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चुनावी नतीजे : पंजाब में बदल गई तस्वीर, हिंदू बहुल क्षेत्रों में भी आप का डंका, 2017 के दाग को धोने में कामयाब रही पार्टी
Fri, 11 Mar 2022 06:38 AM IST
योगेश साहू
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर।
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर।
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 11 Mar 2022 06:38 AM IST
सार
साल 2017 में पंजाब चुनाव में एक तथाकथित आतंकी के घर अरविंद केजरीवाल के रुकने से हिंदू वोट बैंक के आप से छिटक गया था। यही वजह थी कि शहरों में आप को सीट नहीं मिली थी। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना समेत तमाम शहरों से आप को सीट नहीं मिली थी। आम आदमी पार्टी से शहरी व हिंदू मतदाता दूर भाग गए थे। पार्टी ने 2022 में नये रंग रूप में दोबारा एंट्री की।
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पंजाब में आप का परचम
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
शहरी मतदाताओं ने दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पर विश्वास जताते हुए उन इलाकों में आप के पक्ष में जमकर मतदान किया है, जहां पर हिंदू व शहरी मतदाता अधिक थे। जहां केजरीवाल 2017 के उस दाग को धोने में कामयाब रहे, जिसमें उनकी पार्टी को कट्टरपंथियों की हिमायत का आरोप था, वहीं पंथक वोट का विश्वास भी बरकरार रखा।
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साल 2017 में पंजाब चुनाव में एक तथाकथित आतंकी के घर अरविंद केजरीवाल के रुकने से हिंदू वोट बैंक के आप से छिटक गया था। यही वजह थी कि शहरों में आप को सीट नहीं मिली थी। जालंधर, अमृतसर, लुधियाना समेत तमाम शहरों से आप को सीट नहीं मिली थी। आम आदमी पार्टी से शहरी व हिंदू मतदाता दूर भाग गए थे। पार्टी ने 2022 में नये रंग रूप में दोबारा एंट्री की। हाथ में तिरंगा लेकर राष्ट्रवाद की सहायता से पाकिस्तान की सीमा से सटे पठानकोट से यात्रा शुरू की। शांति मार्च निकाला, सारे शो शहरी क्षेत्रों में हुए। नतीजन, शहरी मतदाताओं का विश्वास केजरीवाल की तरफ बढ़ने लगा।
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2022 में आप के पूर्व नेता कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर अलगाववादियों के समर्थक होने का आरोप लगाया था, इस बार आरोप की चर्चा ने केजरीवाल को लेकर पंजाब में उलटा सहानुभूति पैदा कर दी। लोगों ने इस आरोप की टाइमिंग को लेकर शक जताया और उलटा टूटकर वोट डाला। खासकर शहरी क्षेत्रों में आप को जबरदस्त समर्थन मिला और उन क्षेत्रों में भी आप का जलवा बन गया, जहां पर कमल का फूल खिलता था।
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राज्य में हिंदुओं की संख्या कुल जनसंख्या की 38.5 फीसदी है। राज्य में 45 विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां हिंदू मतदाताओं की संख्या अधिक है। भाजपा की सीट मानी जाने वाली जालंधर की तीनों शहरी सीटों में से दो आप ने झटक ली। दसूहा जो हिंदू मतदाताओं का गढ़ माना जाता है, वहां से आप के उम्मीदवार करमबीर सिंह ने 14 हजार के अधिक मतों से जीत हासिल की। कंडी क्षेत्र जो हिंदू वोटरों का गढ़ है, वहां से आप को कई सीटों पर जीत हासिल हो गई। वहीं लुधियाना सिटी, अमृतसर सिटी पर भी आप का झाड़ू चला। मोहाली भी शहरी मतदाताओं ने आप का झंडा लहराया।