा के 17 गांव सुनाम अदालत की सीमा से बाहर हो गए थे। तब जिला सेशन जज ने उक्त 17 गांवों को सुनाम अदालत की सीमा के भीतर रखने के आदेश दिए थे।
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वकीलों ने मांग की कि सुनाम ऊधम सिंह वाला की अदालत की न्यायिक सीमा में बदलाव नहीं किया जाए। सरकार ने बदलाव किया तो उन्हें तीखा आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पडेगा। इस मौके पर रविंदर भारद्वाज,सुखविंदर जम्मू, संदीप बांसल, वरिंदर रम्मी, एचएमएस बेदी, मित सिंह, सतनाम सिंह, हैपीसिंह, कृष्ण भुटाल, परवीन जैन, गुरलीन सिंह, विशाल गोयल, गगनदीप कौर, सुखविंदर वर्मा, अर्शदीप कुमार आदि हाजिर थे।
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