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बहिबल गोलीकांड : जिस मंत्री और विधायक पर आरोप लगाए, शिकायत में उनका नाम तक नहीं
Fri, 31 Jan 2020 02:03 PM IST
पंचकुला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट(पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट(पंजाब)
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 31 Jan 2020 02:03 PM IST
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परिवार से हमदर्दी जताते लोक इंसाफपार्टी के प्रधान
- फोटो : FARIDKOT
बरगाड़ी बेअदबी मामले से संबंधित बहिबल गोलीकांड के मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की गवाही मुकरने के दबाव में हार्ट अटैक से हुई मौत के मामले में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की हिदायत पर जिला पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। यह जांच जैतो के एएसपी की निगरानी में थाना बाजाखाना पुलिस द्वारा की जाएगी।
वहीं सूत्रों के अनुसार सुरजीत सिंह के परिवार ने पुलिस को बरगाड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज रहे एएसआई गुरविंदर सिंह, हवलदार जगसीर सिंह, पावरकाम बठिंडा इंफोर्समेंट के कार्यकारी इंजीनियर कंवलजीत सिंह, एसडीओ बलजिंदर सिंह, जेई तेजपाल के साथ साथ गांव के कांग्रेसी नेता मनजिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ शिकायत सौंपी है। हालांकि शिकायत में न तो कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ का जिक्र है और न ही विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों के नाम का उल्लेख है।
वीरवार को थाना बाजाखाना प्रभारी इंस्पेक्टर व बरगाड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई गुरजंट सिंह ने गांव बहिबल खुर्द स्थित सुरजीत सिंह के आवास पर उनकी पत्नी जसवीर कौर और बेटे लखविंदर सिंह के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि परिवार ने अपने ही गांव से संबंधित कांग्रेसी नेता मनजिंदर सिंह समेत उसके दोनों भाइयों के साथ साथ बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी बयान दिए हैं और उन्हें शह देने वाले सीनियर कांग्रेसी नेताओं के नाम का भी उल्लेख किया है।
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जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड केस के मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की मौत के बाद उनके परिवार ने मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ व फरीदकोट से विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों पर अपने चहेतों के माध्यम से उन पर गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए थे। एक दिन पहले ही परिवार ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए।
सुरजीत सिंह के बेटे लखविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस के पास बयान दर्ज करवा दिए हैं। गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने की मंशा से उनके घर पर पावरकाम से छापेमारी करवाकर जुर्माना करवाने, पुलिस से जलील करवाने समेत डराने के लिए घर पर फायरिंग करने की घटनाओं के बारे में भी बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार को बताया गया है कि पावरकाम अधिकारियों के खिलाफ डीसी दफ्तर द्वारा किसी प्रशासनिक अधिकारी से जांच करवाई जाएगी। एसएसपी मनजीत सिंह ढेसी ने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और कानून के तहत कार्रवाई का जाएगी।
सुरजीत सिंह के घर पहुंचे सिमरजीत सिंह बैंस
लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिंह बैंस अपने साथियों के साथ वीरवार को गांव बहिबल खुर्द में सुरजीत सिंह के आवास पर पहुंचे और परिवार के साथ अफसोस जताया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ को तुरंत मंत्रीमंडल से बर्खास्त करने की मांग रखी। साथ ही गवाही मुकरने का दबाव बनाने वाले कांग्रेसी नेताओं, पावरकॉम अधिकारियों और पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई करने का आह्वान किया।
