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जालंधर में अंतरराज्यीय ठग रैकेट सक्रिय: एक महिला गिरफ्तार, सरकारी नौकरी का झांसा देकर लोगों को बनाती थी शिकार
Thu, 18 Jun 2026 08:39 PM IST
शाहिल शर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 18 Jun 2026 08:39 PM IST
सार
ठग महिला जालंधर हाइट्स स्थित एजीआई फ्लैट में रह रही थी। वह लोगों से संपर्क बनाकर पहले उनका भरोसा जीतती थी और फिर ठगी का शिकार बनाती थी।
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woman crime demo
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
विस्तार
जालंधर हाइट्स-3 में खुद को उच्च प्रशासनिक अधिकारी बताकर सरकारी नौकरियां दिलाने का झांसा देने वाली महिला को थाना सदर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान पूजा ठाकुर के रूप में हुई है, जिस पर डॉक्टर, पुलिस इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर, एएसआई, कांस्टेबल और नर्स की नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपये ठगने के आरोप लगे हैं।
200 से अधिक लोगों को बनाया शिकार
पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने 200 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव सूरी ने बताया कि एजीआई फ्लैट्स में रहने वाली डॉक्टर मनमहक की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूजा ठाकुर ने दावा किया था कि उसकी होम मिनिस्ट्री में ऊंची पहुंच है और वह सरकारी विभागों में नौकरी लगवा सकती है। इसी भरोसे में आकर कई लोगों ने उसे लाखों रुपये ट्रांसफर किए।
जांच में सामने आया कि वह एएसआई की नौकरी के लिए तीन लाख रुपये, कांस्टेबल और नर्स की नौकरी के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये और डॉक्टर की नौकरी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये वसूलती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20 फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, नकली सरकारी पहचान पत्र, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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200 से अधिक लोगों को बनाया शिकार
पुलिस को संदेह है कि इस गिरोह ने 200 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया है। थाना सदर के प्रभारी इंस्पेक्टर संजीव सूरी ने बताया कि एजीआई फ्लैट्स में रहने वाली डॉक्टर मनमहक की शिकायत पर कार्रवाई की गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, पूजा ठाकुर ने दावा किया था कि उसकी होम मिनिस्ट्री में ऊंची पहुंच है और वह सरकारी विभागों में नौकरी लगवा सकती है। इसी भरोसे में आकर कई लोगों ने उसे लाखों रुपये ट्रांसफर किए।
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जांच में सामने आया कि वह एएसआई की नौकरी के लिए तीन लाख रुपये, कांस्टेबल और नर्स की नौकरी के लिए डेढ़-डेढ़ लाख रुपये और डॉक्टर की नौकरी के लिए भी डेढ़ लाख रुपये वसूलती थी। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 20 फर्जी अपॉइंटमेंट लेटर, नकली सरकारी पहचान पत्र, लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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शिकायकर्ता से की 18 लाख की ठगी
शिकायतकर्ता डॉक्टर मनमहक के अनुसार, उनसे अकेले 18 लाख रुपये की ठगी की गई। हालांकि अभी तक आरोपी से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि पूजा ठाकुर करीब पांच महीनों से जालंधर हाइट्स स्थित एजीआई फ्लैट में रह रही थी। वह शाम को पार्क में घूमने के दौरान लोगों से संपर्क बनाती थी और खुद को मैथ्स में पीएचडी तथा सरकारी विभागों में कार्यरत बता कर विश्वास जीतती थी।
इसके बाद पहले से तैयार लेटरहेड और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली नियुक्ति पत्र जारी कर लोगों से मोटी रकम ऐंठती थी। पुलिस जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ठगी रैकेट से जुड़ा लग रहा है। सूत्रों के अनुसार, पूजा ठाकुर का असली संचालक दिल्ली में बैठा है, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। ठग महिला लोगों को बताती थी कि उसका मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और वहीं से एक "राइडर" नियमित रूप से पैसे कलेक्ट करने आता है।
पुलिस ने आरोपी का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
शिकायतकर्ता डॉक्टर मनमहक के अनुसार, उनसे अकेले 18 लाख रुपये की ठगी की गई। हालांकि अभी तक आरोपी से कोई नकदी बरामद नहीं हुई है। जांच में खुलासा हुआ है कि पूजा ठाकुर करीब पांच महीनों से जालंधर हाइट्स स्थित एजीआई फ्लैट में रह रही थी। वह शाम को पार्क में घूमने के दौरान लोगों से संपर्क बनाती थी और खुद को मैथ्स में पीएचडी तथा सरकारी विभागों में कार्यरत बता कर विश्वास जीतती थी।
इसके बाद पहले से तैयार लेटरहेड और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नकली नियुक्ति पत्र जारी कर लोगों से मोटी रकम ऐंठती थी। पुलिस जांच में यह मामला अंतरराज्यीय ठगी रैकेट से जुड़ा लग रहा है। सूत्रों के अनुसार, पूजा ठाकुर का असली संचालक दिल्ली में बैठा है, जो पूरे नेटवर्क को ऑपरेट करता था। ठग महिला लोगों को बताती थी कि उसका मुख्य कार्यालय दिल्ली में है और वहीं से एक "राइडर" नियमित रूप से पैसे कलेक्ट करने आता है।
पुलिस ने आरोपी का सिविल अस्पताल में मेडिकल करवाकर अदालत में पेश किया, जहां से उसका तीन दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।