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किसान यूनियन ने रोकी कोर्ट की कारवाई
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कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने कराया मकान खाली
मकान मालिक ने सुसाइड नोट लिख दी जान देने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। बस स्टैंड रोड पर अदालत के आदेशों पर पुलिस की उपस्थिति में एक मकान को खाली करवा कर ताला लगा दिया गया। मौके पहुंचे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा ने इसका विरोध किया। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में बातचीत चल रही थी।
थाना सिटी-1 के इंस्पेक्टर गुरवीर सिंह ने बताया कि अदालत से नियुक्त किए अधिकारियों व पुलिस की उपस्थिति में मकान में रह रहे गुरजंट सिंह को परिवार सहित बाहर निकाल दिया गया व घर का सारा समान बाहर गली में रख कर मकान को ताला लगा दिया गया। मकान खाली करवाने आए महेंद्र सिंह ने बताया कि उसने गुरजंट सिंह से 2013 में यह मकान खरीदा था । बयाने की रकम भी गुरजंट सिंह को दे दी थी। जब बार-बार कहने पर गुरजंट सिंह ने मकान की रजिस्टरी नहीं करवाई तो उन्होंने अदालत में मकान की कीमत के बाकी के रुपये जमा कर रजिस्ट्री करवा ली, जिसके बाद अदालत ने गुरजंट सिंह को मकान खाली करने के आदेश दिए। जब गुरजंट सिंह ने मकान खाली नहीं किया तो अदालत ने पुलिस पार्टी की सहायता से मकान खाली करवाने के आदेश दिए हैं।
कोर्ट के आदेश पर मकान से बाहर निकाले गुरजंट सिंह ने बताया कि उसने महेंद्र सिंह को राकेश कुमार से एक प्लाट महिंदर सिंह को दिलाया व बयाने की रकम करीब 8 लाख रुपये की राकेश कुमार को दे दिए थे। जब राकेश कुमार ने प्लाट की रजिस्टरी नहीं करवाई तो महेंद्र सिंह ने बयाने की रकम आठ लाख उसके सिर मढ़ दी व धक्के से उसके मकान का बयाना लिखवा लिया।
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गुरजंट सिंह ने बताया कि उक्त आठ लाख की रकम में से 2 लाख 50 हजार रुपए महेंद्र सिंह को वापस भी कर दिए हैं व बाकी रुपये भी वापिस करने का वादा किया था। महेंद्र सिंह ने बयाने के आधार पर अदालत में रजिस्ट्री करवा ली। गुरजंट सिंह ने कहा उस के साथ धक्का हुआ है, क्योंकि उसके मकान की कीमत अदालत में भरे रुपयों से कहीं ज्यादा है। पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में गुरजंट सिंह ने कहा कि यदि उसको इंसाफ नहीं मिला, तो वह सुसाइड कर लेगा।
गुरजंट सिंह का मकान खाली करके ताला लगाने से बाहर गली में रखे समान को उठाने के लिए जब पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली मंगवाई तो मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के वर्करों ने विरोध किया और ट्रैक्टर ट्राली वापिस मोड़ दी। किसान यूनियन नेताओं के तेवर देख कर महेंद्र सिंह व पुलिस अधिकारियों ने भी अपना रुख नरम कर लिया। किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि वह मामले को बातचीत से निपटाने का प्रयत्न करेंगे।
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मकान मालिक ने सुसाइड नोट लिख दी जान देने की धमकी
अमर उजाला ब्यूरो
बरनाला। बस स्टैंड रोड पर अदालत के आदेशों पर पुलिस की उपस्थिति में एक मकान को खाली करवा कर ताला लगा दिया गया। मौके पहुंचे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा ने इसका विरोध किया। समाचार लिखे जाने तक दोनों पक्षों में बातचीत चल रही थी।
थाना सिटी-1 के इंस्पेक्टर गुरवीर सिंह ने बताया कि अदालत से नियुक्त किए अधिकारियों व पुलिस की उपस्थिति में मकान में रह रहे गुरजंट सिंह को परिवार सहित बाहर निकाल दिया गया व घर का सारा समान बाहर गली में रख कर मकान को ताला लगा दिया गया। मकान खाली करवाने आए महेंद्र सिंह ने बताया कि उसने गुरजंट सिंह से 2013 में यह मकान खरीदा था । बयाने की रकम भी गुरजंट सिंह को दे दी थी। जब बार-बार कहने पर गुरजंट सिंह ने मकान की रजिस्टरी नहीं करवाई तो उन्होंने अदालत में मकान की कीमत के बाकी के रुपये जमा कर रजिस्ट्री करवा ली, जिसके बाद अदालत ने गुरजंट सिंह को मकान खाली करने के आदेश दिए। जब गुरजंट सिंह ने मकान खाली नहीं किया तो अदालत ने पुलिस पार्टी की सहायता से मकान खाली करवाने के आदेश दिए हैं।
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कोर्ट के आदेश पर मकान से बाहर निकाले गुरजंट सिंह ने बताया कि उसने महेंद्र सिंह को राकेश कुमार से एक प्लाट महिंदर सिंह को दिलाया व बयाने की रकम करीब 8 लाख रुपये की राकेश कुमार को दे दिए थे। जब राकेश कुमार ने प्लाट की रजिस्टरी नहीं करवाई तो महेंद्र सिंह ने बयाने की रकम आठ लाख उसके सिर मढ़ दी व धक्के से उसके मकान का बयाना लिखवा लिया।
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गुरजंट सिंह ने बताया कि उक्त आठ लाख की रकम में से 2 लाख 50 हजार रुपए महेंद्र सिंह को वापस भी कर दिए हैं व बाकी रुपये भी वापिस करने का वादा किया था। महेंद्र सिंह ने बयाने के आधार पर अदालत में रजिस्ट्री करवा ली। गुरजंट सिंह ने कहा उस के साथ धक्का हुआ है, क्योंकि उसके मकान की कीमत अदालत में भरे रुपयों से कहीं ज्यादा है। पुलिस अधिकारियों की उपस्थिति में गुरजंट सिंह ने कहा कि यदि उसको इंसाफ नहीं मिला, तो वह सुसाइड कर लेगा।
गुरजंट सिंह का मकान खाली करके ताला लगाने से बाहर गली में रखे समान को उठाने के लिए जब पुलिस ने ट्रैक्टर ट्राली मंगवाई तो मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन एकता डकौंदा के वर्करों ने विरोध किया और ट्रैक्टर ट्राली वापिस मोड़ दी। किसान यूनियन नेताओं के तेवर देख कर महेंद्र सिंह व पुलिस अधिकारियों ने भी अपना रुख नरम कर लिया। किसान यूनियन के नेताओं ने कहा कि वह मामले को बातचीत से निपटाने का प्रयत्न करेंगे।