{"_id":"5a09c83d4f1c1bc8678bb125","slug":"101510590525-ludhiana-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिछले तीस दिनों में 57 किसानों ने मौत को गले लगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिछले तीस दिनों में 57 किसानों ने मौत को गले लगाया
Updated Mon, 13 Nov 2017 09:58 PM IST
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एक महीने में 57 किसानों ने मौत को गले लगाया
लगातार बढ़ रहा खुदकुशी का आंकड़ा, किसान संगठन चिंतित
जुलाई में 38, अगस्त में 47 और सितंबर में 50 किसानों ने की थी आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम(संगरूर)।
आर्थिक तंगी के कारण प्रदेश में किसानों और मजदूरों के आत्महत्या करने का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक माह में प्रदेश में 57 किसानों और मजदूरों ने आत्महत्या कर किसान संगठनों को हैरत में डाल दिया है।
प्रदेश सरकार की ओर से कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद सिलसिला थम नहीं रहा है। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां हर माह खुदकुशी के आंकड़े जारी कर रही है। यूनियन की ओर से जारी लिस्ट में दावा किया गया है कि तीस दिन के भीतर पंजाब में 57 किसान व मजदूर आर्थिक तंगी के कारण मौत को गले लगा चुके हैं। किसानों के सब्र का बांध टूट रहा है। इससे पहले यूनियन ने जुलाई में 38, अगस्त में 47 किसानों और सितंबर में 50 किसानों के आत्महत्या करने का दावा किया था।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां और जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला ने बताया कि किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान और मजदूर मौत को गले लगा रहे हैं। सरकार को अपने वादे के मुताबिक किसानों का सारा कर्ज तुरंत माफ करना चाहिए।
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पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि कांग्रेस सरकार, किसानों के साथ खुलेआम धोखा कर रही है। कांग्रेस ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर सभी किसानों का कर्ज माफ होगा। अब सरकार पंजाब के सभी किसानों का कर्ज माफ करे। कर्ज माफ करने की घोषणाएं मात्र छलावा है।
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लगातार बढ़ रहा खुदकुशी का आंकड़ा, किसान संगठन चिंतित
जुलाई में 38, अगस्त में 47 और सितंबर में 50 किसानों ने की थी आत्महत्या
अमर उजाला ब्यूरो
सुनाम(संगरूर)।
आर्थिक तंगी के कारण प्रदेश में किसानों और मजदूरों के आत्महत्या करने का आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। एक माह में प्रदेश में 57 किसानों और मजदूरों ने आत्महत्या कर किसान संगठनों को हैरत में डाल दिया है।
प्रदेश सरकार की ओर से कर्ज माफी की घोषणा के बावजूद सिलसिला थम नहीं रहा है। भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहां हर माह खुदकुशी के आंकड़े जारी कर रही है। यूनियन की ओर से जारी लिस्ट में दावा किया गया है कि तीस दिन के भीतर पंजाब में 57 किसान व मजदूर आर्थिक तंगी के कारण मौत को गले लगा चुके हैं। किसानों के सब्र का बांध टूट रहा है। इससे पहले यूनियन ने जुलाई में 38, अगस्त में 47 किसानों और सितंबर में 50 किसानों के आत्महत्या करने का दावा किया था।
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यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहां और जिला सचिव दरबारा सिंह छाजला ने बताया कि किसान विरोधी नीतियों के कारण किसान और मजदूर मौत को गले लगा रहे हैं। सरकार को अपने वादे के मुताबिक किसानों का सारा कर्ज तुरंत माफ करना चाहिए।
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पूर्व वित्त मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि कांग्रेस सरकार, किसानों के साथ खुलेआम धोखा कर रही है। कांग्रेस ने वादा किया था कि सत्ता में आने पर सभी किसानों का कर्ज माफ होगा। अब सरकार पंजाब के सभी किसानों का कर्ज माफ करे। कर्ज माफ करने की घोषणाएं मात्र छलावा है।