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पीटीयू घोटाले में पूर्व मंत्री अनिल जोशी का भी रोल, बेटे के खाते में डाले गई थी मोटी रकम

Sat, 13 Jan 2018 10:29 PM IST
Updated Sat, 13 Jan 2018 10:29 PM IST
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पीटीयू घोटाले में पूर्व मंत्री अनिल जोशी का भी रोल, बेटे के खाते में डाले गई थी मोटी रकम
पीटीयू घोटाले में पूर्व मंत्री अनिल जोशी का भी रोल
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
पीटीयू के पूर्व वीसी रजनीश अरोड़ा की गिरफ्तारी व घोटालों से पर्दा उठाने में अहम भूमिका अदा करने वाली एंटी करप्शन सोसाइटी ने पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह व विजिलेंस चीफ से जांच का दायरा बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि इसमें पूर्व निकाय व तकनीकी शिक्षा मंत्री अनिल जोशी को भी शामिल कर गिरफ्तार किया जाए, जिसका इस घोटाले में अप्रत्यक्ष रूप से रोल रहा है। आरोप है कि मंत्री के नाबालिग बेटे के खाते में करोड़ों की राशि ट्रांसफर कर निकलवाई गई, जिसकी जांच जरूरी है और सच जनता के सामने आना चाहिए।
एंटी करप्शन सोसाइटी के प्रधान जेके आनंद, चेयरमैन राकेश भटेजा, अश्वनी शर्मा टीटू, यश पहलवान ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 2011 में ही पीटीयू में घालमेल शुरू हो गया था। 19 मार्च 2011 को सोसाइटी द्वारा शिकायत पंजाब के राज्यपाल को की गई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसलिए हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर अवैध ढंग से हो रही नियुक्तियों के खिलाफ आवाज उठाई थी और 14 नवंबर 2011 को हाईकोर्ट ने नियुक्तियों पर स्टे जारी कर दिया था लेकिन इसके बावजूद रजनीश अरोड़ा ने राजिंदर व प्रवीण कुमार की नियुक्ति कर डाली और छह माह में ही सात करोड़ की राशि प्रवीण कुमार को जारी कर दी गई।
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पीटीयू के बीओजी को कोर्ट में आकर लिखित रूप से माफी मांगनी पड़ी लेकिन फिर भी तत्कालीन वीसी रजनीश अरोड़ा ने अपनी मनमानी जारी रखी। रजनीश अरोड़ा ने कपूरथला के भाजपा नेता नरोत्म देव रत्ती की बेटी नित्या जोकि उस समय हिंदू कन्या कालेज कपूरथला में महज 4700 रुपये में नौकरी कर रही थी, उसको पीटीयू का डिप्टी कंट्रोलर बना डाला और 48 हजार रुपये प्रति माह पगार शुरू कर दी। नित्या को जो गाड़ी पीटीयू द्वारा इस्तेमाल करने की दी गई थी, वह बैजनाथ स्थित उसके ससुराल वाले चला रहे हैं। इतना ही नहीं नित्या के पति को भी पीटीयू में उत्तर पुस्तकाओं की डाटा एंट्री का ठेका दे दिया गया। दो रुपये प्रति कापी डाटा एंट्री का ठेका दिया गया, जबकि यह कार्य तो पीटीयू के मुलाजिमों को करना होता है, उनकी ड्यूटी है। पीटीयू में दो बार परीक्षाएं होती हैं और 16 से 20 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की डाटा एंट्री होती है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि भाजपा नेता नरोत्म देव रत्ती के दामाद ने कैसे वारे न्यारे किये हैं।
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गीत ने सारी फाइलों पर हस्ताक्षर किए
सोसाइटी के प्रधान आनंद ने कहा कि इस पूरी एफआईआर में थापर कालेज में तैनात रह चुकी गीत को भी नजरअंदाज किया गया है। गीत को थापर कालेज से रजनीश अरोड़ा पीटीयू ले आए थे, जहां पर उसके पास डीआर (एच) की जिम्मेदारी थी। गीत को यह फाइनल करना होता था कि रजनीश अरोड़ा जो नियुक्ति कर रहे हैं वह वैध या अवैध। गीत ने सारी फाइलों पर हस्ताक्षर किए, इसलिए इसे कैसे बचाया जा सकता है। सोसाइटी के पदाधिकारियों ने कहा कि पीटीयू के पूर्व वीसी की गिरफ्तारी से अनिल जोशी इसलिए तिलमिलाए हैं, क्योंकि घोटाले में उनका भी हाथ था। इसलिए सारी जांच कर जोशी को गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रिंटिंग व आडिट में भी बड़े स्तर पर घालमेल हुआ है। इसकी पूरी जानकारी निकलवाई जा रही है और जिन लोगों ने घोटाला किया है, उनकी शिकायत कर केस दर्ज किया जाएगा।
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