इस मामले में सुखबीर सिंह बादल के कूदने की निंदा करते हुए बैंस ने कहा कि यह घटनाएं शिअद सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उस समय भी वह आरोपियों को बचाने में जुटे थे और अब इस मामले को दबाने के लिए परिवार को अपने वकीलों से मदद दिलाने की बात कर रहे है। उन्होंने इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में उठाने का भरोसा दिया।
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वहीं सूत्रों के अनुसार सुरजीत सिंह के परिवार ने पुलिस को बरगाड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज रहे एएसआई गुरविंदर सिंह, हवलदार जगसीर सिंह, पावरकाम बठिंडा इंफोर्समेंट के कार्यकारी इंजीनियर कंवलजीत सिंह, एसडीओ बलजिंदर सिंह, जेई तेजपाल के साथ साथ गांव के कांग्रेसी नेता मनजिंदर सिंह, लवप्रीत सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ शिकायत सौंपी है। हालांकि शिकायत में न तो कैबिनेट मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ का जिक्र है और न ही विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों के नाम का उल्लेख है।
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वीरवार को थाना बाजाखाना प्रभारी इंस्पेक्टर व बरगाड़ी पुलिस चौकी के इंचार्ज एसआई गुरजंट सिंह ने गांव बहिबल खुर्द स्थित सुरजीत सिंह के आवास पर उनकी पत्नी जसवीर कौर और बेटे लखविंदर सिंह के बयान दर्ज किए। बताया जा रहा है कि परिवार ने अपने ही गांव से संबंधित कांग्रेसी नेता मनजिंदर सिंह समेत उसके दोनों भाइयों के साथ साथ बिजली विभाग के कुछ अधिकारियों के खिलाफ भी बयान दिए हैं और उन्हें शह देने वाले सीनियर कांग्रेसी नेताओं के नाम का भी उल्लेख किया है।
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जानकारी के अनुसार बहिबल गोलीकांड केस के मुख्य गवाह सुरजीत सिंह की मौत के बाद उनके परिवार ने मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ व फरीदकोट से विधायक कुशलदीप सिंह ढिल्लों पर अपने चहेतों के माध्यम से उन पर गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने के आरोप लगाए थे। एक दिन पहले ही परिवार ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने कार्रवाई के आदेश दिए।
सुरजीत सिंह के बेटे लखविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने पुलिस के पास बयान दर्ज करवा दिए हैं। गवाही मुकरने का दबाव बनाए जाने की मंशा से उनके घर पर पावरकाम से छापेमारी करवाकर जुर्माना करवाने, पुलिस से जलील करवाने समेत डराने के लिए घर पर फायरिंग करने की घटनाओं के बारे में भी बता दिया गया है। उन्होंने कहा कि परिवार को बताया गया है कि पावरकाम अधिकारियों के खिलाफ डीसी दफ्तर द्वारा किसी प्रशासनिक अधिकारी से जांच करवाई जाएगी। एसएसपी मनजीत सिंह ढेसी ने कहा कि परिवार की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और कानून के तहत कार्रवाई का जाएगी।
सुरजीत सिंह के घर पहुंचे सिमरजीत सिंह बैंस
लोक इंसाफ पार्टी के प्रधान सिमरजीत सिंह बैंस अपने साथियों के साथ वीरवार को गांव बहिबल खुर्द में सुरजीत सिंह के आवास पर पहुंचे और परिवार के साथ अफसोस जताया। इस मौके पर उन्होंने मुख्यमंत्री से मंत्री गुरप्रीत सिंह कांगड़ को तुरंत मंत्रीमंडल से बर्खास्त करने की मांग रखी। साथ ही गवाही मुकरने का दबाव बनाने वाले कांग्रेसी नेताओं, पावरकॉम अधिकारियों और पुलिस मुलाजिमों पर कार्रवाई करने का आह्वान किया।
इस मामले में सुखबीर सिंह बादल के कूदने की निंदा करते हुए बैंस ने कहा कि यह घटनाएं शिअद सरकार के कार्यकाल में हुई थी। उस समय भी वह आरोपियों को बचाने में जुटे थे और अब इस मामले को दबाने के लिए परिवार को अपने वकीलों से मदद दिलाने की बात कर रहे है। उन्होंने इस मुद्दे को पंजाब विधानसभा में उठाने का भरोसा दिया।