फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Lieutenant Colonel Karanbir Singh last rites performed with state honors in Jalandhar

Punjab: लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह पंचतत्व में विलीन, जालंधर में बेटी ने दी मुखाग्नि, आठ साल से कोमा में थे

Tue, 26 Dec 2023 08:06 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Tue, 26 Dec 2023 08:06 PM IST
सार

जानकारी के मुताबिक नवंबर 2015 में करणबीर सिंह 160 प्रादेशिक सेना बटालियन (जेएके राइफल्स) के सेकंड-इन-कमांड के रूप में कार्यरत थे। लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह की बहादुरी पर उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। 

विज्ञापन
Lieutenant Colonel Karanbir Singh last rites performed with state honors in Jalandhar
पिता लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह को मुखाग्नि देती बेटी गुरनीत कौर। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

आठ साल से कोमा में रहने के बाद रविवार को जालंधर के आर्मी अस्पताल में अंतिम सांस लेने वाले लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह का मंगलवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। जालंधर कैंट के रामबाग श्मशान घाट में लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह को बेटी ने मुखाग्नि दी और परिवार ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। यहां छोटी बेटी अश्मीत कौर भी मौजूद थीं। पूरे परिवार का रो-रो कर बुरा हाल था। सेना के अधिकारियों की भी आंखें नम थीं। पत्नी नवप्रीत कौर ने कहा कि उन्हें अपने पति पर गर्व है। उन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान की।

विज्ञापन

बहादुरी पर मिला था सेना मेडल

लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह को मूलरूप से 1998 में ब्रिगेड ऑफ गार्ड्स में एक शॉर्ट सर्विस कमीशन अधिकारी के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने 2012 में सेवा से मुक्त होने से पहले 14 वर्षों तक रेजिमेंट में सेवा की। शॉर्ट सर्विस के रूप में सेवा पूरी करने के बाद वह प्रादेशिक सेना में शामिल हो गए थे। जानकारी के मुताबिक नवंबर 2015 में करणबीर सिंह 160 प्रादेशिक सेना बटालियन (जेएके राइफल्स) के सेकंड-इन-कमांड के रूप में कार्यरत थे। लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह की बहादुरी पर उन्हें सेना मेडल से सम्मानित किया गया था। 

विज्ञापन

2015 में लगी थी आतंकी की गोली

25 नवंबर 2015 को नियंत्रण रेखा (एलओसी) के करीब जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के हाजी नाका गांव में एक झोपड़ी में छिपे एक आतंकवादी ने उन पर गोलीबारी की थी। इस हमले में लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह के चेहरे विशेषकर निचले जबड़े पर गंभीर चोट आई थी। उन्हें पहले श्रीनगर के सैन्य अस्पताल और बाद में नई दिल्ली के आर्मी रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती किया गया था। जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने के लिए कठिन सर्जरी भी की थी। इसके बाद वह जालंधर के सैन्य अस्पताल में भर्ती थे। लेफ्टिनेंट कर्नल करणबीर सिंह का परिवार मूलरूप से बटाला के पास गांव ढाडियाला नत का रहने वाला है। उनके परिवार में उनकी पत्नी नवप्रीत कौर और बेटियां गुनीत और अशमीत हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed