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साइकिल इंडस्ट्री की दिक्कतों से अवगत कराया मंत्री को
Updated Wed, 27 Dec 2017 10:29 PM IST
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मंत्री को बताई साइकिल इंडस्ट्री की परेशानियां
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट मेन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान इंद्रजीत सिंह नवयुग के नेतृत्व में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। उद्यमियों ने साइकिल उद्योग में आ रही दिक्कतों के बारे में मंत्री से मंथन कर राहत की गुहार लगाई।
प्रधान इंद्रजीत सिंह ने बताया कि साइकिल उद्योग को पहले ही चीन से खतरा है। चीन से आ रहे आयातित उत्पादों का उद्योग पर विपरीत असर हो रहा है। यदि चीन की कंपनियों ने भारत में आकर अपनी औद्योगिक इकाइयां लगा लीं तो यह घरेलू उद्योग के लिए खतरे की घंटी होगा। पहले ही चीन से स्पोक, चेन व्हील, क्रेंक, स्टील बाल, बास्केट, ब्रेक केबल, पेडल एक्सल एवं हाईएंड साइकिलों का आयात किया जा रहा है। ऐसे में एसोसिएशन चीन की कंपनियों की घरेलू बाजार में एंट्री का विरोध करती है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रदीप वधावन ने कहा कि सरकार साइकिल उद्योग को सस्ती कीमतों पर स्टील, प्लास्टिक इत्यादि मुहैया कराए। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार मशीनरी पर सब्सिडी दे और आयात शुल्क को कम करे। सरकार तकनीक के आयात पर फोकस करे न कि तैयार उत्पादों के। इस दौरान अवतार सिंह भोगल समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। यूनाइटेड साइकिल एंड पार्ट मेन्यूफेक्चरर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधान इंद्रजीत सिंह नवयुग के नेतृत्व में केंद्रीय एमएसएमई मंत्री गिरिराज सिंह से मुलाकात की। उद्यमियों ने साइकिल उद्योग में आ रही दिक्कतों के बारे में मंत्री से मंथन कर राहत की गुहार लगाई।
प्रधान इंद्रजीत सिंह ने बताया कि साइकिल उद्योग को पहले ही चीन से खतरा है। चीन से आ रहे आयातित उत्पादों का उद्योग पर विपरीत असर हो रहा है। यदि चीन की कंपनियों ने भारत में आकर अपनी औद्योगिक इकाइयां लगा लीं तो यह घरेलू उद्योग के लिए खतरे की घंटी होगा। पहले ही चीन से स्पोक, चेन व्हील, क्रेंक, स्टील बाल, बास्केट, ब्रेक केबल, पेडल एक्सल एवं हाईएंड साइकिलों का आयात किया जा रहा है। ऐसे में एसोसिएशन चीन की कंपनियों की घरेलू बाजार में एंट्री का विरोध करती है। सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रदीप वधावन ने कहा कि सरकार साइकिल उद्योग को सस्ती कीमतों पर स्टील, प्लास्टिक इत्यादि मुहैया कराए। घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सरकार मशीनरी पर सब्सिडी दे और आयात शुल्क को कम करे। सरकार तकनीक के आयात पर फोकस करे न कि तैयार उत्पादों के। इस दौरान अवतार सिंह भोगल समेत कई उद्यमी मौजूद रहे।
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