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Illegal Immigration: जमीन बेचकर जमीन पर आ गए वजीर, अब हुआ इस बड़ी गलती का एहसास, डॉलर की चमक दमक पर कही ये बात
Wed, 19 Feb 2025 12:48 PM IST
शाहरुख खान
मनमोहन सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
मनमोहन सिंह, संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 19 Feb 2025 12:48 PM IST
सार
जालंधर के रहने वाले वजीर सिंह जमीन बेचकर और रिश्तेदारों से कर्ज लेकर अमेरिका गए थे। अब वो डिपोर्ट होकर पंजाब आ गए हैं। वजीर कहते हैं कि जो हुआ वह गलत था। न हमें गलत रास्ता तैयार करना था न अपनी जमीन जायदाद बेचनी थी।
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पिता के साथ वजीर सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जालंधर के वजीर सिंह अब मजदूरी करने जाने लगे हैं। जमीनों को बेचकर रिश्तेदारों से कर्जा लेकर गलत रास्ते से वजीर अमेरिका गए थे । डिपोर्ट होकर पंजाब पहुंच गए हैं। जालंधर के कस्बा शाहकोट में रहने वाले वजीर अब सुबह अपने पिता के साथ मजदूरी पर जाने लगे हैं।
बाप और बेटे मिलकर कमाते हैं। मकसद यही है कि जो पैसा आए उससे अपने रिश्तेदारों का लिया हुआ कर्ज चुकाया जा सके। बेची गई जमीन को वापस लिया जा सके। क्योंकि उसके पूरे परिवार की जमा पूंजी और जमीन जायदाद अमेरिका में डॉलर की चमक दमक के लिए बिक चुकी थी।
अमेरिका ने गलत तरीके से अपने देश में प्रवेश करने वालों को डिपोर्ट किया तो जालंधर के वजीर सिंह भी उसमें शामिल थे। संवाद सहयोगी से बात करते हुए वजीर कहते हैं कि जो हुआ वह गलत था। न हमें गलत रास्ता तैयार करना था न अपनी जमीन जायदाद बेचनी थी।
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वह पछतावा करते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और वह खुद जमीन पर आ गए। अब अपनी उसी जमीन को वापस पाने के लिए पूरा घर मेहनत करने में जुट गया है। उनका कहना है कि पता नहीं हम लोगों की दिन रात मेहनत से लिए हुए कर्ज उतर पाएंगे या नहीं।
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बाप और बेटे मिलकर कमाते हैं। मकसद यही है कि जो पैसा आए उससे अपने रिश्तेदारों का लिया हुआ कर्ज चुकाया जा सके। बेची गई जमीन को वापस लिया जा सके। क्योंकि उसके पूरे परिवार की जमा पूंजी और जमीन जायदाद अमेरिका में डॉलर की चमक दमक के लिए बिक चुकी थी।
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अमेरिका ने गलत तरीके से अपने देश में प्रवेश करने वालों को डिपोर्ट किया तो जालंधर के वजीर सिंह भी उसमें शामिल थे। संवाद सहयोगी से बात करते हुए वजीर कहते हैं कि जो हुआ वह गलत था। न हमें गलत रास्ता तैयार करना था न अपनी जमीन जायदाद बेचनी थी।
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वह पछतावा करते हुए कहते हैं कि उन्होंने अपनी जमीन बेच दी और वह खुद जमीन पर आ गए। अब अपनी उसी जमीन को वापस पाने के लिए पूरा घर मेहनत करने में जुट गया है। उनका कहना है कि पता नहीं हम लोगों की दिन रात मेहनत से लिए हुए कर्ज उतर पाएंगे या नहीं।
इतनी कमाई हो पाएगी कि हम अपने बेची गई जमीन को वापस खरीद पाए इसका भी कोई अंदाजा नहीं है। लेकिन वजीर कहते हैं कि जो भी होगा हम सब मिलकर अपने देश में अपने पंजाब में ही करेंगे।
उनका कहना है कि उनकी विदेश में बसने की चाहत में पूरे घर को बर्बाद कर दिया। उनके छोटे भाई बहन भी हैं अब वह उनका भविष्य सुधारने के लिए जी तोड़ मेहनत करेंगे।
अगर अपने भाइयों को विदेश भेजने भी होगा तो सही रास्ते से और सही तरीके से ही भेजने का ख्वाब देखेंगे। अपने देश में भी तो रोटी है। यहीं रहेंगे यहीं काम करेंगे और अपने पूरे परिवार को साथ लेकर चलेंगे।