फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Embassy of Canada hikes visa refusal rate for Indian students from 20 to 50 percent

कनाडा में पढ़ना हुआ मुश्किल: भारतीय छात्रों के 50 फीसदी वीजा खारिज, Canada के कई कॉलेजों ने कम की सीटें

Thu, 28 Jul 2022 10:15 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Thu, 28 Jul 2022 10:15 AM IST
सार

कनाडा में इस समय कुल आबादी 3.75 करोड़ है, जिसमें 17 लाख की आबादी भारतीय मूल के लोगों की है। हर साल तकरीबन एक लाख से अधिक छात्र स्टडी के लिए कनाडा का रुख करते हैं, जिसमें अधिकतर पंजाबी मूल के होते हैं। 

विज्ञापन
Embassy of Canada hikes visa refusal rate for Indian students from 20 to 50 percent
वीजा

विस्तार

भारतीय छात्रों का कनाडा में पढ़ाई करना काफी मुश्किल हो गया है। कनाडा के दूतावास ने भारतीय छात्रों का वीजा रिफ्यूजल रेट 20 से बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया है। इसके साथ ही कई कॉलेजों ने भारतीय छात्रों पर मनमानी शुरू कर दी है। हालत यह है कि भारत से वेबसाइट चेक करने पर कॉलेजों में सीट फुल नजर आती है, जबकि दूसरे देशों के नागरिकों के लिए सीटें खाली दिखाई देती हैं। हालांकि कनाडा दूतावास ने भारतीय मूल के विद्यार्थियों के वीजा पर अंकुश लगाने संबंधी कोई अधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन इन कदमों से भारतीय छात्रों की चिंता बढ़ गई है।  
विज्ञापन

नामी कॉलेजों ने भारतीयों के लिए सीट कम कीं

कनाडा के कई नामी कॉलेजों हंबर, शैरेडेन, एलगॉनक्विन, नेएट (नार्थ एलबर्टा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) सेएट (साउथ एलबर्टा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी), केपीयू (क्वांटलेन पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी) लंगारा व डग्लस समेत कई कॉलेजों ने भारतीय मूल के छात्रों के लिए सीटें आधी कर दी हैं। हालांकि अधिकारिक रूप से ऐसी घोषणा नहीं की है। 
विज्ञापन

कई मामले आए सामने

एक छात्रा के आइलेट्स में आठ बैंड थे। जमा दो की कक्षा में 90 फीसदी से अधिक अंक थे। उसका वीजा बिना बताए अस्वीकार कर दिया गया। कई कॉलेजों में यह भी देखने को मिला है कि फीस लेने के छह महीने बाद छात्र का दाखिला अगले सेमेस्टर के लिए मुल्तवी कर दिया जाता है। ऐसी स्थिति में छात्र न तो भारत में स्टडी कर सकता है और न ही कहीं दाखिला ले सकता है।   - सुकांत त्रिवेदी, चेयरमैन स्टडी अबरॉड कंसलटेंट एसोसिएशन 
विज्ञापन
विज्ञापन


कनाडा वीजा आवेदनों के बढ़ते रिजेक्शन रेट आश्चर्यजनक हैं। स्वर्ण पदक विजेता और अपने क्षेत्रों में टॉपर्स रह चुके छात्रों को भी उच्च शिक्षा के अवसर से वंचित किया जा रहा है।  - पूजा सिंह, एमडी,  न्यू इमेज इंस्टीट्यूट 

इसमें कोई शंका नहीं कि भारतीय वीजा में काफी कटौती की गई है और कॉलेजों में भी सीट कम हुई हैं। इसका एक कारण कनाडा में स्टडी वीजा के आवेदन में बढ़ोतरी होना भी है। - सोनिया धवन, एमडी, ग्रे मैटर  

कनाडा के प्राइवेट कॉलेजों ने छात्रों पर शुरू की मनमानी

वीजा रिफ्यूजल के साथ कनाडा के प्राइवेट कॉलेजों ने भी मनमानी शुरू कर दी है। कनाडा की तरफ से पहला डंडा फरवरी में चलाया गया, जहां क्यूबेक में निजी कॉलेजों पर शिकंजा कसा गया। इन कॉलेजों में भारतीय मूल के छात्रों की संख्या सबसे अधिक थी। अचानक फरमान जारी किया गया कि इन कॉलेजों में पढ़ने वालों को वर्क परमिट नहीं मिलेगा। जो विद्यार्थी दाखिला ले चुके थे, पैसा भेज चुके थे, वह बुरी तरह से फंस गए। 

कनाडा के जो तीन कॉलेज दिवालिया घोषित किए गए, उनमें एम कॉलेज मॉन्ट्रियल, सीडीई कॉलेज शेरब्रुक और सीसीएसक्यू कॉलेज लांग्युइल शामिल हैं। इन कॉलेजों ने पहले ट्यूशन फीस जमा करने और पैसे देने के लिए दबाव बनाया। फिर अचानक से छात्रों को इस माह एक नोटिस जारी कर दिया कि वे कॉलेज को बंद कर रहे हैं। कॉलेजों में हजारों छात्रों का पैसा आज भी फंसा हुआ है।

ड्रग व गैंगवार भी कारण हो सकता है

कनाडा में भारतीय खासकर पंजाबी लोगों का नाम ड्रग व गैंगवार में काफी आगे निकल चुका है। चंद दिन पहले ही प्रदीप बराड़ की टोरंटो नाइट क्लब में गोलियां मारी गईं। दो दिन पहले ही कीपर्ज गैंग के मनिंदर धालीवाल को गोलियां मारकर कनाडा विलेज में हत्या कर दी गई, इसके पीछे पंजाबी ही थे। सिद्धू मूसेवाला की हत्या भी कनाडा में रहने वाले गोल्डी बराड़ ने करवाई थी। संदीप नंगल अंबियां की हत्या भी कनाडा से करवाई गई। कनाडा में पंजाब मूल के बड़ी संख्या में लोग ड्रग कारोबार का हिस्सा बन चुके हैं। 

पिछले साल पकड़ी 46 करोड़ की ड्रग

कनाडा पुलिस ने पिछले साल अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स रैकेट का पर्दाफाश कर करीब 1000 किलो ड्रग्स, हथियार व अवैध वाहनों सहित करीब 20 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें नौ पंजाब मूल के थे। पुलिस ने गिरफ्तार तस्करों से 444 किलो कोकीन, 182 किलो क्रिस्टल मेथ, 427 किलो भांग, 966,020 सी 9 और एक बंदूक, पांच ट्रैक्टर ट्रेलर सहित 21 वाहन जब्त कर उनके खिलाफ कुल 182 आरोप लगाए हैं। बरामद ड्रग्स की कीमत 61 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 46 करोड़) थी। कुछ समय पहले पंजाबी दंपती गुरमिन्द्र सिंह तूर (31) व किरणदीप कौर (26) भी गिरफ्तार हुए, जो एलबर्टा से एक क्विंटल कोकीन ले जा रहे थे। कनाडा में इस समय कुल आबादी 3.75 करोड़ है, जिसमें 17 लाख की आबादी भारतीय मूल के लोगों की है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed