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Updated Sat, 15 Dec 2018 10:03 PM IST
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सिखों ने फूंका कांग्रेस का पुतला
कमलनाथ को एमपी का मुख्यमंत्री बनाने के एलान पर भड़के
सोनिया और राहुल गांधी ने सिखों के जख्मों पर छिड़का नमक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के बाद सिखों में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को 1984 सिख कत्लेआम पीड़ित वेलफेयर सोसायटी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का पुतला फूंक कर आक्रोश व्यक्त किया। वही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सिख होने के नाते इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
सोसायटी प्रधान सुरजीत सिंह और महिला विंग प्रधान बीबी गुरदीप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि 1984 में कमलनाथ दंगाइयों की अगुवाई करते गुरुद्वारा रकाबगंज पर हमला किया था। दिल्ली में सैकड़ों सिखों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस पूरे मामले में कमलनाथ की अहम भूमिका रही है। अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का एलान उनके जख्मों पर नमक छिड़ने का काम किया है।
सिसे पूरे सिख जगत में कांग्रेस खिलाफ आक्रोश है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने सोनिया और राहुल ने अपने फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया तो आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा जरूर भुगतना पड़ेगा। एक सिख होने के नाते कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने स्तर पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को रोकने की कोशिश करें। इस मौके पर चेयरमैन गुरदेव सिंह, अमरजीत सिंह राजपाल, दलजीत सिंह सोनी, मनजीत सिंह चावला, सतनाम सिंह, इंदरपाल सिंह, कुलदीप सिंह मौजूद थे।
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कमलनाथ को एमपी का मुख्यमंत्री बनाने के एलान पर भड़के
सोनिया और राहुल गांधी ने सिखों के जख्मों पर छिड़का नमक
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने के बाद सिखों में राहुल गांधी और सोनिया गांधी के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शनिवार को 1984 सिख कत्लेआम पीड़ित वेलफेयर सोसायटी ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी का पुतला फूंक कर आक्रोश व्यक्त किया। वही मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को सिख होने के नाते इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।
सोसायटी प्रधान सुरजीत सिंह और महिला विंग प्रधान बीबी गुरदीप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि 1984 में कमलनाथ दंगाइयों की अगुवाई करते गुरुद्वारा रकाबगंज पर हमला किया था। दिल्ली में सैकड़ों सिखों को मौत के घाट उतार दिया गया था। इस पूरे मामले में कमलनाथ की अहम भूमिका रही है। अब सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने कमलनाथ को मध्य प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का एलान उनके जख्मों पर नमक छिड़ने का काम किया है।
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सिसे पूरे सिख जगत में कांग्रेस खिलाफ आक्रोश है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने सोनिया और राहुल ने अपने फैसले पर दोबारा विचार नहीं किया तो आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका खामियाजा जरूर भुगतना पड़ेगा। एक सिख होने के नाते कैप्टन अमरिंदर सिंह भी अपने स्तर पर राहुल गांधी और सोनिया गांधी को रोकने की कोशिश करें। इस मौके पर चेयरमैन गुरदेव सिंह, अमरजीत सिंह राजपाल, दलजीत सिंह सोनी, मनजीत सिंह चावला, सतनाम सिंह, इंदरपाल सिंह, कुलदीप सिंह मौजूद थे।
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