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दोपहर बाद से धुंआ धुंआ हुई लुधियाना की फिजा

Tue, 14 Nov 2017 10:19 PM IST
Updated Tue, 14 Nov 2017 10:19 PM IST
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दोपहर बाद से धुंआ धुंआ हुई लुधियाना की फिजा
लुधियाना की फिजा में फैला जहरीला धुआं
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आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी की शिकायत
एयर क्वालिटी इंडेक्स 347, सौ से ज्यादा होने पर घातक
इंस्टीट्यूटों में समय से पहले छुट्टी, औद्योगिक इकाइयां बंद की गई
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
मौसम विभाग का अनुमान था कि 14 नवंबर को बारिश होगी। मंगलवार सुबह लुधियाना में हलके बादल छा गए और हवाएं चलने लगीं। लोगों को धुंध छंटने और बारिश की उम्मीद बंध गई लेकिन दोपहर बाद अचानक आसमान में जहरीला धुआं जमा होने लगा। शाम होते-होते शहर की फिजा में जहरीला धुआं पूरी तरह से घुल गया। नतीजतन लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में दिक्कत होने लगी। परेशान लोगों ने अपने घर का रास्ता पकड़ा।
धुएं से हो रही परेशानी के कारण बाजार खाली हो गए। कुछ इंस्टीट्यूट में वक्त से पहले ही छुट्टी कर दी गई। औद्योगिक इकाइयों में भी जल्दी कामकाज बंद कर दिया गया। शाम चार बजे लुधियाना का एयर क्वालिटी इंडेक्स 347 मापा गया जोकि सामान्य से काफी ज्यादा है। सामान्य तौर पर एयर क्वालिटी इंडेक्स सौ से कम ही होना चाहिए। उधर मौसम विभाग के माहिरों का कहना है कि आने वाले एक दो दिन में बारिश होने का अनुमान है। इससे स्मॉग कम होने की संभावना है।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के प्रधान एवं सिविल अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रमुख डा. अविनाश जिंदल ने बताया कि धुएं के कारण आंखों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और गले में खराश के मरीजों की संख्या में करीब बीस फीसदी का इजाफा हुआ है। पराली जलाने से फैले धुएं के कारण हवा में ऑक्सीजन की लगातार कमी आ रही है। इसकी वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है। खास कर अस्थमा के मरीज ज्यादा परेशान हैं। उनका कहना है कि बारिश के बाद मौसम साफ होने पर कुछ राहत मिलेगी।
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पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल के सचिव महेंद्र अग्रवाल ने बताया कि दोपहर बाद आसमान में छाए धुएं के कारण लोग घरों में दुबक गए। दुकानदार भी सामान्य से एक घंटा पहले ही दुकानें बंद करके घर जाने लगे। अग्रवाल ने कहा कि सरकार को पराली जलाने वाले किसानों के साथ सख्ती करनी होगी। इस मामले में राजनीति नहीं होनी चाहिए।
बहादुरके टेक्सटाइल एंड निटवियर एसोसिएशन के महासचिव सुभाष सैनी का कहना है कि धुएं के कारण आंखों में काफी जलन हुई है। ऐसे में फैक्ट्री के मजदूरों को भी वक्त से पहले ही घर भेज दिया गया। धुआं आफत बनकर आया है और सरकार कुछ नहीं कर रही। इस संबंध में पिछले दिनों विस्तृत ज्ञापन भी सरकार को सौंपा था लेकिन कुछ नहीं हुआ।

अकालगढ़ मार्केट शॉपकीपर एसोसिएशन के पूर्व महासचिव गुरिंदर सिंह एमपी का कहना है कि धुएं के कारण दुकान पर बैठना भी मुश्किल हो रहा है। आंखों में पानी डालकर जलन ठीक करने की कोशिश की जा रही है। बाजार में ग्राहक काफी कम हैं। लोग बेहाल हो रहे हैं। ऐसे में सरकार सख्ती करके ही स्थिति को सही कर सकती है।
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