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दुबई में फंसा युवक पंजाब लौटा: दो साल झेली यातनाएं, जेल में रहा, नहीं मिलती थी दो वक्त की रोटी, सुनाई आपबीती
Tue, 24 Sep 2024 08:54 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)
संवाद न्यूज एजेंसी, सुल्तानपुर लोधी (कपूरथला)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Tue, 24 Sep 2024 08:54 PM IST
सार
आजीविका कमाने दुबई गया पंजाब का युवक वहां दो साल से फंसा हुआ था। युवक ने वहां कई यातनाएं झेलीं। जेल में भी रहा। सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से वतन लौट आया है।
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संत सीचेवाल के साथ युवक और उसका परिवार।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कहावत है करे कोई भरे कोई... कुछ ऐसा ही पंजाब के एक युवक के साथ हुआ है। क्योंकि दूसरे के किए की सजा पंजाब के जालंधर निवासी अमरजीत गिल को दो साल तक भुगतनी पड़ी। अमरजीत गिल के दोस्त की गलती की वजह से उसे दो साल दुबई में यातनाएं झेलनी पड़ी, जेल में भी रहना पड़ा। यहां तक कि जिस कंपनी में वह काम करता था उस कंपनी ने भी उसे नौकरी से निकाल दिया। युवक के पास पंजाब लौटने के सिवाए और कोई चारा नहीं था, लेकिन दुबई में उसके खिलाफ केस दर्ज हो जाने की वजह से वह अपने देश भी वापस नहीं आ पा रहा था।
दुबई में पिछले दो साल से फंसा अमरजीत गिल सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से वतन लौट आया है। परिवार उसकी घर वापसी से खुश है और वतन वापसी के बाद परिवार ने बाबा सीचेवाल का आभार व्यक्त किया है।
15 दिन जेल में रहा अमरजीत
दुबई में फंसे अमरजीत गिल निवासी गांव खीवा जालंधर के पिता बीरबल ने संत सीचेवाल का आभार वयक्त करने के दौरान बताया कि लगभग छह साल पहले उसका बेटा दुबई में काम करने के लिए गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से वहां फंसा हुआ था। दुबई में उसके बेटे के मोबाइल फोन से उसके एक दोस्त ने वहां के पुलिस अधिकारियों से गाली-गलौज करते हुए दुर्व्यवहार किया। इसके बाद दुबई में उसके बेटे के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया और उसे 15 दिन जेल में भी रहना पड़ा।
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इमिग्रेशन से नहीं मिल रही थी क्लीयरेंस
परिवार ने बताया कि अमरजीत ने भारत वापस आने के लिए दुबई दूतावास से संपर्क किया तो वह उसे मंजूरी दे देती थी और परिवार ने उसकी टिकट भी बुक करवा दी, लेकिन उसके खिलाफ दर्ज मामले के चलते उसे इमिग्रेशन से क्लीयरेंस नहीं मिलती थी। वहीं, अमरजीत जिस कंपनी में काम करता था, वह कंपनी उसको दो वक्त रोटी भी नहीं देती थी।
बेटे को वापस लाने के लिए गंवाए लाखों रुपये
पीड़ित युवक के पिता बीरबल ने बताया कि कई बार टिकट लिया गया, लेकिन क्लीयरेंस न मिलने के चलते टिकट के पैसे खराब हो गए। इसी क्रम में उसे तीन बार एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। इसी दौरान परिवार ने कपूरथला के एक व्यक्ति से संपर्क किया। जिसने उनसे लाखों रुपये वसूले, लेकिन उनके बेटे अमरजीत को वापस नहीं लाया।
देश में ही रहें युवा
परिवार ने थक हार कर 31 अगस्त 2024 को संत सीचेवाल से संपर्क किया और उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के सहयोग से 3 सितंबर 2024 को अमरजीत गिल की सकुशल वापसी हो पाई। पीड़ित युवक के परिवार ने सांसद संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया और प्रदेश के युवाओं को विदेश जाने की बजाय भारत में ही रहकर काम-धंधा करने का संदेश दिया।
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दुबई में पिछले दो साल से फंसा अमरजीत गिल सांसद संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल के प्रयास से वतन लौट आया है। परिवार उसकी घर वापसी से खुश है और वतन वापसी के बाद परिवार ने बाबा सीचेवाल का आभार व्यक्त किया है।
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15 दिन जेल में रहा अमरजीत
दुबई में फंसे अमरजीत गिल निवासी गांव खीवा जालंधर के पिता बीरबल ने संत सीचेवाल का आभार वयक्त करने के दौरान बताया कि लगभग छह साल पहले उसका बेटा दुबई में काम करने के लिए गया था, लेकिन पिछले दो वर्षों से वहां फंसा हुआ था। दुबई में उसके बेटे के मोबाइल फोन से उसके एक दोस्त ने वहां के पुलिस अधिकारियों से गाली-गलौज करते हुए दुर्व्यवहार किया। इसके बाद दुबई में उसके बेटे के खिलाफ एक केस दर्ज किया गया और उसे 15 दिन जेल में भी रहना पड़ा।
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इमिग्रेशन से नहीं मिल रही थी क्लीयरेंस
परिवार ने बताया कि अमरजीत ने भारत वापस आने के लिए दुबई दूतावास से संपर्क किया तो वह उसे मंजूरी दे देती थी और परिवार ने उसकी टिकट भी बुक करवा दी, लेकिन उसके खिलाफ दर्ज मामले के चलते उसे इमिग्रेशन से क्लीयरेंस नहीं मिलती थी। वहीं, अमरजीत जिस कंपनी में काम करता था, वह कंपनी उसको दो वक्त रोटी भी नहीं देती थी।
बेटे को वापस लाने के लिए गंवाए लाखों रुपये
पीड़ित युवक के पिता बीरबल ने बताया कि कई बार टिकट लिया गया, लेकिन क्लीयरेंस न मिलने के चलते टिकट के पैसे खराब हो गए। इसी क्रम में उसे तीन बार एयरपोर्ट से वापस भेज दिया गया। इसी दौरान परिवार ने कपूरथला के एक व्यक्ति से संपर्क किया। जिसने उनसे लाखों रुपये वसूले, लेकिन उनके बेटे अमरजीत को वापस नहीं लाया।
देश में ही रहें युवा
परिवार ने थक हार कर 31 अगस्त 2024 को संत सीचेवाल से संपर्क किया और उन्होंने विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास के सहयोग से 3 सितंबर 2024 को अमरजीत गिल की सकुशल वापसी हो पाई। पीड़ित युवक के परिवार ने सांसद संत सीचेवाल का आभार व्यक्त किया और प्रदेश के युवाओं को विदेश जाने की बजाय भारत में ही रहकर काम-धंधा करने का संदेश दिया।