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Jalandhar News: पठानकोट-जोगिंदरनगर ट्रैक का होगा कायाकल्प
Sat, 03 Oct 2026 05:45 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Sat, 03 Oct 2026 05:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। कांगड़ा घाटी में रेल नेटवर्क के विस्तार की कवायद अब अगले चरण में पहुंच गई है। पठानकोट से जोगिंदरनगर के बीच रेल मार्ग को बड़े नेटवर्क के अनुरूप विकसित करने पर काम चल रहा है। रेलवे के प्रारंभिक अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इस परियोजना की शुरुआती लागत करीब 26,638 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, यह राशि अभी अंतिम नहीं है। विस्तृत रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही वास्तविक लागत और निर्माण का स्वरूप तय होगा। परियोजना से जुड़ी एजेंसी ने मौके पर जाकर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया है। इसमें यात्रियों की संभावित संख्या, माल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को शामिल किया गया है। यह विस्तार कांगड़ा के पर्यटन केंद्रों जैसे धर्मशाला, मैक्लोडगंज, पालमपुर और बीड़-बिलिंग तक पहुंच आसान बनाएगा। इससे होटल, होम स्टे और टैक्सी जैसे छोटे कारोबारों को भी लाभ मिलेगा।
रेल नेटवर्क का विस्तार कांगड़ा की चाय, फल और अन्य बागवानी उपज को मंडियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इससे किसानों और कारोबारियों को कम लागत वाला परिवहन विकल्प मिलेगा। जोगिंदरनगर से आगे मंडी तक रेल संपर्क बढ़ाने का विषय भी सरकार के संज्ञान में है। यदि इस विस्तार को मंजूरी मिलती है, तो मध्य हिमाचल तक रेल संपर्क का दायरा बढ़ सकता है।
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पठानकोट। कांगड़ा घाटी में रेल नेटवर्क के विस्तार की कवायद अब अगले चरण में पहुंच गई है। पठानकोट से जोगिंदरनगर के बीच रेल मार्ग को बड़े नेटवर्क के अनुरूप विकसित करने पर काम चल रहा है। रेलवे के प्रारंभिक अध्ययन के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
इस परियोजना की शुरुआती लागत करीब 26,638 करोड़ रुपये आंकी गई है। हालांकि, यह राशि अभी अंतिम नहीं है। विस्तृत रिपोर्ट पूरी होने के बाद ही वास्तविक लागत और निर्माण का स्वरूप तय होगा। परियोजना से जुड़ी एजेंसी ने मौके पर जाकर विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया है। इसमें यात्रियों की संभावित संख्या, माल परिवहन और पर्यटन गतिविधियों को शामिल किया गया है। यह विस्तार कांगड़ा के पर्यटन केंद्रों जैसे धर्मशाला, मैक्लोडगंज, पालमपुर और बीड़-बिलिंग तक पहुंच आसान बनाएगा। इससे होटल, होम स्टे और टैक्सी जैसे छोटे कारोबारों को भी लाभ मिलेगा।
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रेल नेटवर्क का विस्तार कांगड़ा की चाय, फल और अन्य बागवानी उपज को मंडियों तक पहुंचाने में मदद करेगा। इससे किसानों और कारोबारियों को कम लागत वाला परिवहन विकल्प मिलेगा। जोगिंदरनगर से आगे मंडी तक रेल संपर्क बढ़ाने का विषय भी सरकार के संज्ञान में है। यदि इस विस्तार को मंजूरी मिलती है, तो मध्य हिमाचल तक रेल संपर्क का दायरा बढ़ सकता है।
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