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बिना अधिकार दबिश देकर मजदूरों को धमका रहे नेता - उद्यमी
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पत्रकारवार्ता में जानकारी देते पठानकोट के क्रशर कारोबारी।
- फोटो : PATHANKOT
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पठानकोट क्रशर इंडस्ट्री पर अवैध खनन के लग रहे आरोपों के चलते सभी क्रशर उद्यमी एक मंच पर आए। उद्यमियों ने कहा कि पिछले कुछ दिन से कांग्रेस नेता की ओर से झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए जा रहे हैं। रविवार को पत्रकार वार्ता में क्रशर इंडस्ट्री से जुड़ उद्यमियों ने रोष जताते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक लोग बिना किसी अधिकार के दबिश देकर मजदूरों को धमका रहे हैं। इस संबंधी जल्द डीसी और एसएसपी से मिलकर इस पर रोक लगाने की मांगी रखी जाएगी।
क्रशर उद्यमियों ने चेतावनी दी कि राजनीति चमकाने के नाम पर इस तरह का काम करने वालों का घेराव किया जाएगा। क्रशर यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के खनन ठेकदारों के ग्रुप के साथ जुड़े लोग पठानकोट जिला की क्रशर इंडस्ट्री को खराब करने की नीयत से ऐसी साजिशें कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि उनका काम धीमा पड़े और इस बात का फायदा उठाकर जम्मू-कश्मीर का माल पंजाब में बेचा जा सके।
जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सप्लाई से कारोबार प्रभावित
यूनियन पदाधिकारी विजय पासी, संजय आनंद एवं तरुण रियाड़ ने कहा कि कई साल से लगातार पठानकोट से लगते हिमाचल व जम्मू-कश्मीर से सप्लाई हो रही रेत-बजरी के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। रेत-बजरी की सप्लाई के नाम पर अवैध माल एवं ओवरलोडिंग को बढ़ावा दिया जाता है। इसका जिला पठानकोट की इंडस्ट्री विरोध भी कर चुकी है, लेकिन अभी भी यह काम जारी है। इंडस्ट्री का काम धीमा और नुकसान में जाने की यह भी एक मुख्य वजह है।
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ऋण की किस्तें देना भी हुआ मुश्किल
यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के हर क्रशर पर ऋण का भारी बोझ पड़ चुका है। इसकी किस्तें देना भी मुश्किल साबित हो रहा है। पंजाब की क्रशर इंडस्ट्री बिजली बिल, सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स देकर काम कर रही है। इसके अलावा हिमाचल में सिर्फ बिजली बिलों की अदायगी ही करनी पड़ती है। यही नहीं हिमाचल के मुकाबले पंजाब में डीजल का रेट पांच रुपये ज्यादा है। इतने खर्चों और टैक्सों के रूप में सरकार को रेवेन्यू देने के बावजूद जिले की इंडस्ट्री को बदनाम करना सरासर गलत है। इस अवसर पर जसपाल सिंह, गौरव, रणजीत सिंह पालो, सिमरनजीत, पुनीत, लक्षमण नैय्यर, विक्की तुली, विकास, रजत शर्मा, ओमकार सिंह, मुनीष, परमिंद्र सिंह, आशीष, सुरिन्द्र कुमार और अशोक मेहता आदि मौजूद रहे।
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क्रशर उद्यमियों ने चेतावनी दी कि राजनीति चमकाने के नाम पर इस तरह का काम करने वालों का घेराव किया जाएगा। क्रशर यूनियन के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर के खनन ठेकदारों के ग्रुप के साथ जुड़े लोग पठानकोट जिला की क्रशर इंडस्ट्री को खराब करने की नीयत से ऐसी साजिशें कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह है कि उनका काम धीमा पड़े और इस बात का फायदा उठाकर जम्मू-कश्मीर का माल पंजाब में बेचा जा सके।
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जम्मू-कश्मीर और हिमाचल की सप्लाई से कारोबार प्रभावित
यूनियन पदाधिकारी विजय पासी, संजय आनंद एवं तरुण रियाड़ ने कहा कि कई साल से लगातार पठानकोट से लगते हिमाचल व जम्मू-कश्मीर से सप्लाई हो रही रेत-बजरी के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। रेत-बजरी की सप्लाई के नाम पर अवैध माल एवं ओवरलोडिंग को बढ़ावा दिया जाता है। इसका जिला पठानकोट की इंडस्ट्री विरोध भी कर चुकी है, लेकिन अभी भी यह काम जारी है। इंडस्ट्री का काम धीमा और नुकसान में जाने की यह भी एक मुख्य वजह है।
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ऋण की किस्तें देना भी हुआ मुश्किल
यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जिले के हर क्रशर पर ऋण का भारी बोझ पड़ चुका है। इसकी किस्तें देना भी मुश्किल साबित हो रहा है। पंजाब की क्रशर इंडस्ट्री बिजली बिल, सेल्स टैक्स, इनकम टैक्स देकर काम कर रही है। इसके अलावा हिमाचल में सिर्फ बिजली बिलों की अदायगी ही करनी पड़ती है। यही नहीं हिमाचल के मुकाबले पंजाब में डीजल का रेट पांच रुपये ज्यादा है। इतने खर्चों और टैक्सों के रूप में सरकार को रेवेन्यू देने के बावजूद जिले की इंडस्ट्री को बदनाम करना सरासर गलत है। इस अवसर पर जसपाल सिंह, गौरव, रणजीत सिंह पालो, सिमरनजीत, पुनीत, लक्षमण नैय्यर, विक्की तुली, विकास, रजत शर्मा, ओमकार सिंह, मुनीष, परमिंद्र सिंह, आशीष, सुरिन्द्र कुमार और अशोक मेहता आदि मौजूद रहे।