फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   constable posted in PAP arrested in fraud case

Jalandhar: किसान के बेटा-बेटी को वर्क परमिट पर कनाडा भेजने का दिया झांसा, पीएपी में तैनात कांस्टेबल गिरफ्तार

Wed, 26 Feb 2025 10:55 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 26 Feb 2025 10:55 AM IST
सार

थाना कैंट में बीते साल 30 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था। केस में बलकार की बेटी लवजोत कौर, भतीजी हरविंदर कौर वासी गांव बेजा (गुरदासपुर) और बटाला की रहने वाली संदीप कौर की तलाश की जा रही है। 

विज्ञापन
constable posted in PAP arrested in fraud case
ठगी का आरोपी गिरफ्तार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जालंधर में ठगी के आरोपों में पीएपी की 80 बटालियन में तैनात कांस्टेबल बलकार सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। कांस्टेबल पर किसान रणजोध सिंह के बेटे-बेटी को वर्क परमिट पर कनाडा भेजने का झांसा देकर 18 लाख 15 हजार 220 रुपये की ठगी का आरोप है। 

विज्ञापन


थाना कैंट में बीते साल 30 दिसंबर को केस दर्ज किया गया था। केस में बलकार की बेटी लवजोत कौर, भतीजी हरविंदर कौर वासी गांव बेजा (गुरदासपुर) और बटाला की रहने वाली संदीप कौर की तलाश की जा रही है। 
विज्ञापन


कमिश्नर को दी शिकायत में आदमपुर के किसान रणजोध सिंह ने कहा था कि उसकी बेटी जसप्रीत कौर नर्सिंग का कोर्स कर रही थी। उसकी क्लास में लवजोत कौर थी। उसने बताया था कि वे लोग कनाडा भेजने का काम करते हैं। इसलिए वह पीएपी के सरकारी क्वार्टर में रहते बलकार सिंह और उनकी बेटी से मिले थे। बलकार ने उसे बताया था कि वह पीएपी की 80 बटालियन में तैनात है और 30 लाख रुपये बेटी को कनाडा भेजने का सौदा तय हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद उसने बेटे-बेटी का पासपोर्ट दे दिया था। करीब 18 लाख 15 हजार 220 रुपये वह दे चुका था। इनमें से 4 लाख रुपये लवजोत के खाते में तो 5 लाख रुपये उसकी ममेरी बहन हरविंदर कौर के खाते में ट्रांसफर किए गए थे। काफी समय बीत जाने के बाद भी बेटा-बेटी को कनाडा नहीं भेजा, जब वे बलकार के घर गए तो बताया गया कि उनका काम बटाला में रहती उनकी रिश्तेदार संदीप कौर करवा रही है। इसके बाद वह भी आ गई थी। 


कुछ समय बाद बलकार ने फोन करके बताया कि उनका काम नहीं हुआ है। इसके बाद बीते साल 10 अगस्त को बेटे-बेटी के पासपोर्ट लौटा दिए थे। उन्हें कहा कि पैसे 15 सितंबर को लौटा देंगे। काफी समय बीत जाने के बाद भी पैसे नहीं दिए थे। मामले की जांच के दौरान बलकार की पत्नी को क्लीन चिट दे दी गई थी।

 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed