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मरीज की मौत के बाद भी रूपए मांगने को लेकर अस्पताल में हंगामा
Updated Thu, 04 Oct 2018 10:26 PM IST
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मरीज की मौत के बाद भी रुपये मांगने पर अस्पताल में हंगामा
डॉक्टरों ने कहा, मरीज जिंदा, उनके पास है मरीज के जिंदा होने का सबूत
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। लिंक रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि मरीज की मौत होने के बावजूद अस्पताल वाले उसे अस्पताल में रखकर उनसे पैसे मांग रहे हैं। डॉक्टरों ने जानबूझ कर पैसे बनाने के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर डाल रखा है।
मरीज की बहन रिंपी का कहना है कि उसके भाई मनी की मौत हो चुकी है। डॉक्टर ने उसे जान-बूझकर पैसे बनाने के लिए ऑब्जर्वेशन में डाला हुआ है। वह गरीब लोग हैं और अब तक इलाज के लिए 3 लाख रुपये अस्पताल को दे चुके हैं। मामले के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीज का नाम मनी (22) पुुत्र प्यारे लाल निवासी खुरला किंगरा है। 22 सितंबर को चुनमुन चौक में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद 23 तारीख को उसे ग्लोबल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का ब्रेन डेड है। बाकी शरीर काम कर रहा है। मामले की जांच थाना 4 की पुलिस कर रही है।
अस्पताल पर लगे आरोपों पर अस्पताल के डॉक्टर नवजोत दहिया ने कहा कि अस्पताल ने मरीज के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मरीज की मौत नहीं हुई है वह जिंदा है। अस्पताल में हंगामे के बाद वह मरीज को इलाज के लिए सिविल अस्पताल दाखिल करवा आए हैं। मरीज जिंदा है इसकी उनके पास सिविल अस्पताल की रसीद भी है। अस्पताल पर 3 लाख लेने के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज के किसी परिजन से अस्पताल ने रुपये लिए हैं तो वह उनको रसीद दिखा दे।
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डॉक्टरों ने कहा, मरीज जिंदा, उनके पास है मरीज के जिंदा होने का सबूत
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। लिंक रोड स्थित ग्लोबल अस्पताल में एक मरीज के परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि मरीज की मौत होने के बावजूद अस्पताल वाले उसे अस्पताल में रखकर उनसे पैसे मांग रहे हैं। डॉक्टरों ने जानबूझ कर पैसे बनाने के लिए मरीज को वेंटिलेटर पर डाल रखा है।
मरीज की बहन रिंपी का कहना है कि उसके भाई मनी की मौत हो चुकी है। डॉक्टर ने उसे जान-बूझकर पैसे बनाने के लिए ऑब्जर्वेशन में डाला हुआ है। वह गरीब लोग हैं और अब तक इलाज के लिए 3 लाख रुपये अस्पताल को दे चुके हैं। मामले के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीज का नाम मनी (22) पुुत्र प्यारे लाल निवासी खुरला किंगरा है। 22 सितंबर को चुनमुन चौक में एक अज्ञात वाहन की टक्कर से वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद 23 तारीख को उसे ग्लोबल अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि मरीज का ब्रेन डेड है। बाकी शरीर काम कर रहा है। मामले की जांच थाना 4 की पुलिस कर रही है।
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अस्पताल पर लगे आरोपों पर अस्पताल के डॉक्टर नवजोत दहिया ने कहा कि अस्पताल ने मरीज के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी है। मरीज की मौत नहीं हुई है वह जिंदा है। अस्पताल में हंगामे के बाद वह मरीज को इलाज के लिए सिविल अस्पताल दाखिल करवा आए हैं। मरीज जिंदा है इसकी उनके पास सिविल अस्पताल की रसीद भी है। अस्पताल पर 3 लाख लेने के आरोप बेबुनियाद हैं। मरीज के किसी परिजन से अस्पताल ने रुपये लिए हैं तो वह उनको रसीद दिखा दे।
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