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कर्ज माफी हेतू शर्तें स्वीकार नहीं करेंगे किसान: भाकियू
Updated Thu, 17 Aug 2017 10:32 PM IST
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कर्ज माफी के लिए शर्तें स्वीकार नहीं करेंगे किसान : भाकियू
किसानों ने रोष मार्च कर सरकार के खिलाफ निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम (संगरूर)।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने सुनाम समेत करीब 24 गांवों में रोष मार्च निकाल कर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों से 22 अगस्त को बरनाला में होने वाली कर्जा मुक्ति महा रैली में भाग लेने का आह्वान भी किया। करीब दो सौ बाइक्स पर सवार किसान अपने हाथों में यूनियन के झंडे थामे हुए थे।
मार्च में शामिल यूनियन के जिलाध्यक्ष अमरीक सिंह, दरबारा सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जसवंत सिंह और माणक सिंह ने कहा कि आर्थिक तंगी से किसान आत्महत्या करने को विवश हो रहा है। वहीं केंद्र और प्रदेश सरकार को किसानों की दशा की कोई परवाह नहीं है। मुख्यमंत्री बनने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब कर्ज माफी के नाम पर शर्तें थोपी जा रही हैं। इसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों से आह्वान किया गया कि आर्थिक संकट के आगे घुटने टेक कर आत्महत्या करने के बजाय कर्ज माफ करवाने के लिए संघर्ष करें। इस दौरान जसवीर सिंह मेदेवास, पाल सिंह, सुखपाल सिंह, अजैब सिंह, रामशरण सिंह, गुरबख्श सिंह, संतराम, भगवान सिंह, भगवंत सिंह और बंत सिंह भी मौजूद थे।
फोटो: सुनाम में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाकियू के सदस्य।
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किसानों ने रोष मार्च कर सरकार के खिलाफ निकाली भड़ास
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम (संगरूर)।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने सुनाम समेत करीब 24 गांवों में रोष मार्च निकाल कर पंजाब सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों से 22 अगस्त को बरनाला में होने वाली कर्जा मुक्ति महा रैली में भाग लेने का आह्वान भी किया। करीब दो सौ बाइक्स पर सवार किसान अपने हाथों में यूनियन के झंडे थामे हुए थे।
मार्च में शामिल यूनियन के जिलाध्यक्ष अमरीक सिंह, दरबारा सिंह, ब्लॉक अध्यक्ष जसवंत सिंह और माणक सिंह ने कहा कि आर्थिक तंगी से किसान आत्महत्या करने को विवश हो रहा है। वहीं केंद्र और प्रदेश सरकार को किसानों की दशा की कोई परवाह नहीं है। मुख्यमंत्री बनने से पहले कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसानों का सारा कर्ज माफ करने का वादा किया था, लेकिन अब कर्ज माफी के नाम पर शर्तें थोपी जा रही हैं। इसे किसान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों से आह्वान किया गया कि आर्थिक संकट के आगे घुटने टेक कर आत्महत्या करने के बजाय कर्ज माफ करवाने के लिए संघर्ष करें। इस दौरान जसवीर सिंह मेदेवास, पाल सिंह, सुखपाल सिंह, अजैब सिंह, रामशरण सिंह, गुरबख्श सिंह, संतराम, भगवान सिंह, भगवंत सिंह और बंत सिंह भी मौजूद थे।
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फोटो: सुनाम में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते भाकियू के सदस्य।