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मेयर के बेटे पर केस दर्ज, पुलिस ने थाने से छोड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Fri, 01 Apr 2016 10:31 PM IST
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पुलिस
- फोटो : file photo
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जालंधर के मेयर सुनील ज्योति के बेटे राघव ज्योति पर आखिरकार लंबी उठापटक के बाद शुक्रवार को मामला दर्ज कर लिया गया। लेकिन पुलिस ने उसको जांच के नाम पर रिहा कर दिया।
राघव ज्योति पर पुलिस की ड्यूटी में बाधा डालने का आपराधिक केस दर्ज किया गया है। वीरवार दोपहर को राघव ज्योति अपनी मोहिंदरा एक्सयूवी गाड़ी को कोर्ट कांप्लेक्स के निकट ठीक करवा रहा था । इसी दौरान जज की गाड़ी को रास्ता न देने पर बवाल खड़ा हो गया। बारादरी थाना की पुलिस ने राघव ज्योति को हिरासत में लेकर कई घंटे रखा।
सीपीएस केडी भंडारी से लेकर मेयर सुनील ज्योति रात भर मामले को निपटाने के लिए दौड़धूप करते रहे और डीसी आवास पर भी इस मामले को लेकर बैठक हुई। मामला नहीं निपटा। बाद में पुलिस ने राघव ज्योति को थाने से छोड़ दिया। शुक्रवार को राघव के खिलाफ आखिरकार पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया गया।
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मेयर व सीपीएस भंडारी पहुंचे डीसीपी के पास, बोले गनर का कसूर
मेयर सुनील ज्योति व सीपीएस केडी भंडारी शुक्रवार को डीसीपी हरजीत सिंह के कार्यालय पहुंचे और कहा कि राघव ज्योति का कोई कसूर नहीं है। मेयर ने अपनी तरफ से शिकायत दी कि उनका बेटा राघव बेकसूर है, उसको क्लीन चिट दी जाए। यह मामला धक्के से दर्ज किया गया है। डीसीपी हरजीत सिंह ने इसकी जांच एसीपी सेंट्रल को सौंप दी है।
जज के गनर के खिलाफ शिकायत
वहीं राघव ज्योति के नाना किशन लाल व नानी की तरफ से भी अलग शिकायत डीसीपी को की गई है, जिसमें गनर नरिंदरजीत व जज की गाड़ी के चालक देसराज पर निशाना साधा गया है। दोनों का कहना है कि वह अपने दोहते के साथ दवा लेने के लिए जा रहे थे कि जज के गनरों ने गाड़ी की चाबी निकाल ली और उनको रिक्शा कर जाना पड़ा। वह सीनियर सिटीजन हैं और पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की है, जिसकी जांच एडीसीपी क्राइम विवेकशील सोनी को सौंपी गयी है।
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राघव ज्योति पर पुलिस की ड्यूटी में बाधा डालने का आपराधिक केस दर्ज किया गया है। वीरवार दोपहर को राघव ज्योति अपनी मोहिंदरा एक्सयूवी गाड़ी को कोर्ट कांप्लेक्स के निकट ठीक करवा रहा था । इसी दौरान जज की गाड़ी को रास्ता न देने पर बवाल खड़ा हो गया। बारादरी थाना की पुलिस ने राघव ज्योति को हिरासत में लेकर कई घंटे रखा।
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सीपीएस केडी भंडारी से लेकर मेयर सुनील ज्योति रात भर मामले को निपटाने के लिए दौड़धूप करते रहे और डीसी आवास पर भी इस मामले को लेकर बैठक हुई। मामला नहीं निपटा। बाद में पुलिस ने राघव ज्योति को थाने से छोड़ दिया। शुक्रवार को राघव के खिलाफ आखिरकार पुलिस ड्यूटी में बाधा डालने का मामला दर्ज कर लिया गया।
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मेयर व सीपीएस भंडारी पहुंचे डीसीपी के पास, बोले गनर का कसूर
मेयर सुनील ज्योति व सीपीएस केडी भंडारी शुक्रवार को डीसीपी हरजीत सिंह के कार्यालय पहुंचे और कहा कि राघव ज्योति का कोई कसूर नहीं है। मेयर ने अपनी तरफ से शिकायत दी कि उनका बेटा राघव बेकसूर है, उसको क्लीन चिट दी जाए। यह मामला धक्के से दर्ज किया गया है। डीसीपी हरजीत सिंह ने इसकी जांच एसीपी सेंट्रल को सौंप दी है।
जज के गनर के खिलाफ शिकायत
वहीं राघव ज्योति के नाना किशन लाल व नानी की तरफ से भी अलग शिकायत डीसीपी को की गई है, जिसमें गनर नरिंदरजीत व जज की गाड़ी के चालक देसराज पर निशाना साधा गया है। दोनों का कहना है कि वह अपने दोहते के साथ दवा लेने के लिए जा रहे थे कि जज के गनरों ने गाड़ी की चाबी निकाल ली और उनको रिक्शा कर जाना पड़ा। वह सीनियर सिटीजन हैं और पुलिस ने उनके साथ बदसलूकी की है, जिसकी जांच एडीसीपी क्राइम विवेकशील सोनी को सौंपी गयी है।